गुरु गोरखनाथ सिद्धि के उपाय

गुरु गोरखनाथ सिद्धि के उपाय updated 2023

वशीकरण अर्धात किसी को भी अपने वश में कर लेना गुरु गोरखनाथ वशीकरण मंत्र साधना से आप किसी को भी आसानी से अपने वश में कर सकते है परन्तु वैदिकज्योतिषी बताते है की वशीकरण मंत्र का उपयोग करने वाले व्यक्ति की नियत सकारात्मक होनी चाहिए वर्ना इसका तीव्र प्रभाव भी पड़ सकता है|

गुरु गोरखनाथ सिद्धि के उपाय

गुरु गोरखनाथ के वशीकरण मंत्र नीचे लिखे गए निम्न है –

होने वाले विवाह में यह अवशक होता है की जीवन साथी का वशीकरण बना रहे इसके लिए पान के पत्तो की जड़ो को पीसकर उसका तिलक लगाए इससे रिश्ते में प्रेम बढ़ता है| प्रेमियों के लिए यह उपाय उचित नहीं है|
अगर आप चाहते है की सभी लोग आपके वश में रहे और सभी आपकी प्रशंसा एवं आपकी बातो को महत्व दे तो पुरे विधि – विधान के साथ 108 बार त्रेलोक्य वशीकरण मंत्र का जप करे इससे सभी पर वशीकरण करने में आप सफल होंगे |
सबसे शक्तिशाली गोरखनाथ मंत्र का जाप कर वशीकरण के प्रभाव को ख़त्म कर देता है| सात नदी या कुएं से पानी लाकर इस मंत्र का जाप करके वशीकरण हुए व्यक्ति पर डालने से वशीकरण का प्रभाव कम हो जाता है|
शाबर मंत्र अत्यंत शक्तिशाली हैं और बहुत जल्द परिणाम देता है । यह माना जाता है कि ये मंत्र मूल रूप से गुरु गोरखनाथ जी और अन्य नवनाथचौरासी सिद्घ नामक मंदिर देहरादून द्वारा लिखी गई हैं। यह मंत्र आम तौर पर ग्रामीण भारतीय भाषाओं में पाए जाते हैं। हालांकि शाबरमंत्र हिन्दू धर्म में ही नहीं बल्कि इस्लाम और अन्य धर्मों में भी पाए जाते हैं, लेकिन यह कहा जाता है कि पहले, वे गुरु गोरखनाथ जी द्वारा लिखी गई हैं।

गोरखनाथ वशीकरण शाबर मंत्र

एक शाबरमंत्र एक शास्त्रीय या वैदिक मंत्र से काफी अलग है। लोगो को कई तरीके के वैदिक ज्ञान की जरूरत पढ़ती है वैदिक मंत्र का उपयोग करने के लिए एवंसिद्धि प्राप्त करने के लिए, लेकिन यह एक शाबरमंत्र के मामले में ऐसा कुछ नहीं है बिना वैदिक ज्ञान के भी इसे पढ़ा जा सकता है । शाबरमंत्रों का उचारण करनेसे ऑटो-सक्रिय और यहां तक कि एक आम आदमी के द्वारा आसानी से उसकी इच्छा सच लाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता। वास्तव में, शाबरमंत्र देवताओ का आवाहन करते है और तुरंत काम करते हैं| गुरु, भविष्यद्वक्ताओं, देवताओं और देवियों की कसम एवं उनके आशीर्वाद से शाबर मंत्रबनाया गया है जिसका उचारण करने से कोई भी व्यक्ति उचित लाभ प्राप्त कर सकता है |

बुराई मंत्र या काला जादू मंत्र जो किसी तांत्रिक या आमिलद्वारा क्रम और अपने ग्राहकों या ग्राहक की ओर पर डाली जाती हैं इन दिनों बहुत आम हैं। ऐसे मंत्र ईर्ष्या भावनाओं को दूसरों पर लाधने के लिए किए जाते है। वास्तव में, अपने ही परेशानियों से नहीं बल्कि आराम या अपने पड़ोसियों, रिश्तेदारों के पास और प्रिय के दु: ख में लोग तांत्रिक मंत्रो का उपयोग कर रहे हैं। वे उसे वैसे भी सफल होने के लिए नहीं करना चाहते, लेकिन जब वे देखते हैं कि वह आगे नहीं बढ़ पा रहे और दूसरे बह रहे है तो वह बुरे मंत्रो की सहायता लेते है, फिर वह बुरा करते हैं और उसे करने के लिए लोग काफी हद तक गिर जाते है की वह बुरे तांत्रिको का सहारा लेते है। आजकी दुनिया इसे बुरे व्यक्तियों से भरी पड़ी है। लेकिन शाबरमंत्र आपको ऐसे मंत्रो एवं बुरे व्यक्तियों के खिलाफ तेजी से और शक्तिशाली सुरक्षा देता है और आप अपने जीवन में सफल व्यक्ति होने के पथ पर आगे बढ़ जाते है।

गुरु गोरखनाथ के वशीकरण उपाय

प्यार मंत्र या वशीकरण तकनीक भी इन दिनों बहुत आम हैं। किशोर प्रबंधक या युवा लोग इसका उपयोग करते है क्युकी वे किसी के साथ प्यार में है और शादी करने के लिए कई सामाजिक बाइंडिंग और अन्य अप्रत्याशित बाधाए है| ऐसे में माता-पिता शादी के लिए सहमत नहीं है| और अगर शादी एक अंतर जाति विवाह है, एवंशादी के लिए लड़का हो या लड़की पहले सहमत था लेकिन अब वह इनकार करता या करती है औरप्रेमी या प्रेमिका आपको अचानक कोई कारण के बिना छोड़ देते है, या आपका प्रेमी आपसेनहीं बात नहीं कर रहा हैं या आपके कॉल लेने, वह या वह आपके संदेश या ईमेल का जवाब नहीं दे रहा है, यापति का किसी और से सम्बन्ध, यापत्नी का व्यवहार कठोर होना और आपकी माँ सेझगडाकरना, ससुराल वालेसमस्याएं पैदा कर रहे हैं, पति या पत्नी के अतिरिक्त वैवाहिक मामले आदि। ऐसी सभी समस्याओं के लिए शाबरवशीकरण, लव मंत्र से संबंधित मंत्रों का उपयोग करके हल किया जा सकता है और इन् मंत्रो का उचारण करके अतिरिक्त लाभ हो सकता है।

शाबर मंत्रसभी शट-कर्म के लिए यानी शंतिकरण, वशीकरण, उचाटन,विधेशन, स्तम्भन,और मारन मंत्र के लिए किया जाता है। इन मंत्रोका, नज़र दोष, बीमारियों, बुरी आत्माओं आदि के खिलाफ संरक्षण के लिए उपयोग किया जाता है। शाबर मंत्रअद्भुत और आपको अनुकूल परिणाम देने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली हैं। इन मंत्रों के रूप से इसका सही एवं सकारात्मक उपयोग किया जाना चाहिए। इनका उचारण करते वक़्त इसका कोई भी परिवर्तन न करें। आदेश या स्वामीजी द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें इससेआपके सभी सपने सच होंगे। इससेआपएक खुश जीवन का नेतृत्व और दुनिया का आनंद लें सकेंगे। प्रकृति का आनंद लें। सफलता पाने में कामयाब होंगे और हमेशा के लिए सफलता की राह पर चलेंगे।

शाबर मंत्र का उपयोग हमेशा सकारात्मक कामो के लिए किया जाना चाहिए नकारात्मक कामो के लिए नहीं अर्धात अगर कोई व्यक्ति इस मंत्र का उपयोग किसी को नुक्सान पहुँचाने के लिए करता है तो इसका मंत्र उल्टा भी पड सकता है|
इन मंत्रो की विशेष बात यह है की इन् मंत्रो का उचारण करने के लिए किसी भी व्रत , तर्पण, हवं, दान, पूजन की जरुरत नही होती |
शाबर मंत्र कोई भी व्यक्ति चाहे वो स्त्री हो या पुरुष , वृद्ध हो या युवा सभी इसका उच्चारण कर सकते है औरसकारात्मक फल प्राप्त कर सकते है |
तो यह थे निम्नलिखित शाबरमंत्र के लाभ एवं गुरु गोरखनाथ साधना मंत्र के उपाय |

बेहतर नौकरी पाने के आसान उपाय

बेहतर नौकरी पाने के आसान उपाय updated 2023

मध्यमवर्गीय समाज में बच्चे के जन्म के साथ ही उसके माता-पिता उसके अच्छी सी नौकरी के स्वप्न देखने लगते हैं। वे अपने बच्चों की परवरिश इस प्रकार करते हैं की उन्हें अच्छी सी बल्कि सरकारी नौकरी जल्द मिल जाए। बच्चे भी माता-पिता के स्वप्न को पूरा करने की जी-तोड़ कोशिश करते हैं। वो हर प्रकार से बेहतर नौकरी पाने के आसान उपाय अपनाते हैं जिनसे सबको जीवन में खुशी मिल जाए। लेकिन कहते हैं न भाग्य का साथ होना जरूरी होता है। अगर किस्मत के सितारे अच्छे न हों तो कोई भी उपाय काम नहीं आता है। तो आइये देखें की नौकरी पाने के अचूक टोटके क्या हो सकते हैं जिनसे सफलता जल्दी मिल जाए।

