अघोरी वशीकरण मंत्र तांत्रिक साधना

अघोरी वशीकरण मंत्र तांत्रिक साधना


म्मेहन या अघोरी वशीकरण मंत्र साधना कोई सहज और सरल प्रक्रिया नहीं है। यह असाधारण प्राचीन विद्या और साधना से ही संभव है, जिससे सम्मोहन के कई फायदे लिए जा सकते हैं। इसके लिए तंत्र-मंत्र के विशेषज्ञ की मदद लेनी पड़ती है। कई तांत्रिक तरीके में अघोरी वशीकरण बहुत ही मुश्किल और जटिल है। इसकी सिद्धि अघोरपंथ के साधुओं द्वारा कठीन व दुष्कर साधन से की जाती है। तंत्र-साधना के कुल आठ कर्म बताए गए हैं। वशीकरण उन्हीं अष्टकर्मों में से एक है। दूसरे कर्म सिद्धिकर्म, शांतिकर्म, रोगनाशककर्म, विद्वेषण, स्तंभन, उचाटन और मारण कर्म हैं। विभिन्न कार्यों के लिए वशीकरण मंत्रों को प्रयोग काफी सतर्कता के साथ करने की सलाह दी गई है। यही कारण है कि इसे सामान्य जीवनयापन वाले व्यक्ति को खुद करने से बचना चाहिए है।

क्या अघोरी वशीकरण?
अघोरी वशीकरण को जानने से पहले अघोरी के बारे में जान लेना जरूरी है। समान्य रूप से अघोरी वह व्यक्ति होता है, जिसके लिए अच्छे-बुरे, मोह-माया, सुगंध-दुर्गंध, प्रेम-नफरत, स्वाद-बेस्वाद आदि के कोई मायने नहीं रखते हैं। उनके लिए सभी आहार की वस्तुओं के स्वाद पानी की तरह बेस्वाद होते हैं। वे भीड़-भाड़ से दूर वैराग्य जीवन गुजारते हैं। उनका निवास श्मशान या निर्जन पहाड़ों की कंदराओं-गुफाओं या फिर जंगलों मे होता है।

उनमें अपने-पराए का जरा भी बोध नहीं होता है। सामान्य जीवन व्यतीत करने वाला व्यक्ति जिन वस्तुओं से घृणा करता है, अघोरी उन्हीं वस्तुओं को पसंद करते हैं। अर्थात उनके प्रिय वस्तुओं में श्मशान में चिता की राख, शव, मांस, मदिरा, कफन आदि है। अनोखे फक्कड़ अंदाज में जीवन व्यतीत करने वाले अघोरी को ही औघड़ कहा जाता है। इनके द्वारा की जाने वाली साधना शैव संप्रदाय की कहलाती है, जिनका अपना अलग विधि-विधान होता है। उसमें वैदिक रीति-रिवाज नहीं अपनाया जाता है, लेकिन तेज आवाज में मंत्रोच्चारण को महत्व दिया जाता है। साधना का स्थान कोई भी श्मशान हो सकता है। शक्तिपीठों, कामाख्यापीठ, बगुलामुखी, काली और भैरव के मुख्य स्थानों के पास के श्मशान साधना के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। मान्यता के अनुसार इसके लिए दुनिया में सिर्फ चार श्मशान ही मुख्य हैं, जहां पराशक्तिओं को अपने वश करने की साधनाएं की जा सकती हैं। ये श्मशान पश्चिम बंगाल के तारापीठ, असम के कामाख्या, नासिक के त्रयंबकेश्वर और उज्जैन में महाकालेश्वर के हैं।

अघोर वशीकरण साधना
यह साधना वशीकरण के लिए काफी उच्च कोटि की मानी गई है। इससे किसी को भी अपने वश में लाया जा सकता है। इसे किसी भी सोमवार की रात्रि में ग्यारह बजे के बाद शुरू किया जाता है।

इसके लिए विशेष मंत्र हैः- ओम आघारेभ्यों घोरेभ्यों नमः

इस मंत्र को काजल लगे स्टील या लोहे की थाली में उंगली से लिख दिया जाता है। थाली पर जिसे व्यक्ति को वश में करने होता है उसका परिधान का एक टुकड़ा बिछा दिया जाता है। ऐसा संभव नहीं होने की स्थिति में कोई नया कपड़ा भी बिछाया जा सकता है। उसके ऊपर व्यक्ति का नाम सिंदूर से लिख दिया जाता है। उसके बाद भगवान शिव की तस्वीर के साथ उस व्यक्ति की तस्वीर भी रखी जाती है। इस तैयारी के उपरांत जाप रुद्राक्ष या काली हकीक की 51 माला से एक खास मंत्र का जाप किया जाता है। वह मंत्र है – शिवे वश्ये हुं वश्ये अमुक वश्ये हुं वश्ये शिवे वश्ये वश्य्मे वश्य्मे फट! यहां अमुक शब्द के स्थान पर व्यक्ति का नाम उच्चारित किया जाता है।

