स्त्री वशीकरण करने के उपाय

स्त्री वशीकरण करने के उपाय


स्त्री वशीकरण कैसे, कहाँ और कब-कब: ऐसा कहा जाता है की जब घी सीधी उंगली से ना निकले तो उंगली टेड़ी करनी पड़ती है। इसी तरह हम लोगों के जीवन में कई बार ऐसा समय आता है जब हम अपना जीवन सुख शांति से व्यतीत नहीं कर पते। इसके कारण बहुत हो सकते हैं चाहे घर में कलह, दफ्तर में परेशानी, कोई पड़ोसी की दख्लं अंदाज़ी कुछ भी हो सकता है।

स्त्री वशीकरण करने के उपाय

और अगर मुजरिम औरत हो तो सीधे तरह बात कर पाना और भी मुश्किल साबित हो जाता है, इसलिए ऐसे में किस किस तरह के उपाय किये जा सकते हैं? स्त्री वशीकरण के लिए? इन्हें आज मैं आपके समक्ष रखूँगा।

सबसे पहले सबसे सरल और सहज उपाय बताये जाएं, जो करने में आसान हों और असरदार भी हों – पहला उपाय है की पूर्व-फाल्गुनी नक्षत्र में अनार के पेड़ से लकड़ी तोड़ लाएं और उसे धूप बत्ती दिखाएं इसके बाद उसे अपने दाएं हाथ पर बाँध लें, इससे आपकी बात चलने लगेगी और वशीकरण हो जायेगा।

दूसरा तरीका है की, ११०० बार इस मंत्र को जप कर स्त्री को पान खिलाएं, मंत्र है “स्त्री का नाम जय जय सर्व व्यननमः स्वाहा “

एक और तरीका है, एक महीने में दो पक्ष होते हैं – शुक्ल पक्ष जब चन्द्रमा बढ़ता है (पूर्णिमा तक) और कृष्ण पक्ष जब चन्द्रमा घटता है (अमावस्या तक), तो शुक्ल पक्ष में जब रविवार पड़े तो पांच लौंग शरीर के किसी ऐसे स्थान पर रखें जहाँ पसीना आता हो, फिर इसके बाद उसे धूप में सुखाकर चूर्ण बना लें,इसके बाद स्त्री को चाय या पानी में मिला कर पिला देने से स्त्री वश में हो जाती है।

चौथा तरीका है की पीली हल्दी लें, थोड़ा गाय का घी लें, गो-मूत्र लें, सरसों व पान के रास को एक साथ लेकर पीसें और शरीर पर लगाएं, स्त्रियां वश में आ जाती हैं।

पांचवा तरीका है कुछ कनेर के फूल लें और गौघृत मिलाएँ, वशीकरण यन्त्र रखें व आकर्षण मंत्र का जप करें। आप जिसका भी नाम १०८ बार लेकर जप करेंगे वो सात दिन में वशीभूत हो जायेगा।

छठा तरीका है की एक बिना किसी दोष का शंख लें और उसमें जल भरकर किसी लकड़ी के स्टूल पर रख दें, अपने सामने शंख रखकर निम्नलिखित मंत्र ११८८ बार उच्चारित करें – ॐ नमः रुद्राय ब्रं ब्रं ब्रं वशम् कुरु कुरु स्वाहा। अब इस शंख के जल को किसी तरह उस युवती को पिला दें तो काम बन जायेगा।

सातवां तरीका है की एक नारियल लें और उसमें से उसका छिलका ऐसे निकालें की कोई टूट-फुट न हो, फिर उसके मुख को चाक़ू से कुरेद कर छेद करें और उसमें घी भर दें, फिर उसे आँटे से बंद करके आग पर पकाएं, इससे वशीकरण हो जायेगा।

आठवां तरीका है की उस स्त्री के वस्त्र या बाएं पैर के मोजा को लें और मोहिनी मंत्र पढ़ते हुए उसे खरल में कूटें। फिर उसमें अपनी अनामिका ऊँगली या सबसे छोटी ऊँगली का रक्त के साथ और लौंग के पांच फूल के साथ मंत्र पढ़ कर मिलाएं, और फिर तब तक कूटें जब तक कपड़ा धागा धागा-धागा न हो जाये।