बेहतर नौकरी पाने के आसान उपाय

शिव पूजन:
कहते हैं भगवान शिव तो भोले भण्डारी हैं। सबके मन की इच्छा बिना कहे जान लेते हैं और बहुत सरल उपाय से प्रसन्न हो जाते हैं। अगर आप भी नौकरी पाने का अचूक टोटका अपनाना चाहते हैं तो शिव भगवान की पूजा करें। शिव लिंग पर जल और दूध का मिश्रण को अर्पण करें और बिना टूटे चावल चड़ाएँ।

काली पूजा :
देवी काली, शक्ति का ही नहीं माँ का भी रूप हैं। इसलिए सच्चे मन से की गई माँ काली की पूजा जरूर फल देती है। अगर आप नौकरी पाने में सफलता के उपाय करना चाहते हैं तो माँ काली का पूजन करें। इसके लिए महीने के पहले सोमवार को सफ़ेद कपड़े में काले चावल बांध कर माँ काली को अर्पित कर दें। माँ काली निश्चित ही प्रसन्न होंगी और आपको नौकरी मिल जाएगी।

गौ-ग्रास:
कहते हैं गौ के शरीर में 33 करोड़ देवी-देवता निवास करते हैं। एक गाय की सेवा करने से बहुत पुण्य मिलता है। हो सकता है आपके जीवन में सरकारी नौकरी का योग है लेकिन मिल नहीं रही है तो कुछ करना चाहिए। ऐसी स्थिति में आपकी नौकरी पाने का अचूक टोटका अपनाना चाहिए। इसके लिए घर में एक आटे की बड़ी सी लोई लेकर उसमें थोड़ा सा गुड रख दें। अब सुबह के समय घर से निकलते समय यह पूड़ा लेकर निकलें और किसी भी गाय को खिला दें। यह उपाय शीघ्र ही आपकी समस्या को हल करेगा।

दरिद्र नारायण:
किसी गरीब को दान देना महादान कहलाता है। कई बार परिस्थितियाँ ऐसी बन जाती हैं की सारे उपाय और मंत्र असफल हो जाते हैं। इस हालत में आप नौकरी में सफलता के उपाय के रूप में कुछ अलग भी कर सकते हैं। आप अपने साल में तीन बार किसी गरीब व्यक्ति को कंबल का दान कर दें। दरिद्र को दान करने से उसके मन से सच्चा आशीर्वाद मिलता है। आपको हर हाल में नौकरी मिल जाएगी।

हल्दी-स्नान:
हल्दी का हिन्दू धर्म में बहुत पवित्र स्थान है। घर के रसोई से लेकर पूजा घर तक हल्दी का उपयोग होता है। इसी हल्दी का आप उपयोग नौकरी पाने के अचूक टोटके के रूप में कर सकते हैं। सुबह अपने नहाने के पानी में हल्दी मिला दें। फिर इस हल्दी वाले पानी से स्नान करें। स्नान करके घर के पूजा घर में 11 अगरबत्ती से भगवान की पूजा करें। जिसदिन आपको सरकारी नौकरी का योग हो उसदिन यह उपाय जरूर करें। नौकरी पाने का यह अचूक उपाय है।

गणेश पूजन:
भगवान गणेश को विध्नविनाशक और विध्नहर्ता भी कहा जाता है। यदि सरकारी नौकरी की इच्छा हैं, तो उसके लिए एक मंत्र से गणेश जी को प्रसन्न किया जा सकता है। गणेश जी की मूर्ति के आगे चन्दन की माला से 11 बार “ॐ वक्रतणडाय हूं” का जाप करें। यह सरकारी नौकरी पाने का मंत्र है जिसकी सफलता में कोई संदेह नहीं है ।

खग-भोज:
रात के बाद सुबह-सुबह पक्षियों की आवाजें मन को मोह लेती हैं। यही पक्षी बेरोजगारी की अवस्था में नौकरी पाने का अचूक टोटका भी हैं। बेहतर नौकरी पाने के उपाय के रूप में पक्षियों को दाना जरूर डालें। इसके लिए सात तरह का अनाज जिसे सतनजा भी कहते हैं प्रयोग में लाया जा सकता है। अगर सतनजा नहीं मिलता तो बाजरा भी लिया जा सकता है।

शनिदेव उपाय:
शनि भगवान के उपाय हर प्रकार के संकट काटने वाले होते हैं। कई बार आप अपनी वर्तमान नौकरी से खुश नहीं होते हैं। आप नौकरी बदलना चाहते हैं और सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं तो शनि मंत्र का जाप करें। शनिवार के दिन, शनि देव की पूजा करते हुए, “ऊंशंशनैश्चराय नमः” का 108 बार जाप कर लें। सरकारी नौकरी पाने का मंत्र इससे अच्छा और कोई नहीं है ।

नींबू उपाय:
नींबू प्यास बुझाने के ही काम नहीं आता है बल्कि यह किस्मत की बाधाएँ भी दूर करता है। कुछ व्यक्ति विभिन्न प्रकार के उपाय अपनाते हैं जिससे उनके बिगड़े काम बन जाएँ। आप भी अगर नौकरी पाने का अचूक टोटका चाहते हैं तो यह उपाय अपनाएँ । इसके लिए आप एक कागदी नींबू ले लें। अब इस नींबू के चार टुकड़े कर लें और एक चौराहे पर ले जाएँ। वहाँ जाकर इस कटे नींबू को चार दिशाओं में फेंक दें। अब बिना किसी ओर देखे घर वापस आ जाएँ। इस उपाय से घर में किसी प्रकार की बाधा हो तो दूर हो जाएगी। आपको नौकरी में सफलता पाने के उपाय के रूप में कुछ और नहीं करना होगा।

हनुमान सेवा:
हनुमान जी, श्री राम के सेवक हैं और हर प्रकार की मुश्किलों का हल करके सबका मंगल करते हैं। अगर आप नौकरी न मिलने से परेशान हैं तो हनुमान जी की पूजा सच्चे मन से करें। इसके लिए वो चित्र लें जिसमें हनुमान जी पहाड़ के साथ उड़ते दिखते हैं। बेहतर नौकरी पाने का आसान तरीका है ये हनुमान पूजा । सच्चे मन से उनकी पूजा करें और नौकरी में सफलता पाएँ।

इन उपायों को अपनाने से किसी की नवयुवक या नवयुवती को बेरोजगार नहीं रहना होगा। यह सारे उपाय नौकरी पाने के अचूक टोटके हैं। अगर किसी को सरकारी नौकरी पाने का मंत्र चाहिए तो उसके लिए शनि देव के मंत्र का जाप कर। यह नौकरी में सफलता के उपाय हैं।

तबादला रुकवाने का उपाय मंत्र

तबादला रुकवाने का उपाय मंत्र updated 2023

तबादला रोकने का टोटका। मनचाहे स्थानांतरण के उपाय मनोवांछित तबादला होने के उपाय – नौकरी के दौरान तबादला होना एक आम सी बात है, कुछ नौकरियों की प्रकृति ऐसी होती है, जिसमें बार-बार तबादले होते हैं। बहुत ही कम क्षेत्र ऐसे हैं, जहां जीवन भर व्यक्ति एक ही जगह रहकर काम करता हो। कई बार शहर वही होता परंतु विभाग बदल जाते हैं। यह किसी भी प्रतिष्ठान के लिये यह जरूरी भी है, इससे कर्मचारी तथा अधिकारियों पर नियंत्रण भी रहता है, साथ ही उनके अनुभवों का जहां आवश्यकता हो वहां उपयोग होता है। परंतु, बार-बार किसी नई जगह तथा नए लोगों के बीच जाकर जाकर गृहस्थी जमाना, अपनी कार्य कुशलता सिद्ध करना टेढ़ी खीर है। गृहस्थी का टीम-टाम उठाने, ले जाने में आर्थिक नुकसान तो होता ही है, यदि घर में पढ़ने-लिखने वाले बच्चे हों तो उनके लिए भी समस्या हो जाती है। कई अधिकारी तो मात्र खुंदक निकालने के लिए अपने अधीनस्थ को ऐसी जगह तबादला कर देते हैं जहां सरलता से पानी भी नसीब न हो। इस दुखदायी परिस्थिति से बचने के लिए कई लोग नौकरी तक छोड़ देते हैं ।

