काला जादू हटाने का वजीफा

काला जादू हटाने का वजीफा


कहते है की यदि आप पर कोई काला जादू कर दे तो फिर आप को सिर्फ अल्लाह ही बचा सकता है, इसलिए आज हम लेके आये है आपके लिए काला जादू से बचने का वजीफा और काले जादू का तोड़ रूहानी इलाज। आज आपको बंगाली काला जादू अमलियात भी बतायेगे।

कई बार कोई शख्स कई किस्म की परेशानियांे से घिर जाता है। पैसे की तंगी, बीमारी, रोजी रोजगार में कमी आदि, एक पर एक अनेक मुसीबतें आने लगती हैं। बुरे-बुरे सपने आने के साथ-साथ परिवार के सदस्यों के बीच कटुता का व्यवहार बढ़ जाता है।

बीमार व्यक्ति का लंबे से बिस्तर पकड़े रहना, कुंवारी युवती द्वारा बाल खींचना, या किसी विवाहिता के सपने में आज्ञात साए द्वारा सहवास के सपने देखने की शिकायतें मिलती है। तब समझ लेना चाहिए वह काले जादू से ग्रसित हो चुका है।

काला जादू हटाने का वजीफा

इसे हटना असान नहीं होता है। इसलिए इस स्थिति में जादू-टोना हटाने वाले मौलवी की मदद और सलाह लेनी चाहिए। उनकी मदद से ही काले जादू के स्तर और प्रभाव को समझकर उससे मुक्ति पाई जा सकती है।

र्कुआन-ए-पाक में भी कई आयतें दी गई हैं, जो रूहानी अमल के वजीफे की तरह असर करता है। मौलवी के मशविरे के अनुसार सात दिनों तक किया जाने वाला तरीका इस प्रकार है-

  • काले जादू से प्रभावित व्यक्ति को चेहरे के अलावा पूरी तरह से ढंककर बिछावन पर बिठाने के बाद तीन मरतबा आउजू-बिल्लाहि मिनश्-शैतार्नि-रजीम पढ़ें।
  • उसके बाद सात बार बिस्मिल्लाहिं-रहमर्नि-रहीम पढ़कर र्कुआन की कुछ सूरतें पढें। फिर काला जादू पीड़ित के हिफाजत के लिए उसपर दम करें। इसके लिए दुरूद शरीफ, सूरा ए फतिहा, आयतल कुर्सी, चार कुल और लाहौल ही काफी है।
  • अंत में अल्लह के पाक नाम ‘या हफीजु या सलाम और आयत ‘सलामुन कौलम्-मिर्रबिर्रहीम’ को भी सात-सात बर पढ़ने से काले जादू का असर खत्म हो जाता है।

काला जादू से बचने का वजीफा

व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं। समझदारी इसी में है कि उन्हें आने ही नहीं दिया जाए। जहां तक हो सके उनसे बचकर रहा जाए।

मुसीबत बनकर कहर बरपाने वाले अदृश्य दुश्मन की तरह काले जादू को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है।

उससे बचकर रहने के र्कुआन में कुछ वजीफे का वर्णन किया गया है। जानकार मौलवी से सलाह-मश्वीरा कर उसे नियम से पढ़कर खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।

Kala Jadu Se Bachne Ka Wazifa

  • काला जादू से बचाव के वजीफे को पढ़ने की कोई मियाद या दिन तय नहीं है। इसे स्त्री या पुरुष द्वारा पूरी यकीन के साथ कभी भी शुरू किया जा सकता है।
  • अल्लाह ताला पर पूूरे यकीन के साथ ताजा वजू बनाकर फज्र की नमाज के बाद शुरू करना चाहिए।
  • पहले दरूदे इब्राहिम को 11 बार पढ़ें। इसके याद नहीं होने की स्थिति में कोई भी छोटी से दरूदे पाक भी पढ़ा जा सकता है।
  • उसके बाद 101 बार सूरह फलक और उतनी ही मरतबा सुरह नास को पढ़ें। फिर पहले पढ़ गया दारूद इब्राहित या दारूद पाक को 11 बार पढ़कर अपने पूरे वदन पर दम करें। साथ में रखे गए पानी पर भी दम करें और अल्लाह का नाम लेकर उसे धीरे-धीरे पीना शूरू करें।
  • लगातार सात दिनों तक इस वजीफे को पढ़ने पर स्वयं और पूरे परिवार को काले जादू से हिफाजत मिलती है। अगर इसे कोई औरत करती है तो वह माहवारी के दिनों में नहीं पढ़ें।

