आकर्षण वशीकरण मंत्र

आकर्षण वशीकरण मंत्र


आकर्षण वशीकरण मंत्र- संबंध की सहजता और आपसी प्रेम की मधुरता बनाए रखकर ही रिश्ते में सुखद अनुभूति प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए आपसी आकर्षण और सम्मोहन, या कहें वशीकरण को बनाए रखना जरूरी होता है। चाहे कोई व्यक्ति पत्नी हो, प्रेमिका हो, प्रेमी हो, कोई अन्य सगा-संबंधी, या फिर नौकरी में वरिष्ठ अधिकारी, सहकर्मी, कारोबारी सहयोगी इत्यादि हों, उनके जीवन में ‘आकर्षण वशीकरण मंत्र’ काफी महत्वपूर्ण होता है। इसी तरह माता-पिता, संतान और गुरु को अपने प्रति आकर्षण बनाए रखने के लिए भी वशीकरण के तरीके अपनाए जा सकते हैं।

आकर्षण वशीकरण मंत्र

आकर्षण बनाने या पाने के लिए कोई तिलक लगाता है, कोई सिद्धियां कर लंबे समय तक मंत्र जाप करता है, कोई टोटके अपनाता है, तो कुछ तांत्रिक या वैदिक अनुष्ठान के जरिए कठिन साधनाएं करते हैं, या कुछ लोग शाबर मंत्रों और यंत्रों का भी सहारा लेते हंै। वास्तव में ये सारी प्रक्रियाएं व्यक्ति को आत्मविश्वास बढ़ाने वाली होती हैं, जो उसे हर मोर्चे पर संभालती है। सहयोग करती है। समस्याओं को दूर करती हैं। विभिन्न आध्यात्मिक व धार्मिक शास्त्रों में अलग-अलग तरह की जरूरतों के मुताबिक आकर्षण वशीकरण के मंत्र बताए गए हैं। प्रस्तुत हैं कुछ महत्वपूर्ण मंत्रः-

छोटा आकर्षण वशीकरण मंत्रः सबसे कम शब्दों का सरल मंत्र ‘ह्रीं’ अचूक असर देता है। इससे राई या पीली सरसों को अभिमंत्रित कर उसे जिस किसी स्त्री के ऊपर डाला जाए, वह वशीभूत हो जाती है। दूसरे मंत्रों की साधना-सिद्धि के समय इसके साथ उच्चारण करने से उसकी क्षमता बढ़ती है। यही कारण है कि कई मंत्रों के साथ इसका भी जाप किया जाता है।

आकर्षण के सूर्य मंत्रः ग्रहों में सबसे ताकतवर सूर्य की मान्यता एक प्रभावशाली सर्वशक्तिमान देव की तरह है, जिनकी नियमित उपासना कर मनोवांछित लाभ मिलते हैं। यही कारण है कि वशीकरण या आकर्षण के सूर्य मंत्र काफी उपयोगी होते हैं, जो इस प्रकार हैः-

ऊँ नमा भगवते श्रीसूर्याय ह्रीं सहस्त्र-किरणाय ऐं अतुल बल पराक्रमाय

नव ग्रह दश दिकृ पाल लक्ष्मी देव वाय,

धर्म कर्म सहितायै अमुक नाथय नाथय,मोहय मोहय,

आकर्षय आकर्षय, दासानुदासं कुरु कुरु, वश कुरु कुरु स्वाहा।

इस मंत्र का लाभ सूर्यदेव का ध्यान करने और विधिवत पूजा के बाद 108 बार जाप करने से लिया जा सकता है। इस सिलसिले में जिस किसी के प्रति अपना आकर्षण बढ़ाना हो, या जिसका आकर्षण पाना हो उसका अमुक शब्द की जगह वश में लाने वाले व्यक्ति का नाम लेकर लगातार नौ दिनों तक जाप करने से वशीकरण की महत्वाकांक्षा पूर्ण होती है।

प्रेम पाश के मंत्रः प्रेमियों को सर्वाधिक चिंता उनके प्रेम-संबंध की मधुरता को लेकर रहती है। वे कदापि नहीं चाहते कि उसमें रत्ती भर भी कमी आने पाए। वे हर पल प्रेम पाश के बंधने का ऐहसास चाहते हैं। यह दिए गए एक मंत्र से संभव है, जिसके प्रयोग से पहले शुभ समय में 21,000 बार जाप कर सिद्ध करना होता है। उसके बाद अमुक शब्द के स्थान पर प्रिय का नाम लेकर प्रतिदिन 108 बार जाप करने से वशीकरण को हासिल किया जा सकता है। इस तरह से बनने वाला आकर्षण अमिट और संबंध पर अटूट प्रभाव लिए होता है। इस प्रयोग को दंपति भी अपने जीवनसाथी के प्रेम पाश में बंधे रहने और एक-दूसरे के प्रति निश्छल विश्वासी बनाए रहने के लिए कर सकते हैं।

मंत्रः ऐं पिन्स्थां क्लीं काम-पिशाचिनी शिघ्रं ‘अमुक’ ग्राह्य ग्राह्य,

कामने मम रुपेण वश्वैः विदारय विदारय, द्रावय , द्रावय,

प्रेम-पाशे बन्धय, ऊँ श्रीं फट्!