तबादला रोकने के टोटके

यदि बार-बार होने वाले तबादलों से तंग आ चुके हों, तो निम्नलिखत उपाय आजमाएं –

गुड़ की सात डलिया, साबुत हल्दी की सात गांठें तथा एक रूपये का सिक्का लेकर, गुरूवार के दिन नए पीले कपड़े में बांध लें रेलवे लाइन के दूसरी तरफ फेंक दें। फेंकते समय अपनी इच्छा स्पष्ट शब्दों में उच्चारित कर बोलें।
पांच ग्राम वजन वाले सुरमें की एक डली लेंकर किसी भी सुनसान जगह पर जाकर ताजा गड्ढा खोदकर गाड़ दें। जिस वस्तु से जमीन खोदी हो, उसे वापस लेकर नहीं आना है। ध्यान रखें 5 ग्राम वजनयुक्त सूरमे की एक ही डली हो।
तबादले की भनक लगते ही यह टोटका प्रारंभ करें। प्रातः काल स्नादि क्रिया निवृŸा होकर दो तांबे का लोटा लें, एक लोटे में जल तथा लाल मिच के 21 बीज तथा दूसरे लोटे में जल के साथ लाल फूल, गुड़ तथा बेलपत्र डालकर सूर्य देव को अध्र्य दें। यह उपाय कम से कम 21 दिन नियमित रूप से करें।
प्रतिदिन स्नान के बाद ओम सूर्याय नमः मंत्र का एक माला जाप करें।
यदि तबादलों के कारण किसी स्थान पर दो वर्ष भी नहीं टिक पा रहे हों तो 10 पीले नींबू ले लें तथा उसे किसी नदी की धारा में प्रवाहित कर दें।
सवा चार रत्ती लहसुनिया चांदी में मढ़वाकर गुरूवार को सूर्योदय से पूर्व धारण करें।
ढाक(पलाश) के पत्तों से एक दोना बनाएं, अब उसमें लाल गुलाब की पत्तियों से भरकर नदी में बहा दें। यह उपाय संध्या काल में करें।
एक ऐसा सिक्का लें जिसमें कोई चेहरा बना हो, सुनसान गली में टहलते हुए हाथ में वह सिक्का लेकर कल्पना करें उसमें बना चेहरा उस अधिकारी का है, जो आपके तबादले के लिए जिम्मेदार है। अब ऊपर की तरफ सिक्का उछाले तथा मन ही मन कहें -जो ऊपर जा रहा है, वही एक दिन नीचे आएगा, अथवा अत्यधिक प्रभावशाली है जो, वह एक दिन विनम्र और दयावान भी होगा। ध्यान रखें ऐसा करते कोई आपको देखे नहीं। रात के समय गली सुनसान रहती है, इसलिए यह उपाय रात में ही करना चाहिये।
स्वर्ण जड़ित माणिक्य रत्न की अंगूठी रविवार के दिन दाहिने हाथ की अनामिका में धारण करें।
प्रति दिन आदित्य ह्नदय स्त्रोत्र का पाठ करें।
प्रत्येक शनिवार पानी तथा गुड़ मिश्रित दूध पीपल के पेड़ पर चढ़ाएं। कार्य स्थल संबंधी सभी समस्याएं दूर होती हैं।
सोमवार के दिन नौकरी में जितने भी वर्ष हो गए हों, उतनी पीली कौड़ियां पूजा स्थल पर रखंें , पीले आसन पर बैठकर सूर्य देव की आराधना करें व सूर्य मंत्र का जाप अथवा आदित्य ह्नदय स्त्रोत्र का पाइ करें। ले लें
मनोवांछित स्थानांतरण के उपाय/मंत्र

एक ही स्थान पर कई वर्षों तक काम करते रहने के दौरान कई बार सहकर्मियों से खटपट, या बॉस के साथ अनबन की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसा न भी हो, तो किसी अन्य कारण से आ रही समस्याओं के कारण व्यक्ति उस स्थान को छोड़कर ऐसी जगह जाना चाहता है, जहां वह सुकून से काम कर सकें। ऐसी परिस्थिति में निम्नलिखित उपाय में से किसी को भी आजमाया जा सकता है।

प्रत्येक मास किसी एक रविवार को तांबे का पात्र, लाल कपड़ा, गुड़, केसर, मसूर, रक्त चंदन तथा गेहूं का दान करें।
मनपसंद तबादला के लिए चंद्रदेव की शरण में जाना भी लाभकारी होता है। इसके लिए शुक्रवार की सुबह ब्रम्हमुहूर्त से पूर्व जाग जाएं तथा स्नानादि से निवृŸा होकर अपने ऊपर से दही अथवा उजली बर्फी सात बार ऊसार लें तथा चंद्र देव से बोलकर प्रार्थना करें -जगत को अपनी शीतलता प्रदान करने वाले हे चंद्र देव! मेरा तबादला अमुक स्थान पर करवा दें। ऐसा सात बार बोलने के बाद, बर्फी या दही जो भी इस्तेमाल किया हो उसे सूरज उगने से पहले किसी चैराहे पर रख दें। यह उपाय किसी खुली जगह पर जिस दिशा में चंदमा नजर आ रहा हो उसी तरफ मुख करके करना चाहिए। यह इच्छा पूरी हो जाए तो चंद्र देव को खीर अथवा उजली बर्फी अर्पित करें।
प्रति दिन स्नान के बाद सूर्यदेव को तांबे के लोटे में जल के साथ 108 लाल मिर्च का बीज मिलाकर अघ्र्य दें,। अघ्र्य देते समय ओम घृणि सूर्याय आदित्याय नमः मंत्र का पाठ करते रहें। यह उपाय कम से कम 21 दिन अवश्य करें।
रात को बिस्तर पर जाने से पहले अच्छी तरह हाथ पैर धो ले तथा सोने से पहले हनुमान चालीसा का नियमित रूप से पाठ करें तथा हनुमान जी से अपनी इच्छित स्थान पर तबादले के लिए बाधा नाश करने की प्रार्थना करें। ध्यान रखें, कभी भी पैर से पैर रगड़कर नहीं धोना चाहिये।
यदि तबादलों के कारण किसी स्थान पर दो वर्ष भी नहीं टिक पा रहे हों तो 10 पीले नींबू ले लें तथा उसे किसी नदी की धारा में प्रवाहित कर दें।
निम्नलिखित मंत्र का प्रति दिन एक माला जाप करें-
ओम परब्रम्ह परमात्मने नमः

उत्पत्ति-स्थिति-प्रलयं-कराय ब्रम्ह हरिहराय

त्रिगुणात्मने सर्व कौतुकानि दर्शय, दत्तात्रेयाय नमः

मम सिद्धिं कुरू-कुरू स्वाहा।

उक्त मंत्र में मम के स्थान पर अपना नाम लें| इसकी मदद से किसी भी मनोकामना की सिद्धि हो सकती है, इसलिए इसका उपयोग तबादला रूकवाने के साथ-साथ मनोवांछित तबादले के लिए भी करवाया जा सकता है।

तलाक रोकने के उपाय

तलाक रोकने के उपाय updated 2023

यदि आप तलाक की समस्या से परेशानी में हैं, यदि आप अपने रिश्ते में गोलमाल रोकना चाहते हैं, तो आप चिंता मत करो, क्योंकि आपके पास उपचार है। इस आलेख में आप तलाक के कारणों और उपचारो को सबसे शक्तिशाली ज्योतिष समाधान के माध्यम से जान पाएगे।

तलाक रोकने के उपाय

शादी 2 व्यक्ति दो परिवार को एकजुट करने के लिए एक बहुत ही पवित्र अनुष्ठान है। शादी के दौरान कई रिश्ते अपना नया रूप लेती है एवं यही दूसरी ओर तलाक सभी रिश्ते , सभी भावनात्मक भावनाओं, साथी आदि के साथ सभी प्रतिबद्धताओं के अंत कर देता है। यह एक सच है की इतना आसान नहीं होता की हम पूर्ण तरीके से हमारे सभी जिम्मेदारियों को आसानी से संभाल पाए और परिवार के जीवन स्थितियों को संभालना भी इतना आसान नहीं है। लेकिन अगर एक व्यक्ति जीवन की सच्चाई का सामना करने का साहस दिखा रहा है इसका मतलब है की वह किसी भी रिश्ते को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है इससे पता चलता है की वह हर स्थिति को सँभालने की क्षमता रखता है।

लेकिन दुर्भाग्य से यह होता है कि यहां तक कि हर संभव प्रयास करने के बावजूद तलाक को नहीं रोक पाता| कभी-कभी यह कारण भी स्पष्ट नहीं हो पता की क्यों यह हो रहा है। एसी स्थिति में केवल मनोगत विज्ञान कुछ सर्वश्रेष्ठ समाधान प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। ज्योतिष भारत का एक ऐसा विज्ञान है जो जीवन में हो रहे अडचनों के लिए कारण एवं उसका उपचार खोजता है। इस के माध्यम से न केवल हम कारण पता कर सकते हैं लेकिन हम सभी बाधाओं को साफ़ करने के लिए सही तरीके का उपयोग भी कर सकते हैं। यदि आप तलाक के कारणों एवं उससे बचने के उपचारों का पता लगाना चाहते है तो ज्योतिष की मदद से आप जान सकते है कई उपचार जिससे आप अपने रिश्ते को बेहतर बनाने में कामियाब हो सकते है |

