किसी के दिल में मोहब्बत पैदा करने के लिए वजीफा

किसी के दिल में मोहब्बत पैदा करने के लिए वजीफा


यदि आप किसी भी लड़के या लड़की या कोई भी जिसके दिल मे आप मोहब्बत जगाना चाहते है तो हम आज आपको महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा बता रहे है. इसके अलावा आज हम आपको दुश्मन के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा और सास के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा भी बतायेगे

परिवार-समाज में सभी रिश्ते-नाते मोहब्बत की बुनियाद पर ही टिके होते हैं। कोई किससे कितना प्यार करता है, और किसके दिल में कैसी बेशुमार मोहब्बत है, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं होता।

जबकि किसी व्यक्ति के दिल में बेमिसाल मोहब्बत अवश्य पैदा की जा सकती है। हर महबूब अपनी महबूबा के दिल में मोहब्बत पैदा करने की कोशिश करत है, तो किसी महबूबा की एकमात्र ख्वाहिश होती है कि उसका मेहबूब उसे बेइंतहा प्यार करे।

किसी के दिल में मोहब्बत पैदा करने के लिए वजीफा

मिंया-बीवी हों, सास और बहू हों या फिर परिवार के दूसरे सदस्य, हर किसी के दिल में बना एक-दूसरे के प्रति प्रेम ही परिवार और समाज में परंपरागत संस्कार व मान-मर्यादा को बढ़ाने में सहायक बनता है।

यह सर्वमान्य है कि मोहब्बत में खुदा का वास होता है। इंसान उसी खुदा की खिदमत कर हर किसी के दिल में भी मोहब्बत की अलख जगा सकता है। इस्लाम में किसी की मोहब्बत हासिल करने से लेकर दूसरे के दिल मंे मोहब्बत पैदा करने के लिए सच्चे मन से अल्लाह के इबादत की सलाह दी गई है।

कुरान-ए-पाक में कई आयतें हैं, जिन्हें कायदे से पढ़ने पर उसका असर एक बेहतरीन वजीफे की तरह होता है। इन दुआओं से सगे-संबंधी और हितैषी क्या, दुश्मन तक के दिल में मोहब्बत पैदा की जा सकती है। वह वजीफा इस प्रकार हैः-

नादे अलिय्यम-मजहरल अजाइबी अवनल्ल्का फिन्नवाइबी कुल्लू हम्मिंव व ग़म्मिन स यनजली बिरहमतिका या अल्लाहू बिनबूव्वतिका या मुहम्मदु सूलल्लाही वबी विला यातिका या अलिय्यु, या अलिय्यु, या अलिय्यु

महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा

यदि कोई लड़की किसी लड़के को बेहद पसंद करती है, और उससे बेपनाह मोहब्बत कर बैठती है तब उम्मीद करती है कि उसका महबूब भी उसे बहुत प्यार करे।

जबकि कोई जरूरी नहीं कि वह लड़का भी उससे मोहब्बत करे। लड़की द्वारा सुंदरता और आचार-व्यवहार से प्रेमी को रिझाने की कोशिशें जब बेकार हो जाती है तब उसे इस्लामी वजीफे का सहारा लेना चाहिए, ताकि अपने महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा कर सके।

डेटिंग पर जाने, सोशल साइटों पर आकर्षक शेरो-शायरी के साथ चैटिंग और फोन पर बातें करने, या फिर तारीफों का पुल बांधने जैसे कामों में वजीफे की दुआएं काफी सहायक बनती हैं। वजीफा ठीक से तभी काम करता है जब उसे आप खुद के दम पर इस्लामी तरीके के साथ पढ़ते हैं।

Mahaboob Ke Dil Mai Mohabbat Paida Karne Ka Wazifa

  • महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा करने वाले को चाहिए कि वह ऊपर दिए गया वजीफा सुबह साढ़े 11 बजे तक चाश्त के वक्त में पढ़े।
  • शुरूआत किसी भी जुमे के रोज यानी शुक्रवार के दिन से की जा सकती है। पाक-साफ होकर पहले वुजू बना लें। फिर फज्र से चाश्त के दरम्यान 47 मरतबा वजीफा ‘नाद-ए-अली को पढ़ें।
  • उसके बाद अपने महबूब से फोन पर बातें करें, या मिलने के वास्ते मैसेजिंग दें। आप पाएंगे कि माशूक मोहब्बत का दीवाना बन हैरान-परेशान होकर मिलने के लिए बेकरार हो जाएगा। महबूब से बात नहीं कर पाने की स्थिति में उसकी तस्वीर पर दम कर सकते हैं।
  • इस वजीफे को हैज या माहवारी के दिनों को छोड़कर हर जुमे के रोज पढ़ा जा सकता है। इसकी कोई मियाद नहीं होती है।

