गुरु पुष्य नक्षत्र के उपाय

गुरु पुष्य नक्षत्र के उपाय


गुरु पुष्य नक्षत्र पर करे ये खास उपाय मिलेगा धन लाभ और यष सम्मान:

पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रो का राजा माना गया है। यह अत्यन्त शुभ नक्षत्र है। प्रभु श्री राम का जन्म नक्षत्र होने के कारण पुष्य नक्षत्र की विषेष प्रपिष्ठा है। पुष्य नक्षत्र जब गुरु वार के दिन होता है, तब इसे शनि -पुष्य संयोग नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान गुरु देव से जुडे उपाय करने से मान सम्मान प्रतिष्ठा बढ़ती है और धन लाभ भी मिलता है। जिन लोगो की कुण्डली में शनि नीच का हो या पीड़ित हो वह इस दिन खास उपाय करके गुरु देव को प्रसन्न कर सकते है।

यदि गुरु पुष्य योग में मोती शंख को कारखाने में स्थापित किया जाए तो कारखाने में तेजी से आर्थिक उन्नति होती है।

– मोती शंख में जल भरकर लक्ष्मी के चित्र के साथ रखा जाए तो लक्ष्मी प्रसन्न होती है।

– मोती शंख को घर में स्थापित कर रोज श्री महालक्ष्मै नम: 11 बार बोलकर 1-1 चावल का दाना शंख में भरते रहें। इस प्रकार 11 दिन तक करें। यह प्रयोग करने से आर्थिक तंगी समाप्त हो जाती है।

– यदि व्यापार में घाटा हो रहा है तो एक मोती शंख धन स्थान पर रखने से व्यापार में वृद्धि होती है।

गुरु पुष्य के दिन सुबह नहाकर साफ वस्त्र धारण करें और शुभ मुर्हूत में अपने सामने दक्षिणावर्ती शंख को रखें। शंख पर केसर से स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का जप करें। मंत्र जप के लिए स्फटिक की माला का उपयोग करें।

गुरु पुष्य के दिन पारद लक्ष्मी की प्रतिमा (पारे से बनी मूर्ति) उपासना के दौरान एक विशेष मंत्र का जप करने से हर तरह का आर्थिक संकट दूर होता है। इस योग वाले दिन शाम को इच्छुक व्यक्ति को सबसे पहले स्नान कर खुद को पवित्र बनाना चाहिए। इसके बाद पारद लक्ष्मी की प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। मां लक्ष्मी को लाल चंदन, अक्षत, लाल वस्त्र और दूध से बने पकवान चढ़ाने चाहिए। इसके बाद माता को 108 लाल रंग के फूल अर्पित करें। हर बार फूल चढ़ाते हुए एक मंत्र बोला जाना चाहिए।

मंत्र है:- ऊंं श्री विघ्नहराय पारदेश्वरी महालक्ष्यै नम: ।।

इस तरह सारे फूल चढ़ाने के बाद माता लक्ष्मी की आरती पांच बत्तियों वाले दीप से कर अपने आर्थिक संकट दूर करने की प्रार्थना करनी चाहिए। इस मूर्ति का दिपावली के दिन तक रोज पूजन करना चाहिए। फिर इसे तिजोरी में स्थापित करना चाहिए।

गुरु पुष्य के दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। किसी भी शुभ मुर्हूत में लघु नारियल का केसर व चंदन से पूजन करें और माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु का ध्यान करें। उनसे घर में समृद्धि बनाए रखने के प्रार्थना करें, फिर 108 बार निम्न मंत्र का जप करें-

।। श्रीं।।

इस समाप्ति के बाद लघु नारियल को धन स्थान पर रखें।

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