तलाक के कई अलग अलग मामले हो सकते है । लेकिन अधिकांश मामलों में ज्योतिषियों ने जो पाया है कि रिश्ते टूटने के कारण निम्न कारण है।

मंगल दोष एक तोड़ने के मुख्य कारण के ऊपर है।
बेजोड़ कुंडली के बीच संबंध , तलाक का एक महत्वपूर्ण कारण है |
काफी समय यह भी देखा जाता है की किसी प्रभाव से रिश्तो में कड़वाहट और खट्टापन आ जाता है |
कुछ कुंडलियो में नाडी दोष पाया जाता है जो कुंडलियो को प्रभावित करता है और रिश्तो में दोष के रूप में उभर कर आता है |
एक और महत्वपूर्ण कारण साथी द्वारा असामान्य व्यवहार है और निदान पर यह पाया गया है की साथी बुरी नज़र प्रभाव या काले जादू से प्रभावित है |
विवाह स्थान पर ग्रहण के कारण भी तलाक की समस्या आ सकती है |
तो कई कारण है जो कुंडलियो को देखकर एवं ज्योतिष विध्याओ से पूरी की जा सकती है | विभिन्न मामलों में उपचार के विभिन्न प्रकार हैं।

बेहतर जीवन के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव:

अपने कुलदेवता की पूजा करे।
अपनी कुलदेवी की रोज पूजा करे |
अपने पूर्वजो के लिए समय समय पूजा रखवाए और अमावस्या के दिन खासतोर पर पूजा एवं दान करे |
इस से आप अपने जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सक्षम हो जाएगा। कई समस्याए स्वचालित रूप से आपके जीवन से दूर हो जाएगी।

तलाक को रोकने के लिए विशेष उपचार:
कभी-कभी केवल ग्रहों की शांति करके तलाक को रोकना संभव है।
कभी – कभी दान पुण्य करके भी हम तलाक को रोक सकते है |
बहुत तरीके की विशेष पूजाए होती है जो हमारे जीवन की परेशानियों को नष्ट करती है | हमें उन पूजाओं का सहारा लेना चाहिए |
कुछ विशेष टोटके भी अपनाए जा सकते है तलाक को रोकने क लिए|
देवी पार्वती के मंत्र का जाप कीजिए जब तक स्थिति सामान्य ना हो जाए| इस मंत्र हर रोज 3, 5 या 11 बार जाप करे । एक शांत जगह में इस मंत्र का जाप एक ऊनी कंबल पर बैठ कर करे। इस मंत्र का हर रोज जप करने के बाद, व्यक्ति को परिवार और भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए की उनके रिश्ते में सद्भाव बनाए रखे |

यह उपाय शुक्ल पक्ष में शुक्रवार को जन्म कुंडली में चंद्रमा की शुभ स्थिति के दौरान किया जाना चाहिए। जिस जगह आप इस उपाय को करने के लिए जा रहे हैं वह साफ और शुद्ध होना चाहिए। आप उपाय प्रदर्शन प्रारंभ करने से पहले गंगा पानी के साथ हाथ धो लें। उत्तर दिशा की ओर मुख करके लाल रंग के ऊनी कंबल पर बैठ जाए। उसके बाद, देवी पार्वती की पूजा और जाप करे । हर बार जब आप मंत्र जाप करे ,तो देवी को हरी दाल प्रदान करे । मंत्र का जप करने के बाद, देवी पार्वती से अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति को बनाए रखने में मदद करने के लिए प्रार्थना कीजिये।

एक वर्ग के आकार का लकड़ी का बक्सा ले। एक लाल रंग के कपड़े को चार बार मोड़ो, और उस बक्से पर डाल दीजिये । उसके ऊपर देवी पार्वती की तस्वीर रखिए और अपने दाहिने हाथ पर शुद्ध घी का एक दीया प्रकाशीत किजिये और 108 हरी दाल एक कटोरी में डाल दीजिए। देवी पार्वती को हरी दाल की पेशकश कीजिए और फिर सात बार अपने आप के चारों ओर घूमना और पक्षियों को डाल दीजिए। यह उपाय नियमित रूप से 21 या 31 के लिए प्रदर्शनपूर्ण विश्वास और भावनाओं की पवित्रता के साथ कीजिए। कुछ ही दिनों में समस्याओ में जल्द ही सुधार होगा और धीरे–धीरे रिश्ते में सुधार आने लगेगा |

इन निम्न टोटको को तलाक से बचने के लिए प्रयोग में लाया जा सकते है –

अन्य विभिन्न तरीके हैं, लेकिन केवल कुंडली या समस्याओं का उचित अध्ययन के बाद ही यह सबसे सही उपाय प्रदान करने के लिए संभव है। यदि आप वास्तव में सबसे अच्छा परिणाम संक्षेप में चाहते हैं,और आप अपने रिश्ते के बारे में वास्तव में गंभीर हैं, तो इन निम्न टोटको को अपनाए ताकि जल्द से जल्द आपको उचित उपचार मिल सके और आप उसका पूर्णतः प्रयोग कर तलाक से बच सके |

सियार सिंगी का वशीकरण प्रयोग

सियार सिंगी का वशीकरण प्रयोग updated 2023

सियार सिंगी वशीकरण प्रयोग, सियार सिंगी की पहचान/फायदे,सियार सिंगी को सिद्ध करने की विधि – तंत्र-मंत्र के अनेक प्रयोगों में सियार सिंगी का उपयोग किया जाता है| यह चमत्कारी परिणाम देने वाली वस्तु है| इससे संबन्धित प्रयोगों अथवा इसके फ़ायदों के बारे में जानने से पूर्व यह जानना आवश्यक है कि सियार सिंगी क्या है और इसकी पहचान क्या है| दरअसल प्राणी शास्त्रियों के अनुसार सियार को सिंह(हॉर्न) नहीं होता है| परंतु जब वह विशेष मुद्रा में हुआ-हुआ करता है तो उसके मस्तक पर एक नुकीली संरचना उभर आती है जो हड्डियों के समान सख्त होती है| यही नुकीली संरचना सियार सिंगी कहलाती है| अनेक साधक इसे सिद्ध करने के बाद अपनी जंघा चीरकर उसके भीतर सियार सिंगी रख लेते हैं| ऐसा करने से वह अजेय हो जाते हैं| परंतु यह सामान्य मनुष्य के वश की बात नहीं है इसलिए ऐसी चेष्टा नहीं करनी चाहिए|

सियार सिंगी की पहचान/फायदे

यह भूरे बालों से ढँकी होती है| हैरत की बात यह है कि यदि इसे सिंदूर में मिलाकर रख दिया जाए तो उसके बाल बढ़ने लगते हैं| बालों का बढ़ना ही इसकी पहचान है| यह छोटी, बड़ी, चपटी हो सकती है परंतु किसी भी स्थिति में आंवले से बड़ी न नहीं होती है| तांत्रिक-मांत्रिक इससे बड़े-बड़े प्रयोग करते हैं, साधारण व्यक्ति इसे सिर्फ सिंदूर की डिब्बी में भरकर रखे तो भी अत्यंत कल्याणकारी होता है| इसके अतिरिक्त –

होली के दिन सियार सिंगी को चांदी की डिब्बी में रख लें तथा प्रत्येक पुष्य नक्षत्र में सिंदूर चढ़ाएँ| इससे धन का प्रवाह होता है, कर्ज से मुक्ति मिलती है|
तांबे या चांदी की डिब्बी में सियार सिंगी को भरकर उसके ऊपर पहले लौंग इलायची रखें, पुनः उसके ऊपर सिंदूर डालकर डिब्बी कसकर बंद कर दें| अब उस डिब्बी को लाल कपड़े में लपेटकर पूजा स्थल, गल्ला, तिजोरी कहीं भी रख दें| अब नित्य उस स्थान पर’ ॐ नमो भगवती पद्मा श्रीम ॐ हरीम, पूर्व दक्षिण उत्तर पश्चिम धन द्रव्य आवे, सर्व जन्य वश्य कुरु कुरु नमःl” मंत्र का जाप पाँच बार करे| जो भी समस्या हो मन ही मन कहें| पारिवारिक जीवन जीने वाले लोगों के लिए यह विधि आदर्श है|
सियार सिंगी वशीकरण प्रयोग

प्रयोग – 1

वैसे सियार सिंगी एक दुर्लभ वस्तु है, यदि यह किसी प्रकार मिल जाए तो इससे अचूक वशीकरण प्रयोग किए जा जा सकते हैं| उदाहरण के लिए सियारसिंगी की सहायता से किए जाने वाले कुछ कारगर प्रयोग निम्नलिखित हैं –

यह प्रयोग शुक्रवार को करें| स्टील की प्लेट पर जिसे वश में करना हो उसका नाम रोली या कुमकुम से लिख लें| अगर उसकी कोई तस्वीर आपके पास हो तो लिखे गए नाम के ऊपर उसकी तस्वीर रख दें| पुनः तस्वीर के ऊपर सियार सिंगी स्थापित करें| इस सियार सिंगी को आराध्य समझते हुए केसर से तिलक करें, जल, पुष्प, अच्छत एवं गंध(इत्र)अर्पित करें, मिष्ठान्न का भोग लगाएँ| अब 108 बार निम्नलिखित मंत्र का जाप करें –