कामदेव मंत्रः प्रेम की मधुरता का ऐहसास तभी हो सकता है, जब दिल-दिमाग में आकर्षण की संवेदनशीलता का सतत प्रवाह बना रहे। इसके लिए कामदेव का एक छोटा सा मंत्र बहुपयोग साबित हो सकता है। वह मंत्र है- ‘क्लीं’। इसे प्रतिदिन जाप करने से सामने वाला व्यक्ति में संवेदनाओं का तूफान उमड़ पड़ता है, जिससे वह व्यक्ति काफी हद तक सम्मोहित हो जाता है और आप उसकी सांसों में जा बसते हैं और हर पल आपकी यादों को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर लेता है। इस मंत्र का जाप 21 दिनों तक प्रतिदिन प्रातः 108 बार करना चाहिए। इस दौरान कामदेव की उपसना श्रद्धा भाव के साथ करने से श्रेष्ठ लाभ मिलता है, लेकिन कुछ हिदायतें भी मननी जरूरी है। जैसे मंत्र जाप स्नान के बाद करें और दौरान मांशाहार का सेवन नहीं करें।

इसके अतिरिक्त दांपत्य जीवन में प्रेम को बढ़ाने में कामदेव का निम्न मंत्र उपयोगी है, तो कुवांरे व्यक्ति को सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। यह मंत्र यौनाकर्षण और यौन-क्षमता बढ़ने मंे भी उपयोगी है।

ऊँ कामदेवाय विद्य्हे, रति प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात्।

पांच अक्षरी मंत्रः तंत्र-मंत्र के जानकारों के अनुसार पांच अक्षर के नीचे दिए गए दो तरह के मंत्रों के 108 बार जाप से तत्काल असर होता है। इसे जिस किसी व्यक्ति के ध्यान में रखकर जाप किया जाता है वह खींचा चला आता है। तांत्रिकों का दावा है कि जिस किसी व्यक्ति को अकर्षित करना हो उसे स्मरण करते हुए 15 दिनांे तक नियमित जाप करने से कठोर-से-कठोर हृदय का व्यक्ति भी आकर्षित हुए बिना नहीं रहता है।

मंत्र: 1. ऊँ हुं ऊँ हुं ह्रीं! 2. ऊँ ह्रों ह्रीं ह्रां नमः!

शाबर मंत्रः आकर्षण वशीकरण मंत्र के रूप मंे कामदेव को श्रेष्ठ देव माना गया है। इनके जहां वैदिक मंत्र हैं, वहीं शाबर मंत्र भी हैं। जिसके जाप से मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के आकर्षण का लाभ मिलता है। अर्थात प्रेम की प्रगाढ़ता संबंधी आकर्षण शक्ति बढ़ती है तो यौन क्षमता में भी वृद्धि हाती है। परंतु हां, इसका अनैतिक उपयोग मनावैज्ञानिक हलचल पैदा कर सकता है। मंत्र हैः-

ऊँ नमो भगवते कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि

यस्य यस्त मम मुंखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा।

शुक्र आकर्षण वशीकरण मंत्र: प्यार का आकर्षण के साथ संगम तब और बढ़ जाता है जब सौंदर्य का भी साथ मिले। सुंदरता दैहिक और शारीरिक दोनों तरह की हो सकती है। इसके लिए दिए गए शुक्र मंत्र का नियमित जाप काफी उपयोगी है।

मंत्र हैः- ऊँ द्राँ द्रीं द्राँं सः शुक्राय नमः! ऊँ शं सम्मोहनाय फट्!! आकर्षण वशीकरण का यह अनूठा मेंत्र है।

गणेश आकर्षण वशीकरण मंत्र : भगवान गणेश भी आकर्षित करने वाले सौंदर्य प्रदान करने वाले देवता माने गये हंै, इसलिए सम्मोहन या आकर्षण बढ़ाने में गणेश मंत्र का जाप भी काफी उपयोगी है, जिसे दैनिक स्तर पर किए जाने वाले सामान्य पूजा-उपासना के दौरान किया जाना चाहिए। वशीकरण का उनका सुप्रसिद्ध मंत्र इस प्रकार हैः-

ऊँ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरदं सर्व जनं मे वशमानाय स्वाहा!!

नवरात्री आकर्षण वशीकरण मंत्र: जिस किसी व्यक्ति को बुलाने या सम्मोहित करना हो उसके लिए उसकी तस्वीर की कल्पना या स्मरण करते हुए नवरात्री के विशेष मंत्र का 11,000 या सवालाख बार जाप करने से अचूक परिणाम आता है। इस जाप को लाल आसन और लाल परिधान में लाल फूल के साथ करना काफी सरल है। मंत्र हैः ज्ञानिनापि चेतांसि, देवी भगवती ह्री सा,

बलादाकृष्य मोहाय, महामाया प्रयच्छति!

इसके अतिरिक्त निम्न मंत्र का मन में ही इच्छित व्यक्ति के नाम 10,000 जाप कर उसे अपन प्रति आकर्षित किया जा सकता है।

मंत्रः ऊँ चामुण्डे ज्वल-ज्वल प्रज्वल-प्रज्वल स्वाहा!!

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