एक दिन का शैतानी अमल

एक दिन का शैतानी अमल


जैसा की नाम से पता लगता है ये अमल सैतान का दिया हुआ है पैर है बहुत काम का, इसका असर बहुत ही जल्दी होता है, आज हम आपको मोहब्बत का शैतानी अमल और सट्टे का शैतानी अमल बताने जा रहे है. इसके अलावा हम आपको काला जादू शैतानी अमलियात भी बतायेगे।

Ek Din Ka Shaitani Amal

इस्लाम में कहा गया है कि अल्लाह के सिवा कोई मालिक नहीं। इसकी बुनियाद में ‘ला इलाह इल्लल्लाह’ है। र्कुआन-ए-पाक की आयतों में वो ताकत है, जिसकी बदौलत आदमी हर मुश्किलात में समाधान निकाल लेता है।

बावजूद इसके कई दफा ऐसे उपाय जब फेल हो जाते हैं तब शैतानी अमल की ओर ध्यान जाता है। यह एक तरह से वशीकरण की ऐसी विद्या है, जिसे हर कोई नहीं सीख सकता है, किंतु इसके प्रयोग से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

शैतानी अमल को र्कुआनी वजीफे की तरह बार-बार नहीं, बल्कि एक बार ही किया जाता है। इसमें वशीकरण की अद्भुत शक्ति छिपी होती है। इसका तीब्र और जबरदस्त ऊर्जा के पूंज की तरह असर होने के कारण ही इसे शैतानी अमल कहा गया है।

एक दिन का शैतानी अमल

किसी भी मुश्किल काम को पूरा करने के लिए इसके प्रयोग को आधी रात में एक टोटके के साथ किया जाता है। जानकार मौलवी या तांत्रिक से विधिनुसार इसके तरीके इस प्रकार बताए गए हैं-

  • अपने विस्तर के पायताने खड़े हो जाएं और एक लाला कागज में अपने सामने जमीन पर गुड़ रखें। उस ओर ध्यान एकाग्र करें।
  • उस दुर्लभ समझे जाने वाले काम को तामसिक भाव के साथ जेहन में लाएं, जिसकी आपने मन्नत की है। उसके स्वरूप की भावना में डूबकर बताए गए शैतानी अमल के शाबर मंत्र को 121 बार पढ़ें।
  • अंत में गुड़ पर दम करें और उसे सुबह पक्षियों को खिला दें। इसी तरह से शैतानी अमल राय के द्वारा भी की जाती है।

मोहब्बत का शैतानी अमल

मोहब्बत का शैतानी अमल – Mohabbat Ka Shaitani Amal, Taweez, मोहब्बत पाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते हैं। जब बात आपसी बात-विचार, डेटिंग, टेक्टिंग और गिफ्टिंग आदि से नहीं बनती है तब दूसरे तरीके अपनाने होते हैं। उनमें कुछ नकारात्मक ताकतों के इस्तेमाल के तरीके भी बताए गए है। कहते हैं अगर मोहब्बत सच्ची होगी तब शैतान भी उसे हासिल करने में मदद करता है।

मन की शक्ति से ऐसे मददगार शैतानी साए की साधाना की जाती है, इशारे पर चलता हुआ मदद करता है। उसके बाद उसकी बदौलत मोहब्बत के लिए वशीकरण के उपाय किए जाते हैं।

मुस्लिम समाज में ऐसे शातानी साए से व्यक्ति को अलौकिक शक्ति हासिल हो जाती है। इसे हासिल करने के लिए दीपक या मोमबत्ती के जरिए आईने का प्रयोग किया जाता है। तरीका इस प्रकार बताया गया है-

Mohabbat Ka Shaitani Amal

  • इस साए, जो हमजात कहे जाते हैं, के अमल के लिए घर के एकांत कोने में वजू के साथ तैयारी की जाती है।
  • दरूद इब्राहिम को 7 बार पढ़ने के बाद आयत -‘
  • लाइलाहा इल्ला अनता सुबहानका इन्नि कुंतु मिन्ज जावाल्लिन’ करे 777 बार पढ़ें।
  • फिर दारूद इब्राहिम का दोबारा सात बार पढ़ें। अंत में आईन के सामने जलती हुई दीपक या मोमबत्ती को एक टक से निहारें और किसी परछाईं के उभरने तक ध्यान करें।
  • कुछ समय में ही मानवाकृति की परछाई जब उभर जाए तब उससे अपने मोहब्बत को हासिल करने की मन्नत मांगें। साथ ही र्कुआन की आयत बिलमिल्लाहिर रहमान निर रहिम को 177 बा पढ़ें।
  • इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आपना मुख दक्षिण दिशा की ओर रखें। अंत में मोहब्बत को ध्यान का सो जाएं।