बिस्मिलाह मेह्मंद पीर आवे घोढ़े की असवारी ,पवन को वेग मन को संभाले, अनुकूल बनावे , हाँ भरे , कहियो करे , मेह्मंद पीर की दुहाई , सबद सांचा पिण्ड काचा फुरो मंत्र इश्वरो वाचा.
यह मुसलमानों में प्रचलित प्रसिद्ध आजमाया हुआ मंत्र है| निरंतर 11 दिनों तक प्रतिदिन 108 बार जाप करने से सियार सिंगी अभिमंत्रित हो जाता है| ग्यारह दिन के पश्चात नाम लिखा हुआ स्टील की प्लेट, चित्र तथा सियार सिंगी किसी लाल कपड़े में बांध कर कहीं रख दें| जब तक वह चित्र सियार सिंगी के साथ बंधा रहेगा तब तक वह व्यक्ति आपसे सम्मोहित रहेगा| इसकी ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रतिदिन लाल कपड़े में बंधी सियार सिंगी के समक्ष 21 बार नित्य इस मंत्र का जाप करते रहें|

सियार सिंगी का वशीकरण प्रयोग 2

नवरात्रि, अथवा शनिवार को रात्रि के 10 बजे के उपरांत एकांत कक्ष में यह प्रयोग प्रारम्भ करें| सर्व प्रथम देवी चामुंडा की प्रतिमा अथवा चित्र किसी काष्ठ पीठिका पर लाल वस्त्र बिछाकर स्थापित करें| चित्र के सम्मुख एक थाली रखें, उसपर छः कोण युक्त दो ताराकृति अंकित करें| मध्य में सिंदूर से बिंदी लगाएँ तथा उसके ऊपर जोड़ा सियार सिंगी(नर तथा मादा) रख दें|

पुनः भूमि पर भी रोली अथवा कुमकुम से छः कोण युक्त ताराकृति का अंकन करें| उसके मध्य भाग में सिंदूर से बिंदी लगाएँ| बिंदी के ऊपर थोड़ा सा जल जल भरा लोटा रख दें, उसके ऊपर दीपक लगा दें| अब दीपक में दो साबुत लौंग रख दें| इस इंतजाम के पश्चात चमेली अथवा गुग्गल से धूप जलाएँ|

इसके बाद, पुष्प को जल में भिंगोकर देवी चामुंडा की प्रतिमा अथवा चित्र पर छींटे डालें, गोरोचन से तिलक करें, इत्र एवं अक्षत अर्पित करें| मिष्ठान्न का भोग लगाएँ| अब जिस व्यक्ति को वश में करना हो यदि वह स्त्री है तो मादा सियार सिंगी के ऊपर और पुरुष हो तो नर सियार सिंगी के ऊपर उसका चित्र रखें| यदि आप पुरुष है तो अपना चित्र नर सियार सिंगी के ऊपर स्त्री हैं तो स्त्री सियार सिंगी के ऊपर रखें| अब इस जोड़े का पंचोपचार विधि से पूजन करें| अब हाथ में दो लौंग तथा दो इलायची लें तथा देवी चामुंडा से अपने अभीष्ट हेतु प्रार्थना करें कि मैं ––अमुक गोत्र की अमुक व्यक्ति को अपने वश में करना चाहती/चाहता हूँ और इसी निमित्त से यह अनुष्ठान संपादित कर रही हूँ| ऐसा कहकर लौंग और इलायची देवी चामुंडा को अर्पित कर दें|

पुनः दो लौंग और दो इलायची लेकर सियार सिंगी के जोड़े को संबोधित करते हुए कहें कि – अब तुम मेरे पास हो मेरे हित में अमुक व्यक्ति को मेरे वश में करो| ऐसा कहकर लौंग तथा इलायची उसे अर्पित कर दें| पुनः सियार सिंगी पर लगे तिलक को स्पर्श कर उसी से अभीष्ट व्यक्ति के चित्र पर तिलक करें| यदि पुरुष को वश में करना हो तो मादा सिंगी का तिलक उठाएँ, स्त्री को वश में करना हो तो पुरुष सिंगी का तिलक उठाएँ|

अगले चरण में हकीक की माला पर निम्नलिखित मंत्र का 5 माला जाप करें –

ॐ नमो भगवते रुद्राणी चमुन्डानी घोराणी सर्व पुरुष क्षोभणी सर्व शत्रु विद्रावणी।

ॐ आं क्रौम ह्रीं जों ह्रीं मोहय मोहय क्षोभय क्षोभय …

मम वशी कुरुं वशी कुरुं क्रीं श्रीं ह्रीं क्रीं स्वाहा।

सियार सिंगी को सिद्ध करने की विधि

यह जाप तथा पूजन निरंतर 21 दिन तक करते रहें| नित्य पूजा के पश्चात प्रयुक्त मिठाई, पुष्प, अक्षत आदि को किसी पेड़ की जड़ अथवा चींटियों के बिल के समक्ष रख आएँ| अन्य वस्तुओं को लाल कपड़े में बांधकर सुरक्षित रख दें| बांधते वक्त अपना चित्र तथा अभीष्ट व्यक्ति का चित्र एक दूसरे की तरफ मुंह कर के रखें और उसके ऊपर सियार सींगियों को रखें| लोटे के ऊपर रखे दीपक का तेल थोड़ा बहुत रिसकर लोटे में गिर जाता है| उसे किसी चम्मच की सहाता से निकालकर काँच की छोटी सी शीशी में रख लें| प्रतिदिन तेल काँच की शीशी में भरने के बाद मंत्र जपकर उस पर तीन बार फूँक मारे| 21 दिन बाद काफी मात्र में तेल इकट्ठा हो जाएगा| दीपक में रखी जली हुई लौंग भी किसी शीशी में रखते जाएँ| 21 दिन के बाद वह व्यक्ति खुद आपके पास आएगा| यदि न आए तो सिर्फ जप करते रहें|

अब इस प्रयोग में इस्तेमाल की गई सभी वस्तुएँ उस व्यक्ति को वशीभूत करने के काम आ सकती हैं जैसे

सियार सिंगी पर चढ़ी लौंग को पीसकर चूर्ण बना लें और जैसे ही वह आपके सामने उपस्थित हो मन ही मन मंत्र दोहराते हुए उसके ऊपर छिड़क दें| वह आपसे वशीभूत होकर आपका दास बन जाएगा|
देवी चामुंडा को अर्पित लौंग इलायची उसके खाने-पीने वाली वस्तु में मिलाकर खिला दें|
गोरोचन का तिलक या तो उस व्यक्ति के मस्तक पर कर दें अथवा उसके ऊपर छिड़क दें|
इसमे ध्यान रखने योग्य तथ्य यह है कि पूजा में प्रयुक्त सामग्रियाँ असली हो|

अप्सरा और यक्षिणी वशीकरण कवच

अप्सरा और यक्षिणी वशीकरण कवच updated 2023

चेहरे पर निखार, आकर्षक शरीर और एक सेहतमंद शरीर की कामना भला आज कौन नहीं करता है। हर कोई आकर्षक नज़र आना चाहता है। तो इस मनोकामना को पूरा करने के लिए व्यक्ति आमतौर पर अप्सरा वशीकरण मंत्र और साधना का इस्तेमाल करता है, जिसे काफी कारगर व असरदार भी माना गया है। इसके बारे मे ये भी कहां गया है कि अप्सरा साधना की मदद से अप्सरा के जैसा सौंदर्य व समृद्धि प्राप्त किया जा सकता है और ऐसा नहीं है की सिर्फ इसका इस्तेमाल स्त्रिया ही कर सकती है, क्यूकी सुंदर शरीर और खूबसूरत चेहरे की लालसा पुरुष भी रखता है।

अप्सरा और यक्षिणी वशीकरण कवच

तो अब हम आपको बताते है अप्सरा साधना के बारे मे की किस प्रकार आप इसे कर सकते है। जैसा की हमेशा से यह मान्यता रही है कि अप्सराओ को गुलाब, चमेली, रजनीगंधा और रातरानी जैसे फूलों की सुगंध काफी पसंद आती है। अप्सरा साधना करने के दौरान उस व्यक्ति को खास तौर पर अपनी यौन भावनाओं पर संयम रखना पड़ता है। ऐसा न कर पाने से साधना सिद्ध नहीं हो पाती है। साधक पूरे विश्वास और संकल्प व मंत्र की सहायता से अगर इस साधना को करता है, तो माना गया है कि अप्सरा प्रकट होती है और उस समय वो साधक उसे गुलाब के साथ इत्र भेंट करता है। साथ ही उसे दूध से बनी मिठाई व पान आदि भेंट देता है और उससे जीवन भर साथ रहने का वचन लेता है। इन अप्सराओ मे चमत्कारिक शक्तिया होती है जो साधक की जिंदगी को सुंदर बनाने की योग्यता रखती है।

अब हम आपको रंभा अप्सरा साधना के बारे मे जानकारी देते हुए बताएँगे की इस साधना को करने के लिए आपको इस मंत्र का जप करना होता है, जोकि इस प्रकार है, मंत्र:

ऊँ दिव्यायै नमः! ऊँ वागीश्वरायै नमः!