दुश्मन के दिल में मोहब्बत पैदा करने की दुआ

इस्लामी दुआओं में काफी दम होता है। इसका असर लंबे समय तक बना रहता है। उसके लिए कुरान-ए-पाक में बताए गए वजीफे को अगर सही तरह से नियमित तौर पर पढ़ा जाए, तो दुश्मन के दिल में भी मोहब्बत पैदा की जा सकती है। गलत तरीके से नुकसान भी हो सकता है।

पुरानी से पुरानी दुश्मनी हमेशा के लिए खत्म की जा सकती है। जानकार मौलवी से इसके तरीके की जानकारी लेकर दुश्मन के नाम और तस्वीर के साथ अल्लाह से दुआ करनी चाहिए कि उनकी दुश्मनी दोस्ती में बदल जाए।

Dushman Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ki Dua

  • इसकी शुरूआत किसी भी दिन प्रातः सात से दस बजे के बीच कर सकते हैं। घर के किसी एकांत कोने में सुकून की जगह पर चादर बिछाएं और वुजू कर बैठ जाएं। बिस्तर चाहे जमीन पर हो या फिर चैकी पर, उसका पाक-साफ होना जरूरी है।
  • दुआ के लिए वजीफा पढ़ने से पहले 11 बार दुरूद शरीफ पढ़ें।
  • उसके बाद कुरान-ए-पाक में दिए गए सुराह युसुफ की आयत 30 के एक छोटा से हिस्से को बिस्मिल्लाह शरीफ पढ़कर 101 मरतबा पढ़ें।
  • आखिर में दुरूद शरीफ को एक बार फिर से 11 बार पढ़ें।
  • इसे पढ़ते समय उस व्यक्ति की तस्वीर जेहन में बिठा लें और अंत में अल्लाह से दुआ करें कि वे उसके दिल में मोहब्बत पैदा करे, ताकि दश्मनी हमेशा के लिए खत्म हो जाए। उसकी तस्वीर पर दम भी कर सकते हैं।
  • यह वजीफा कायदे से 11 दिनों तक लगातार अवश्य पढ़ें। नतीजे नहीं आने पर 21 दिनो तक पढ़ सकते। इसे कोई महिला भी पढ़ सकती है, लेकिन उसे माहवारी के दिनों में परहेज के साथ अल्लाह से दुआ करनी चाहिए।

सास के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा

सास और बहू के बीच अनबन का होना बहुत ही साधारण बात है। हर बहू चाहती है कि सास के दिल में उसके प्रति मोहब्बत बनी रहे। ऐसी बहू सास का दिल जीतने की पूरी कोशिश करती है,

लेकिन कई बार नाकामी भी मिलती है। इस स्थिति में इस्लामी वजीफा पढ़कर सास के दिल में मोहब्बत पैदा करने की कोशिश करने से बहू निश्चित तौर पर सफल हो सकती है।

वजीफे को बहुत ही सावधानी बरतते हुए और नियम के साथ पढ़ना चाहिए। वह वजीफा है- वा तम्मत कलिमातु रब्बीका सिद्दकनवा वा अल्ल, ला मुबद्दीला ली कलिमातिह, वा हुवास समीउल अलीम।

Saas Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ka Wazifa

माहवारी के दिनों को छोड़कर किसी भी दिन इसकी शुरूआत की जा सकती है। बगैर नागा किए हुए कम से कम 11 दिन या फिर 21 दिनों तक रात को सोने से ठीक पहले वजीफ पढ़ना चाहिए।
सबसे पहले ताजा वुजू बनाकर पहले 11 बार दुरूद शरीफ पढ़ें। उसके बाद ऊपर वर्णित वजीफे को 101 बार पढ़ें।
अंत में एक बार फिर से 11 बार दुरूद शरीफ को पढ़ें। वजीफा पढ़ने के दौरान अपनी सास का ख्याल जेहन में बनाए रखें। साथ में उनके पसंद की किसी चीज पर दम करें और आगले रोज सास को भेंट कर दें। कुछ नहीं हो तो एक पुड़िया चीनी पर ही दम कर उन्हें शरबत बनाकर पिला दें।

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