सट्टे का शैतानी अमल

सट्टे का शैतानी अमल – Satte Ka Shaitani Amal, सट्टे पर किसी का जोर नहीं चलता, सिर्फ कुदरत की मर्जी से ही सबकुछ बदलता-पलटता है। यही कारण है कि इसमें कोई अगर बहुत कुछ हासिल कर लेता है, जबकि कई लोग अपना सबकुछ लुटा भी बैठते हैं।

सट्टा एक खास नंबर के निकलने पर असर देता है। यदि वह नंबर ही पहले से मालूम हो जाए तब इसमें सफल होना सुनिश्चित हो सकता है। कई जानकार मौलवी सट्ट का शैतानी अमल बताते हैं। उसका तरीका निम्न प्रकार से होता है-

Satte Ka Shaitani Amal

  • हार का भारी आर्थिक नुकसान उठा चुके सट्टा खेलने वाले शख्स को चाहिए कि यह अमल ईशा की नमाज के बाद शनिवार से शुरू कर लगातार 11 दिनों तक करें।
  • सबसे पहले वजु बना लें और 11 बार दरूद ए पाक को पढ़ें। उसके बाद सट्टे का शैतानी अमल की आयत ‘‘ सुभान अल्लाही वाभी हमदी सुभान अल्लाही अजीम ‘‘ को 112 बार पढ़ें।
  • फिर दरूद पाक को 11 बार दोबारा पढ़ें। उसके बाद सट्टे में लगाए जाने वाली राशि, स्थान और कुछ नंबरों को ध्यान कर सो जाएं।
  • अगली सुबह अपकी जेहन में कोई एक नंबर बार-बार आएगा। उस नंबर को एक सफेद कागज में लिख दें। उसके नीचे एक आयत को भी लिखें। वह आयत है-
  • बिस्मिल्लाह हिर्र रहमान निर्रहीम। या अली शौकीन मुलाना मैं तेरा अजीज बंदा, कर रहमत, अल्लाह, सुभनल्लाह, बिस्मिल्लाह।
  • कागज को सात बार मोड़कर अपनी जेब में रख लें और इस अमल को 51 बार पढ़ें। इंशा अल्ला को ध्यान कर सट्टा के उस नंबर का इस्तेमाल करें।

काला जादू का शैतानी अमलियात

काला जादू का शैतानी अमलियात – Kala Jadu Shaitani Amliyat, काला जादू की भी अल्लाह के इबादत की तरह ही एक अपनी अहमियत है। इसे इबादत का दूसरा रूप कहा जा सकता है, जिसके लिए नेकी, अच्छी नीयत और सच्चाई का होना बहुत ही जरूरी है। काला जादू मंे शौतानी अमलियात की बात कही गई है, जिसकी शक्ति से बड़ा से बड़ा काम किया जा सकता है।

विशेषकर वैसे काम जो अदृश्य और अज्ञात हों, जैसे किसी के दिल में मोहब्बत पैदा करना। किसी की नाराजगी दूर करना। रूकी हुई शादी के लिए मां-बाप या मंगेतर को वश में करना, रूठे हुए शौहर सा सास को मनाना। बेवफा हो चुके प्रेमी को सही रास्ते पर लाना। या फिर हारे हुए मुकदमे को जीत में बदल देेना।

Kala Jadu Shaitani Amliyat

  • यह सब काले जादू के प्रभाव से वशीभूत कर किया जाता है। यह कहें कि काला जादू के अमलियात से रिश्ते में सुधार लाया जा सकता है।
  • इसके इस्तेमाल के लिए र्कुआनी आयत को नियमित पढ़ने के साथ-साथ ताबीज की भी प्रयोग किया जाता है।
  • किसी पर बुरी साया के प्रभाव को भी काला जादू के शैतानी अमलियात से खत्म किया जा सकता है।
  • काले जादू के असर ‘‘
  • आयत या हय्यू या कय्यूमू या बदीऊस्समावाति बलद’’ को 77 बार लगातार 11 दिनों तक पढ़ने पर खत्म हो जाता है।
  • इसके पहले और अंत में सात-सात बार दरूद शरीफ को पढ़ा जाता है। अंत में अपने पैरों के नीचे की मिट्टी या ताबीज पर दम उसकी सुगंध से काले जादू के असर का पता लगाया जाता है।
  • काले जादू का इस्तेमाल बेहद ही सावधानी पूर्वक मौलवी के दिशा-निर्देश के साथ किया जाना चाहिए।

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