ऊँ सौंदर्या प्रियायै नमः! ऊँ यौवन प्रियायै नमः!

ऊँ सौभाग्दायै नमः! ऊँ आरोग्यप्रदायै नमः!

ऊँ प्राणप्रियायै नमः! ऊँ उजाश्वलायै नमः! ऊँ देवाप्रियायै नमः!

ऊँ ऐश्वर्याप्रदायै नमः! ऊँ धनदायै रम्भायै नमः!

बाकी साधना के जैसे इसमे भी साधक को पूजा-अर्चना के बाद रम्भेत्किलन यंत्र के सामने बताए मंत्र का जप करना होता है। साधना हो जाने के बाद साधक की इक्छा पूर्ण होने के साथ उसके जीवन मे खुशियों आ जाती है।

अप्सरा साधना विधि को करने के लिए साधक के लिए जरूरी होता है कि वो कोई एक शांत जगह चुन ले। फिर उस जगह पर सफ़ेद रंग का एक कपड़ा बिछाकर, पीले चावल के इस्तेमाल से एक यंत्र का निर्माण करे। इसके बाद साधक के लिए जरूरी है कि वो अपने वस्त्र पर इत्र लगा ले जिससे वो सुगन्धित हो जाये और मखमल को अपना आसन बनाए। केवल शुक्रवार के दिन, आधी रात को आप इस साधना करे। ध्यान जरूर रखे की साधना करते वक़्त आपका मुख उत्तर दिशा की ओर हो और फिर बनाए हुए यंत्र का पंचोपकर पूजन करे। जिस एकांत जगह या कमरे मे साधक बैठा है वो वहाँ गुलाब के इत्र का प्रयोग करे। आस-पास एक सुगन्धित माहोल बना ले। इन सबके बाद आप गुरु गणपति का ध्यान करके स्फटिक मणिमाला का मंत्र के साथ 51 जप करे। मंत्र: “ऊँ उर्वशी प्रियं वशं करी हुं! ऊँ ह्रीं उर्वशी अप्सराय आगच्छागच्छ स्वाहा!!” इस अनुष्ठान को आप कुल 7, 11 या 21 दिनों तक करे और आखिरी दिन 10 माल का जाप करे। बताए मंत्र के नीचे अपना नाम लिखकर उर्वशी माला की मदद से बताए मंत्र का 101 बार जप करे, मंत्र: “ऊँ ह्रीं उर्वशी मम प्रिय मम चित्तानुरंजन करि करि फट”।

अप्सरा वशीकरण साधना से जुड़े एक शाबर मंत्र के बारे मे भी हम आपको बताते है। जिसको करने के लिए जरूरी है की आप एक बाजोट पर लाल रंग का कपड़ा बिछा ले और उस पर एक चावल से ढेरी बना ले, जो कुम्कुम से रंगे हो। आप जिस आसान पर बैठे वो भी लाल रंग का ही हो। इसके बाद उन चावल पर “पुष्पदेहा आकर्षण सिद्धि यंत्र” स्‍थापित कर दे और स्फटिक की माला से मंत्र जाप करे। मंत्र: “ॐ आवे आवे शरमाती पुष्पदेहा प्रिया रुप आवे आवे हिली हिली मेरो कह्यौ करै,मनचिंतावे,कारज करे वेग से आवे आवे,हर क्षण साथ रहे हिली हिली पुष्पदेहा अप्सरा फट् ॐ ”। शुक्रवार के दिन इस साधना को शुरू करे जो 7 दिनों तक चलती है। आपका मुख उत्तर दिशा की ओर हो इसका खास ध्यान रखे और मंत्र का रोज 11 माला जप करना होगा। बनाए हुए यंत्र पर रोज गुलाब का इत्र चढाये और 5 गुलाब भी चढा दे। घी का दीपक जला दे, जो साधना विधि के समय जलता रहे। आप जो धूप इस्तेमाल करे वो गुलाब का ही हो। जब मंत्र का जप किया जा रहा हो उस समय नजर यंत्र की ओर होनी चाहिए। इसी यंत्र के माध्यम से साधक को अप्सरा से वचन प्राप्त करने का मंत्र प्राप्त होता है।

तो यकीन है की रूप-रंग व यौवन की चाहत रखने वाले लोगों के लिए ऊपर बताई गई बाते मददगार होंगी, जिनके उपयोग से साधक अपनी मनोकामना को पूर्ण कर सकता है।

घोर रूपिणी वशीकरण

घोर रूपिणी वशीकरण updated 2023

घोर रूपिणी वशीकरण साधना, घोर रूपिणी वशीकरण प्रयोग, घोर रूपिण तांत्रिक उपाय- घोर रूपिणी वशीकरण क्या है? और इसकी साधना आखिर कैसे की जाती है?- इसी के बारे मे आज हम आपको बताएँगे। जब भी वशीकरण शब्द का जिक्र होता है, तब दिमाग के सिर्फ एक सवाल आता है की किस प्रकार के लोग आखिर इसका इस्तेमाल करते होंगे, क्यूकी एक बड़ी तादाद मे लोग इससे दूरी बनाकर ही रखना पसंद करते है। फिर भी कुछ ऐसे लोग होते है, जोकि अपनी इछाओ की पूर्ति करने के लिए वशीकरण साधना का इस्तेमाल करते है। वशीकरण सिर्फ एक तरीके से ही नहीं होता, बल्कि आपने दूसरे भी विधि-विधान के बारे मे सुना होगा, जैसे की बंगलामुखी वशीकरण, इन्द्र्जाल वशीकरण, आकर्षण वशीकरण, भोजपत्र वशीकरण, काली वशीकरण, मोहिनी वशीकरण इत्यादि। ये सब वो तरीके है जिनके इस्तेमाल से इंसान अपनी किसी भी मुराद को पूरा करने का प्रयास करता है।

घोर रूपिणी वशीकरण

इंसान की इच्छाए बहुत सारी होती है, कई बार वो सही तरीके से पूरी नहीं होती तो व्यक्ति किसी भी कीमत पर उसे पूरा करने की कोशिश करता है। जैसे कोई पुरुष किसी स्त्री को अपनी ओर आकर्षित करना चाहता है, किसिकों कर्ज़ से मुक्ति चाहिए, कोई अदालत के चक्कर लगाकर थक चुका है, कोई अपने शत्रु को नियंत्रण मे रखना चाहता है तो कोई विवाह मे आने वाली अडचनों को दूर करने के इरादे से वशीकरण, जादू-टोटके या तंत्र-मंत्र साधना विधि का इस्तेमाल करता है। उनही विधि-विधान मे से एक उपाय है घोर रूपिणी वशीकरण ।

तो अब आपको घोर रूपिणी वशीकरण के प्रयोग के बारे मे बताते है। माना गया है की इसकी साधना से साधक को काफी अच्छा परिणाम मिलता है। इसका प्रयोग करके साधक अपने शत्रु पर वशीकरण कर सकता है, साथ ही ये साधना की मदद से रूठी हुई पत्नी/स्त्री को भी वश में किया जा सकता है। तो इस मंत्र साधना का मंत्र इस प्रकार है,

मंत्र:
“अं कं चं टं तं पं यं शं बिन्दुराविर्भव, आविर्भव,
हं सं लं क्षं मयि जाग्रय-जाग्रय, त्रोटय-त्रोटय दीप्तं कुरु कुरु स्वाहा॥
पां पीं पूं पार्वती पूर्णा, खां खीं खूं खेचरी तथा॥
म्लां म्लीं म्लूं दीव्यती पूर्णा, कुञ्जिकायै नमो नमः।।
सां सीं सप्तशती-सिद्धिं, कुरुष्व जप- मात्रतः॥
इदं तु कुञ्जिका-स्तोत्रं मंत्र-जाल-ग्रहां प्रिये।
अभक्ते च न दातव्यं, गोपयेत् सर्वदा श्रृणु।।
कुंजिका-विहितं देवि यस्तु सप्तशतीं पठेत्।
न तस्य जायते सिद्धिं, अरण्ये रुदनं यथा॥
। इति श्रीरुद्रयामले गौरीतंत्रे शिवपार्वतीसंवादे कुंजिकास्तोत्रं संपूर्णम् “।

आप इस साधना को किसी भी अमावश, ग्रहण काल, दीपावली आदि शुभ महूरत में शुरू कर सकते है। बताए गए मंत्र का जाप लगातार सात दिन करना होता है। यानि सात दिनों मे आपको 11000 बार मंत्र जप करना होगा और मंत्र को सिद्ध करने के बाद आप जब भी भोजन करने बैठे तब उसे सात 7 बार अभिमंत्रिक कर ले और जिस भी व्यक्ति का नाम लेकर उस खाने को खाएँगे तो वो आपके वश मे हो जाएगा।

