शादी के लिए घर वालों को मनाने का वजीफा

शादी के लिए घर वालों को मनाने का वजीफा


आजकल लड़का और लड़की अपने पसंद से शादी करना चाहते है पैर घरवाले इसके लिए नहीं मानते, इसलिए आपको आज बतायेगे मोहब्बत की शादी के लिए घर वालो को मनाने की दुआ. इसे लड़की के घर वालो को मनाने का वज़ीफा और माँ बाप को शादी के लिए राजी करने की दुआ भी कहा जाता है

एक तरफ हर लड़का या लड़की अपनी प्रेमिका या प्रेमी से शादी करना चाहते हैं। उनके लिए जाति, धर्म और अमीरी-गरीबी कोई मायने नहीं रखता है। दूसरी तरफ उनके मां-बाप या घरवाले अपने शादी-ब्याह के मामले में कुल-खानदान, संस्कार और सामाजिक मान-मर्यादा को ही तरजीह देते हैं।

शादी के लिए घर वालों को मनाने का वजीफा

यही कारण है कि अधिकतर प्रेमी-युगल को अपनी शादी के लिए घरवालों को राजी करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार बात असानी से बन जाती है, लेकिन ज्यादातर मामले में घर वाले अपनी जिद पर अड़े रहते हैं। ऐसे में र्कुआन-ए-पाक में दिए गए विशेष आयत का वजीफा पढ़ना बहुत ही कारगर उपाय साबित हो सकता है।

अगर आप जिनको पसंद करते हैं, उनके किसी और मजहब या जाति की वजह से आपके वालिदें आपकी शादी के लिए नहीं मान रहे हैं, तो आपको घरवालों को मनाने का वजीफा निम्न तरीके से लगातार 21 दिनों तक पढ़ना चाहिए। ध्यान रहे अल्लाह से तहेदिल से की गई आरजू अवश्य कुबूल होती है।

सुरेह इखलास की वह आयत है- कुल हुवल्लाहु अहद, अल्लाहस्समद। लम यलिद व लम यूलद। व लम युल्लहू कुफुवल अहद।
इसे किसी भी दिन से शुरू किया जा सकता है, लेकिन समय सुबह 11 बजे तक ही होना चाहिए।
इसे प्रतिदिन 111 बार पढ़ने से पहले और बाद में दुरूदे पाक सल्लाहो अलैहि वसल्लम को तीन-तीन बार पढ़ा जाता है।
किसी तरह के टोटके या ताबीज की जानकारी के लिए किसी मौलवी से सलाह-मश्वीरा किया जाना चाहिए। लड़की द्वारा वजीफा पढ़े जाने की स्थिति में उसे माहवारी के दिन में नहीं करना चाहिए।

मोहब्बत की शादी के लिए घर वालों को मनाने की दुआ

माशूका के लिए मोहब्बत में जान कुर्बान करने की हिम्मत रखने वाले माशुक को अपने ही घर वालों को राजी करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

वह किसी तरह से अगर उन्हें शादी के लिए राजी करने में सफल हो जाता है, लेकिन उसकी महबूबा के लिए यह आसान नहीं होता। लड़की अपने महबूब से ही निकाह के लिए तड़प उठती है, जबकि उसके घरवाले उसकी पसंद को अपनाने के सख्त खिलाफ होते हैं।

ऐसे में अल्लाह की शरण में जाकर अपनी मनपसंद की शादी के लिए उनसे मिन्नतें-आरजू करना ही एकमात्र उपाय हो सकता है। उसका तरीका इस प्रकार है-

Mohabbat Ki Shadi Ke Liye Ghar Walo Ko Manane Ki Dua

  • सबसे पहले चंदन के पावडर में पानी मिलाकर उसका पतला पेस्ट बना लें। फिर एक केले के पत्ते पर लकड़ी की कलम से र्कुआन में बताए गए वजीफे को लिखें।
  • वह वजीफा है-‘‘ हाविज जाम नादिरु जाजी हमितुल हुवा, वाल लल्देई सिरा शाहिर कुफ्जी नबूर हाल्तु कफ्फा, वाल निल नासिम रुसन अल रसूल वल्दाही आयदीन याम वाली कुसा अन्कुम जामी वा लाहिर, जुल्म युदा यकीदा जुकीदा जाकिम, जिफर नबुल अन्हुम लाफी जुबीर बिबानी, वाल मक्तर फिरु मिना गइ बड़ी अन राफिस।‘’
  • गीले चंदन के सूखने पर पत्ते को लपेटकर उसे लाल रिबन से लपेट दें और हाथ में लेकर इसी वजीफे को 25 बार पढ़ें।
  • इससे पहले अंत में सात-सात बार दूरुद शरीफ को भी अवश्य पढ़ें। अंत में रिबन बंधे केले पत्ते को जमीन में गाड़ दें।
  • इस तरीके को प्रातः दिन में ग्यारह बजे तक किया जाना चाहिए तथा इसकी मियाद 11 दिनों तक अवश्य रखे।