फिर इन धागों की बत्तियां बनाएं और चमेली का तेल मिला कर दीपक बनाएं, अब मिट्टी के दीये में इस बत्ती को रखें और भैरवी चक्र बनाएं, फिर बीच में दीपक की लौ जल के मंत्र जाप करें। हर रोज़ अगले २१ दिनों तक मंत्र जाप ११८८ बार करना होगा और हर रोज़ बत्ती बदलनी होगी।

२१ दिनों में स्त्री आपके आपे में होगी।

अगला तरीका है उन धागों की बत्ती ना बनाएं बल्कि उन्हें कूटनें के बाद नीम के पेड़ की जड़ के पास गाड़ दें। २१ दिनों तक हर रोज़ ११८८ बार वहां रात को जाकर काली का मंत्र जपें और सवेरे अपना पहला मूत्र उस गड़े धागे के पास करें।

एक अनूठा तरीका है “स्त्री का नाम जय जय सर्व व्यननमः स्वाहा “ की पांच माला २१ दिन तक करें तो फायदा होगा।

उसके बाद एक और तरीका है की औरतों की बिंदी लें और उसमें बबूल के गोंद और अपना वीर्य मिला दें। बिंदी पर कोट करें और उसे अँधेरे में रखकर धुप बत्ती दिखाएं। बिंदी को तांबे की डिबिया में रखें और माँ काली की तस्वीर या मूर्ती के सामने ज़मीन में गाड़ दें, अब उसके ऊपर दीपक जलाकर रखें।

इस दीपक में सरसों का तेल डालें और ११८८ बार इस मंत्र को उच्चारित करें – ॐ नमः कालिकाय कालरूप रक्तबीज नाशिनी मम कामना पूर्ती कुरु कुरु स्वाहा। २१ दिन पूरे होने पर यह बिंदी उस स्त्री तक पहुंचा दें और पहनवा दें, वह आपके वश में आ जाएगी।

अगर स्त्री पत्नी है और मांगलिक है तो तो जीवन में कलह और लड़ाई झगड़ा आ जाता है, ऐसे में आप कई कदम उठा सकते हैं पहले इस दोष को हटाने के लिए और फिर वशीकरण कारने के लिए – मंगलवार को दोनों या एक व्रत रहें, हनुमान जी को लाल बूंदी और सिन्दूर व चोला चढ़ाएं। मीठी रोटी जो तंदूर में बनी हों को दान में दें, मंगलवार के दिन सात मुट्ठी रेवड़ी बहती नदी में प्रवाहित करें।

मंगल व केतु के केतु दुष्प्रभाव से होने वाले दोष के लिए रक्तदान करें। बिना जोड़ का चांदी का छल्ला पहन लें। एक और अच्छा मंत्र है “ॐ ठः ठः ठः ठः स्त्री का नाम वशमा स्वाहा: ह्रीं क्लीं श्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा:” इस मंत्र को रविवार के दिन ११००० बार उच्चारित करने से सिद्ध होता है।

२५० ग्राम जाऊ का आता पीस कर रोटी बनाएं, उसे फिर एक तरफ धीमी-धीमी आंच पर सेंकें, ध्यान रहे की सिर्फ एक तरफ ही रोटी सेकें, दोसरी तरफ कच्चा छोड़ दें, उस कच्ची तरफ सिन्दूर का तिलक लगाएं और मीठा और दही रखें, इस तरह रखें की रोटी पूरी तरह ढक जाये।

अब इस रोटी को “ॐ ठः ठः ठः ठः स्त्री का नाम वशमा स्वाहा: ह्रीं क्लीं श्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा:” १०८ बार कह के दो में तोड़ कर काले कुत्ते को खिला दें, आपने जिस स्त्री के लिए ये किया है वह अवश्य ही प्रभावित होकर आपकी ओर खिंची चली आएगी।

इस तरह मैंने आपके समक्ष कई नुस्खे, टोटके, मंत्र और यन्त्र रखें हैं, मेरी आशा यह नहीं की आप इसका दुरूपयोग करें और किसी को परेशान करें बल्कि, अगर किसी परिस्थिति में विचलित हैं और उपाय ढूंढ रहे हैं तो मैं आपकी मदद कर पाऊं।

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