आज के समय मे हर कोई व्यक्ति माँ लक्ष्मी व धन की अहमियत को अच्छे से जान चुका है, जिसके बिना किसी भी इंसान का गुज़ारा कर पाना मुश्किल है। एक अच्छी जीविका चलाने के लिए हर इंसान कड़ी मेहनत करता है, पर फिर भी कुछ लोग ऐसे रेह जाते है, जिनपर माँ लक्ष्मी की कृपा नहीं हो पाती, व हमेशा धन के अभाव से जीवन मे समस्या बनी रहती है। तो ऐसे मे एक खास मंत्र का प्रयोग आप कर सकते है: “ऊँ नमः कर घोर-रूपिणी स्वाहा”। बताए गए मंत्र का जाप आप सुबह के समय, काल देवी की किसी सिद्धि स्थान पर जाकर करे, जिसमे आपको उस स्थान पर 11 माला जप करना होगा। फिर रात के समय 108 मिट्टी के दाने लेकर किसी कुएं पर जाकर, वहां दाए पैर को कुएं में लटका कर व अपने बाएं पैर को दाएं पैर पर रख दे और इस तरह बैठें की आपका चेहरा काल देवी की ओर हो। इसके बाद हर जप के हो जाने के साथ एक-एक करके उन सभी 108 मिट्टी के दानों को उस कुएं में डालते जाये। इस प्रक्रिया को आप 11 दिनों तक बिना रुके करें। इसके प्रयोग के बाद आप स्वय देख पाएंगे की आपको धन लाभ होने लगेगा।

एक और मंत्र के बारे मे हम आपको बताते है। मंत्र है: “ॐ नमः कट विकट घोर रूपिणी स्वाहा”। इस साधना को करते वक़्त ध्यान रहे की आप दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठे व किसी बेजोट के ऊपर एक लाल रंग के कपड़े को बिछा ले। आपका आसन कंबल हो यानि कोई भी ऊनी आसन ले सकते है। फिर उसके ऊपर एक नारियल को तिल के ढेर के ऊपर स्थापित कर दे। नारियल की पूजा करके उसके ऊपर सिंदूर से तिलक लगा दे। फिर धूप व दीपक जला दे और घोर रूपिणी का स्मरण करते हुये पूजा शुरू करे। भोग के लिए मिठाई ले ले। ध्यान रखे की बताए मंत्र का जाप आप काले हकीक या फिर रुद्राक्ष की माला से करे। साधना करने का समय शाम 8 से 10 बजे तक उचित रहेगा। पूजा पूर्ण होने के बाद आप उस नारियल को पास के किसी भी शिव मंदिर मे चड़ा सकते है या किसी भी काली मंदिर मे भी इसे दान कर सकते है। इस साधना को करने से भी साधक की मुराद पूरी हो जाती है।

अंत मे बस यही कहना चाहेंगे की मन की इच्छा पूर्ण करने के लिए आप बेशक ऊपर बताए उपाय कर सकते है, पर बिना वजह किसी का भी बुरा करने के लिए इन्हे इस्तेमाल न करे, जोकि बिलकुल अनुचित होगा।

माँ कामाख्या वशीकरण तंत्र साधना

माँ कामाख्या वशीकरण तंत्र साधना updated 2023

मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव द्वारा सती वियोग में किए गए तांडव से सती के अंग का पृथ्वी में गिरने से इस शक्तिपीठ का उद्भव हुआ या माता सती की योनि के रूप में माना जाता है ।यह् अत्यंत सिद्ध पिंड है

माँ कामाख्या वशीकरण तंत्र साधना

कामाख्या वशीकरण-

हर आदमी अपने शत्रुओं को अपने वश में करने के लिए कुछ न कुछ किया करता रहता है वशीकरण करके लोग अपनी इच्छाओं की पूर्ति करते हैं यह कई तरीके का होता है इसमें कई रुप होते हैं

कामाख्या स्त्री वशीकरण-

हर पुरुष चाहता है कि उसने उसकी पत्नी प्रेमिका उसके वश में हो एवं उसकी इच्छाओं की पूर्ति करें इसके लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ होकर रविवार को दिन से रात तक जाप करें जिससे या मंत्र सिद्ध हो जायेगा और 108 बार मंत्र जप कर इस मंत्र की फूक जिस महिला स्त्री पर डालेंगे वह वश में हो जायेगा

मंत्र-

ॐ नमः कामाख्यः देवी अमुकः मे वशं करी स्वाहः

पति वशीकरण –

हर स्त्री चाहती है कि उसका पति उसके वश में हो और उसकी हर आज्ञा का पालन करें सिर्फ उसी से ही प्रेम करें इसके लिए आपको गोरोचन अपने शरीर का मैल और उसको केले के रस में मिलाकर तिलक करें आपका पति आपके वश में हो जाएगा एवं आपकी सभी इच्छाओं की पूर्ति करेगा ।

कामाख्या मंत्र

ॐ नमोहः महापाक्षिणी पति मे वश्यः कुरु कुरु स्वाहः

आकर्षण के लिये-

अपने को आकर्षक बनाने के लिए भोजपत्र में अपनी अनामिका उंगली के खून से नाम लिख शहद में डाल देना चाहिए जिससे व्यक्ति की आकर्षण शक्ति बढ़ती है और 108 बार मंत्रों का जप करते रहना चाहिए।

मंत्र-

ॐ नमः आदि पुरुषयः अमुक कुरु कुरु स्वाहः

सुपारी द्वारा वशीकरण-

एक सुपारी को लेकर 1000 मंत्रों द्वारा अभिमंत्रित करना करके जिस व्यक्ति को खिलाया जाता है वह व्यक्ति वशीकरण हो जाता ।

मंत्र-

ॐ नमोहः भगवते वासुदेवायः त्रिलोचनायः त्रिपुरवाहनायः अमुकमः ममः वशयः कुरु कुरु स्वाहः

चनोंठी वशीकरण –

किसी को अपने वश में करना चाहते हैं तो सफेद चनोठी की जड़ लाकर उसे 324 बार मंत्रों से अभिमंत्रित करके जिस व्यक्ति को खिलाया जाता है वह व्यक्ति वश में आ जाता है

मंत्र-

ॐ नमोहः भगवती मातंगेश्वरी सर्व मुखः रंजने सर्वेश्वरी महामायः मातंगी कुमारीकेनन्द नन्द जिह्वे सर्व लोकः वशं करी स्वाहः

पुष्प वशीकरण –

108 मंत्र जप कर मंत्रों द्वारा किसी भी फूल को अभिमंत्रित करके जिस व्यक्ति को खिलाया या उसके सर पर फेंका जाता है वह व्यक्ति वश में आ जाता है

मंत्र

ॐ चामुंडे जयः जयः वशं करी जयः जयः सर्व सत्यः

प्रेम संबंध –

सुबह स्नान कर स्वच्छ होकर एक लाख बार इस मंत्र को जपने से प्रमुख वशीकरण होता है एवं प्रेम संबंधों में घनिष्ठता आती है

मंत्र

ॐ पति प्रियायः पद्मावती स्वाहः

कामाख्या सिन्दूर प्रयोग –

मां कामाख्या के सिंदूर का प्रयोग जो भी व्यक्ति करता है वह जादू टोना ग्रह कलेश शत्रु समस्या धन समस्या सभी से मुक्ति पा लेता है इसका उपयोग मांगलिक कार्यों में भी किया जाता है कामाख्या मां का सिंदूर अत्यंत प्रभावशाली एवं सिद्ध होता है इसका उपयोग करने वाला व्यक्ति हर स्तर पर अपनी विजय प्राप्त करता है एवं जो स्त्री सिंदूर का उपयोग करती है वह जीवन सुहागिन एवं धन ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है उसको कभी निराशा का मुख नहीं देखना पड़ता उसकी कोई इच्छा अधूरी नहीं रहती उसकी विजय हर क्षेत्र में होती है

पूजन विधि-

जातक को या किसी व्यक्ति को सिंदूर उपयोग करने से पहले सर्वप्रथम माता के प्रति विश्वास आस्था होनी अनिवार्य है एवं आपका मन शांत होना चाहिए या हर व्यक्ति को लाल वस्त्र धारण कर चांदी की डिब्बी में सिंदूर रख कर 108 बार मंत्रों का सच्चे मन से जप करना चाहिये एवं इस क्रिया को रोजाना स्नान कर स्वच्छ होकर 7 दिनों तक निरंतर करनी चाहिए एवं सातवें दिन सिंदूर को निकाल कर 11 बार मंत्र जप कर इस को अभिमंत्रित कर लेना चाहिए एवं इस अभिमंत्रित सिंदूर को हथेली में लेकर उसमे गंगाजल चंदन मिलाकर तिलक करना चाहिए इस तिलक को जो भी देखेगा वह मोहित हो जाएगा एवं आपके अंदर एक आकर्षण शक्ति उत्पन्न हो जाएगी