लड़की के घरवालों को मनाने का वजीफा

आमतौर पर लड़का अपने घरवालों को अपनी पसंद की लड़की से शादी के लिए तैयार कर लेता है, लेकिन लड़की के घरवालों को मनाने में कई अड़चनें आती हैं।

उसे न तो लड़की के माता-पिता के मिजाज के बारे में अच्छी तरह से पता होता है, और न ही उनसे अपने घरवालों की तरह घुलामिला रहता है। यहां तक कि लड़कियों के घरवाले शादी-ब्याह के मामले में बहुत ही सख्त होते हैं।

इस स्थिति में एकमात्र उपाय बचता है कि वह अल्लाह ताला को वजीफा पढ़कर खुश कर दे। उसे किसी मौलवी से सलाह-मश्वीरा कर वजीफा पढ़ने के बारे में मालूम कर उपाय करना चाहिए।

Ladki Ke Ghar Walo Ko Manane Ka Wazifa

  • लड़की के घर वालों को शादी के लिए राजी करने का वजीफा सुरेह इखलास की आयत को दुरुदे पाक के साथ कम से कम 11 दिन या फिर 21 दिनों तक पढ़ना होता है, जो उनके मात-पिता के लिए बताया गया है।
  • शुरुआत किसी भी दिन से किया जा सकता है, लेकिन समय सुबह के नौ बजे तक ही रखें। नमाज पढ़ने के तरीके को अपनाते हुए घर के किसी सुकून वाली जगह पर पाक-साफ चादर बिछाकर बैठ जाएं।
  • पहले सुबह की नमाज पढ़ें। फिर लड़की के घरवालों का ध्यान करते हुए दुरुद पाक तीन बार पढ़ें। उसके बाद वजीफे की आयत को 49 बार पढ़ें। अंत मं फिर से दुरुद पाक को तीन बार पढ़ें।
  • उसके बाद लड़की के घर की दिशा में फूंक मारते हुए अल्लाहताला से अपनी मुराद पूरी करने की दुआ करें।

मां–बाप को शादी के लिए राजी करने की दुआ

मां–बाप को शादी के लिए राजी करने की दुआ – Maa Baap Ko Shadi Ke Liye Razi Karne Ki Dua, Wazifa, Tarika, Upay, Amal, Totke, पसंद की शादी के लिए लड़का और लड़की, दोनों को अल्लाह ताला से अपने और एक-दूसरे के मां-बाप को शादी के वास्ते राजी करने की दुआ मांगनी चाहिए।

उनके राजीनामे से ही समाज और परिवार में मान-सम्मान मिलता है और आगे का वैवाहिक जीवन सुखमय व्यतीत होता है। इससे शादी की खासकर वैसी रूकावट दूर हो जाती है,

जिसमें उनके मां-बाप का विरोध शामिल होता है। इसके लिए लड़का और लड़की को एक ही समय में अपने-अपने घरों में निम्न तरह से वजीफा पढ़ना चाहिए।

Maa Baap Ko Shadi Ke Liye Razi Karne Ki Dua

  • वजीफा पढ़ने का समय सुबह 11 बजे तक होना चाहिए, शुरूआत चाहे किसी भी दिन से किया जाए। स्वयं के अतिरिक्त जिससे शादी करनी है उनके मांता-पिता की तस्वीरें हाथ में रखें।
  • मगरिब की नमाज अदा करने के बाद दो रकत निफ्ल नमाज आदा करें। फिर तीन मरतबा दुरुद-ए-इब्राहिम पढें।
  • उसके बाद कम से कम 300, 500 या 1100 मरतबा अल्लाह जल्ला जलालूहू का इस्म मुबारक या अदलू का विर्द करें। अदलू का अर्थ खूब इन्साफ करने वाला होता है। आखिर में दुरुद-ए-इब्राहिम फिर से तीन बार पढ़कर। हाथ में रखी तस्वीरों पर फूंक मारें।
  • इस प्रक्रिया को 21 दिनों तक रोजाना करे। वैसे इसकी कोई मियाद नहीं है। जब तक शादी की मुराद पूरी नहीं हो जाए तब करें।
  • लड़की माहवारी के दौरान निफ्ल नमाज अदा किए बगैर इस्म मुबारक का विर्द कर सकती हैं।

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