मंत्र का जाप पूरा होने पर संभव है कुछ विचलित होने जैसी का असहजता का सामना करना पड़े। यह आपकी सफलता का द्योतक हो सकता है।

वशिकरण मंत्र
विभिन्न कार्यों के लिए कुछ वशीकरण मंत्र इस प्रकार हैंः-

  1. कामाक्षी वशीकरण मंत्रः ओम नमः कामाक्षी देवी नारी में वशं कुरु-कुरु स्वाहा। इस मंत्र में देवी के बाद कन्या का नाम लिया जाना चाहिए।
  2. चमुंडा वशीकरण मंत्रः ओम नमो अघोरे ही अघोरे हुं घोर घोरतरे सर्व सर्वे
    नमस्ते रूपे हः एं ह्रीं हीं क्लीं चामुंडाये विच्चे विच्चे
    नवाक्षार चंडीमात्रेण निमंख्येत्तच बलिपूर्वकम्।
  3. काल भैरव वशीकरण मंत्रः
    ओम नमो काली भैरव निशि राती काल आया आधा
    राती चलती कतार, बंधे तू बावन बार पर नारी से राख,
    गीर मन पकरी बाको लो सोवति को जगाय लावे
    बैठी को उठाय लावे फुरो मंत्र इश्वरो वाचा।

एक अन्य साधना काम-साधना की होती है, जिसे तांत्रिक ही करते हैं और वे इसके द्वारा स्त्रियों को अपने वश मं कर लेते हैं। उनका कहना होता है कि इस साधना से उनके परिवार में खुशियां ही खुशियां बरसेंगी और जीवनसाथी की आयु लंबी होगी या फिर उनका कारोबार अच्छा चलेगा। कई बार इसका फायदा उठाकर ढोंगी तांत्रिक यौनाचार की घटनाओं को अंजाम दे डालते हैं। ऐसे झूठे तांत्रिक की पहचान जरूरी है। इस कारण यह साधन उपयुक्त नहीं मानी गई है। ज्यादातर जालसाज तांत्रिक वशीकरण की पूजा होली की पहली रात को करते हैं।

अघोर वशीकरण शक्ति को तुरंत फलित होने वाला बताया गया है। इस शक्ति के प्रयोग से निम्न कार्यों में सफलता हासिल की जा सकती है।

· पसंदीदा जीवनसाथी प्राप्त करना। इससे प्रेम करने वालों की राह में आई बाधाएं दूर की जा सकती है, तो यह यह प्रेमियों के लिए अचूक उपाय साबित होता है। दांपत्य जीवन में आपसी वशीकरण की क्षमता हासिल करने में मदद मिलती है।

· कार्यक्षेत्र में किसी खास व्यक्ति या समूह में लोगों को वशीभूत किया जा सकता है।

· मूल दायित्व या संबंधों की सहजता और पारिवारिक-सामाजिक सरोकार से भटके हुए पति या पत्नी को वशीभूत करने के लिए।

· अपने सास-ससुर को संबंध के तकाजे पर सकारात्मक रवैया अपनाने के सिलसिले मं वशीकृत करना, ताकि दांपत्य जीवन को निर्वाधित तरीके से संवारने में किसी अप्रत्यक्ष अड़चन को दूर किया जा सके, या फिर भावनात्मक अवरोधों के शिकार होने से बचा जा सके।

· कार्यस्थल पर अपने वरिष्ठ अधिकारी को अपने वश में रखना अर्थात उन्हें अपनी कार्य-दक्षता से खुश रखना।

· शत्रुओं को पराजित करना या उनपर नियंत्रण पाने के लिए वशीकरण के तरीके को अपनाना।

· अपनी संतान को बुरी नजारों से बचाना या फिर उन्हें गलत संगत में नहीं पड़ने देने के लिए वशीकरण के उपाय करना।

· नौकरी के लिए साक्षात्कार में निश्चित सफलता प्राप्त करना, या फिर करिअर-कारोबार में सफलता के लिए वशीकरण मंत्र का इस्तेमाल करना।

· घर में सुख-शांति व समृद्धि के बने रहने और धन-धान्य की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने देने के लिए वशीकरण का उपयोग करना।

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