जादू टोना टोटके से बचने के उपाय

जादू टोना टोटके से बचने के उपाय


यदि किसी पर जादू टोना किया गया है और वो उससे मुक्ति पाना चाहते है तो जादू टोना टोटके से बचने के उपाय का प्रयोग कर इससे छुटकारा पाया जा सकता है| इस दुनिया में अस्तित्ववान सभी वस्तुएं सकारात्मक अथवा नकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित हैं। हम ऐसे किसी तत्व की कल्पना ही नहीं कर सकते जो इनसे परे हो। अभिप्राय यह है कि जादू-टोना भी नकारात्मक ऊर्जा का ही उत्सर्जन ही है, जो सायास दूसरों के अहित की कामना से किये जाते हैं। हम सभी जानते हैं, टोने-टोटके अपनी भलाई के साथ-साथ दूसरों का अहित करने के लिए भी किया जा सकता है। यद्यपि तंत्र शास्त्र में वर्णित समस्त अभिक्रियाएं आध्यात्मिक उत्कर्ष प्राप्त करने के निमित्त से ही प्रथम बार की गई होंगी। तथापि, गलत हाथों में पड़ जाने के कारण इनके घातक परिणाम सामने आने लगे। उसी प्रकार तंत्र विद्या में मार और सम्हाल दोनो उपलब्ध है। अर्थात इसमें तांत्रिक क्रियाओं से बचाव हेतु उसका काट भी मौजूद है।

जादू-टोना तंत्र मंत्र के लक्षण:-
यदि जीवन में अचानक उथल-पुथल मच जाए तो झट से उसे जादू-टोना समझने की बजाय, प्रारंभिक तौर पर कुंडली जांच अवश्य करवाएं। कभी-कभी ग्रह दोषों के कारण भी विपरीत समय का दौर प्रारंभ हो जाता है। यदि कुंडली दोषमुक्त हो तो निम्नलिखित लक्षणों पर ध्यान दें-

  1. पीड़ित व्यक्ति का स्वयं पर नियंत्रण नहीं रहता। वह खुद को किसी भी प्रकार से चोट पहुंचा सकता है, जैसे सर दीवार पर दे मारना, चाकू से खुद को जख्मी कर लेना आदि। कभी कभी ऐसे व्यक्ति अपनी जान तक ले लेते हैं।
  2. शरीर में अथवा शरीर के किसी अंग मे निरंतर पीड़ा होना। यह चिकित्सकीय समस्या भी हो सकती है, इसलिए पहले डाक्टर से सलाह लें। तब भी फर्क न पड़े या डाक्टर को समझ न आए तो यह काले जादू अथवा टोने-टोटके का असर हो सकता है।
  3. पीड़ित व्यक्ति के नेत्रों में जलन होता है, शरीर असाधारण रूप से तपने लगता है, बार-बार पेशाब आता है।
  4. दिल की धड़कनें तीव्र हो जातीं हैं, सीने में दर्द की शिकायत होती है।
  5. पीड़ित का स्वभाव चिड़चिड़ा और आक्रामक हो जाता है, भले ही वह पूर्व में कितना ही मृदु स्वभाव का क्यों न हो।
  6. चेहरा कांतिहीन तथा पीला हो जाता है। पीड़ित प्रायः अवसादग्रस्त रहता है।
  7. असामान्य रूप से भूख लगना।

जादू-टोने टोटके का इलाज:-
यदि स्वयं में अथवा अपने इष्ट-मित्र परिजन में उपर्युक्त लक्षण दिखाई दे तो किसी के द्वारा जादू-टोना किये जाने की संभावना हो सकती है।

  1. गाय घी, पीली सरसो, कपूर तथा गुग्गल का धूप बनाकर सूर्यास्त के समय गाय के गोबर से बने उपलों की सहायता से जलाएं। निरंतर यह धूप 21 दिनों तक घर के हर हिस्से में दें।
  2. केसर, गायत्री तथा जावित्री को कूटकर चूर्ण बना लें तथा उसमें गुग्गल मिश्रित कर प्रातः काल तथा संध्या काल निरंतर 21 दिनों तक घर में धूप दें।
  3. चार गोमती चक्र लेकर शुक्ल पक्ष के बुधवार को पीड़ित व्यक्ति के ऊपर से उसारकर चारो दिशा में फेंक दें।
  4. तगर तथा गोरोचन नये लाल कपड़े में बांधकर घर के पूजा स्थल में रख दें।
  5. नियमित रूप से अपने घर में गौ मूत्र छिड़कैं।
  6. घर के बगीचे में आक तथा तुलसी का पौधा लगाएं।
  7. नित्य गणेश जी को एक साबुत सुपारी अर्पित करें तथा गरीब को कटोरी भर अन्न दान करें।
  8. रविवार के दिन काले धतूरे की जड़ का ताबीज बनाकर पीड़ित को पहना दें।
  9. नित्य सूर्यास्त के समय आधा किलो गाय के कच्चे दूध में नौ बूंद शहद मिला लें तथा घर के हर हिस्से में छिड़कें। सबसे अंत में मुख्य द्वार तक पहुंचे तथा शेष दूध वहीं गिरा दें।
  10. लहसून के रस में हींग मिलाकर पीड़ित को सुंघा दें।
  11. 1 किलोग्राम साबुत उड़द, सवा किलो कोयला मिलाकर सवा मीटर काले कपड़े में बांध लें तथा पीड़ित के ऊपर सात बार उसार कर बहते हुए जल में बहा दें।
  12. पीड़ित व्यक्ति स्वयं नित्य स्नान के उपरांत 11 बार गायत्री मंत्र का जाप तथा हनुमान चालीसा का पाठ करे।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s