काले जादू का तोड़ रूहानी इलाज

किसी की दुश्मिनी निकलाने या जलन की भावना से किए काले जादू से ग्रसित व्यक्ति को रूहानी इलाज से छुटकारा दिलाया जा सकता है।

र्कुआन-ए-पाक की आयतों में अगर काले जादू से हिफाजत की आयतें दी गई हैं, तो उन्हीं आयतों का इस्तेमाल टोने-टोटके साथ कर काले जादू का तोड़ भी निकाला जा सकता है। इसका तरीका इस प्रकार है-

Kala Jadu Ka Tod Rohani Ilaj

  • काले जादू के रूहानी इलाज में सात किस्म के पेड़ों में नीम, अमरूद, बेरी, बरगद, पीपल, अनार और नींबू के 43-43 साबूत हरे पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • ताजे वजू के साथ सुकून वाली जगह पर साफ चादर पर बैठ जाएं। आपने सामने सभी पत्तों को मिलाकर रख लें। पहले 11 मर्तबा दारूदे इब्राहिम पढ़ें। उसके बाद 41 बार चाहल-कफर शरीफ पढ़ें। फिर अंत में 11 बार दारूदे इब्राहिम पढ़कर सभी पत्तों पर दम करें।
  • उन पत्तों को किसी एक बर्तन में रखकर उसमें पानी डालें। बर्तन को चूल्हे पर 20 मिनट तक गर्म करने के बाद चूल्हे पर से उतार दें। उबले पानी में उतना ही ठंडा पानी मिला दें।
  • काले जादू से प्रभावित व्यक्ति को उस पानी से ऐसी जगह नहलाएं, जहां जमीन पर गिरने वाले पानी को जमीन सोख ले। या फिर धूप के कारण तुरंत सूख जाए।
  • इस उपाय को कम से कम तीन दिन या सात दिन तक अवश्य करें। हर दिन ताजे और नए पत्ते का इस्तेमाल करें। इस रूहानी प्रयोग से काला जादू हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा और नफरत करने वाले की नजरबंदी हो जाएगी। भाविष्य में भी इससे हिफाजत मिलती रहेगी।

बंगाली काला जादू अमलियात

बंगाली काला जादू को काफी प्रभावी माना गया है। इसके तेज और बेहद खतरनाक असर से बचाव एवं छुटकारा पाने के लिए इस्लाम में अमलियात दिए गए हैं। र्कुआन-ए-पाक की आयतों का सात दिनों तक नियम से पढ़ने पर बंगाली जादू को खत्म किया जा सकता है। वह आयत है-

अलीक मलीक अंता-अल-इलफी कुलूविमि मलीक फिरवाना हामाना शाद्दान्दा नामरूदा आरदा दाक्यानूसार जीजूना मीजूना ला-ईना या माल उनाना फी नारी जन्नम दफा उम्मा-न्स्सियानी-अल खान्नसी मिन जुनूदी वी इबलीसा।

Bengali Kala Jadu Amliyat

  • पहले ताजा वजू बनाएं। सुकून वाले कमरे में साफ चादर पर बैठ कर आयत को एक कागज पर लिखकर उसकी दीए मे जलाने जैसी बत्ती बना लें। कागज की बत्ती को नीले रंग के धागे से बांधकर उसके ऊपर थोड़ा रूई लपेट लें।
  • मिट्टी के दीए को पानी से धोने के बाद उसमें सरसो तेल डालकर ईशा चिराग की तरह बत्ती को जला दें। बत्ती को पूरा जल जाने तक उसे एक टक निहारते रहें। इस दौरान बिस्मिल्लार्हि-रहीम पढ़ते रहें। इसके पहले और बत्ती के बुझने के बाद दारूद शरीफ को 11 बार पढ़ लें।
  • बत्ती के बुझ जाने के बाद दीये समेत बची कालिख को एकत्रित कर किसी गमले या मिट्टी में दफन कर दें। उसे बहते पानी में भी बहाया जा सकता है।
  • इस प्रयोग को बगैर नागा किए हुए सात दिनों तक करें और अल्लाह से बंगाली काले जादू से प्रभावित व्यक्ति को मुक्ति मिलने की दुआ करें।
  • यह अमलियात औरत के द्वारा भी अपने निकटतम सगे-संबंधी के लिए किया जा सकता है, लेकिन उन्हें महवारी के दौरान नहीं करने की हिदायत दी गई है।

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