मंत्र-

कामाख्यायेहः वरदे देवी नीलपावर्ता वासिनी

त्व देवी जगतः मातः योनिमुद्रे नमोस्तुटेहः

शाबर मंत्र प्रयोग-

यह मंत्र अत्यंत शक्तिशाली होता है इसके द्वारा किसी भी व्यक्ति को स्त्री को अपने वश में किया जा सकता है एवं उससे अपनी सभी इच्छाओं की पूर्ति भी कराई जा सकती है इसका उपयोग किसी को नुकसान या हानि पहुंचाने की दृष्टि से नहीं किया जाना चाहिए ऐसा करने पर यह सफल नहीं होता है एवं स्वयं को ही इसके दुष्परिणाम मिल सकते हैं मां कामाख्या का शाबर मंत्र बहुत शक्तिशाली एवं सिद्धि पूर्ण करने वाला है इसको करने वाला व्यक्ति कभी खाली हाथ नहीं रहता उसकी कोई इच्छा कभी बाकी नहीं रहती।

इस साधना की शुरुआत किसी शनिवार के दिन स्वच्छ होकर स्नान कर आसन लगाकर पर प्रारंभ करनी चाहिए एवं 31 दिन नित्य इन मंत्रों का जप करते रहना चाहिए एवं साधक को वह आसन छोड़कर नहीं जाना चाहिए वहां पर ही सोना चाहिए वहां पर ही खाना चाहिए केवल नित्य क्रियाओं के लिए ही आसन छोड़ सकते हैं इस मंत्र को 1144 बार जप करना होगा एवं मां की विधिपूर्वक पूजा करनी होगी पूजा में लोबान दीप धूप करके मां को शराब का भोग लगाएं एवं फूल अर्पित करें और अपने मन मनोकामना मां के समान रखे एवं मां के चरणों से फूल उठाकर जिस स्त्री को दे देंगे वह सुनते ही आपके बस में आ जाएगी एवं आपकी सभी इच्छाएं पूर्ति करेगी

मंत्र-

कामाख्यः देश कामाख्यः देवी

बसे जहाँ इस्माइलः जोगी

इस्माइलः जोगी ने लगाई फुलवारिहः

फूलः तोडे लोना चमारी,

जे इस फूल को सूँघे वाश

तिस का मनः रहे हमारे पास,

महलः छोडे, घर छोडे, आँगन छोडे,

लोक कुटुम्ब की लाजयः छोडे,

दुआई लेना चमारी की,

धनवन्तरि की दुहाई फिरै,

स्त्री वशीकरण करने के उपाय

स्त्री वशीकरण करने के उपाय updated 2023

स्त्री वशीकरण कैसे, कहाँ और कब-कब: ऐसा कहा जाता है की जब घी सीधी उंगली से ना निकले तो उंगली टेड़ी करनी पड़ती है। इसी तरह हम लोगों के जीवन में कई बार ऐसा समय आता है जब हम अपना जीवन सुख शांति से व्यतीत नहीं कर पते। इसके कारण बहुत हो सकते हैं चाहे घर में कलह, दफ्तर में परेशानी, कोई पड़ोसी की दख्लं अंदाज़ी कुछ भी हो सकता है।

स्त्री वशीकरण करने के उपाय

और अगर मुजरिम औरत हो तो सीधे तरह बात कर पाना और भी मुश्किल साबित हो जाता है, इसलिए ऐसे में किस किस तरह के उपाय किये जा सकते हैं? स्त्री वशीकरण के लिए? इन्हें आज मैं आपके समक्ष रखूँगा।

सबसे पहले सबसे सरल और सहज उपाय बताये जाएं, जो करने में आसान हों और असरदार भी हों – पहला उपाय है की पूर्व-फाल्गुनी नक्षत्र में अनार के पेड़ से लकड़ी तोड़ लाएं और उसे धूप बत्ती दिखाएं इसके बाद उसे अपने दाएं हाथ पर बाँध लें, इससे आपकी बात चलने लगेगी और वशीकरण हो जायेगा।

दूसरा तरीका है की, ११०० बार इस मंत्र को जप कर स्त्री को पान खिलाएं, मंत्र है “स्त्री का नाम जय जय सर्व व्यननमः स्वाहा “

एक और तरीका है, एक महीने में दो पक्ष होते हैं – शुक्ल पक्ष जब चन्द्रमा बढ़ता है (पूर्णिमा तक) और कृष्ण पक्ष जब चन्द्रमा घटता है (अमावस्या तक), तो शुक्ल पक्ष में जब रविवार पड़े तो पांच लौंग शरीर के किसी ऐसे स्थान पर रखें जहाँ पसीना आता हो, फिर इसके बाद उसे धूप में सुखाकर चूर्ण बना लें,इसके बाद स्त्री को चाय या पानी में मिला कर पिला देने से स्त्री वश में हो जाती है।

चौथा तरीका है की पीली हल्दी लें, थोड़ा गाय का घी लें, गो-मूत्र लें, सरसों व पान के रास को एक साथ लेकर पीसें और शरीर पर लगाएं, स्त्रियां वश में आ जाती हैं।

पांचवा तरीका है कुछ कनेर के फूल लें और गौघृत मिलाएँ, वशीकरण यन्त्र रखें व आकर्षण मंत्र का जप करें। आप जिसका भी नाम १०८ बार लेकर जप करेंगे वो सात दिन में वशीभूत हो जायेगा।

छठा तरीका है की एक बिना किसी दोष का शंख लें और उसमें जल भरकर किसी लकड़ी के स्टूल पर रख दें, अपने सामने शंख रखकर निम्नलिखित मंत्र ११८८ बार उच्चारित करें – ॐ नमः रुद्राय ब्रं ब्रं ब्रं वशम् कुरु कुरु स्वाहा। अब इस शंख के जल को किसी तरह उस युवती को पिला दें तो काम बन जायेगा।

सातवां तरीका है की एक नारियल लें और उसमें से उसका छिलका ऐसे निकालें की कोई टूट-फुट न हो, फिर उसके मुख को चाक़ू से कुरेद कर छेद करें और उसमें घी भर दें, फिर उसे आँटे से बंद करके आग पर पकाएं, इससे वशीकरण हो जायेगा।

आठवां तरीका है की उस स्त्री के वस्त्र या बाएं पैर के मोजा को लें और मोहिनी मंत्र पढ़ते हुए उसे खरल में कूटें। फिर उसमें अपनी अनामिका ऊँगली या सबसे छोटी ऊँगली का रक्त के साथ और लौंग के पांच फूल के साथ मंत्र पढ़ कर मिलाएं, और फिर तब तक कूटें जब तक कपड़ा धागा धागा-धागा न हो जाये।

फिर इन धागों की बत्तियां बनाएं और चमेली का तेल मिला कर दीपक बनाएं, अब मिट्टी के दीये में इस बत्ती को रखें और भैरवी चक्र बनाएं, फिर बीच में दीपक की लौ जल के मंत्र जाप करें। हर रोज़ अगले २१ दिनों तक मंत्र जाप ११८८ बार करना होगा और हर रोज़ बत्ती बदलनी होगी।

२१ दिनों में स्त्री आपके आपे में होगी।

अगला तरीका है उन धागों की बत्ती ना बनाएं बल्कि उन्हें कूटनें के बाद नीम के पेड़ की जड़ के पास गाड़ दें। २१ दिनों तक हर रोज़ ११८८ बार वहां रात को जाकर काली का मंत्र जपें और सवेरे अपना पहला मूत्र उस गड़े धागे के पास करें।

एक अनूठा तरीका है “स्त्री का नाम जय जय सर्व व्यननमः स्वाहा “ की पांच माला २१ दिन तक करें तो फायदा होगा।

उसके बाद एक और तरीका है की औरतों की बिंदी लें और उसमें बबूल के गोंद और अपना वीर्य मिला दें। बिंदी पर कोट करें और उसे अँधेरे में रखकर धुप बत्ती दिखाएं। बिंदी को तांबे की डिबिया में रखें और माँ काली की तस्वीर या मूर्ती के सामने ज़मीन में गाड़ दें, अब उसके ऊपर दीपक जलाकर रखें।

इस दीपक में सरसों का तेल डालें और ११८८ बार इस मंत्र को उच्चारित करें – ॐ नमः कालिकाय कालरूप रक्तबीज नाशिनी मम कामना पूर्ती कुरु कुरु स्वाहा। २१ दिन पूरे होने पर यह बिंदी उस स्त्री तक पहुंचा दें और पहनवा दें, वह आपके वश में आ जाएगी।

अगर स्त्री पत्नी है और मांगलिक है तो तो जीवन में कलह और लड़ाई झगड़ा आ जाता है, ऐसे में आप कई कदम उठा सकते हैं पहले इस दोष को हटाने के लिए और फिर वशीकरण कारने के लिए – मंगलवार को दोनों या एक व्रत रहें, हनुमान जी को लाल बूंदी और सिन्दूर व चोला चढ़ाएं। मीठी रोटी जो तंदूर में बनी हों को दान में दें, मंगलवार के दिन सात मुट्ठी रेवड़ी बहती नदी में प्रवाहित करें।

मंगल व केतु के केतु दुष्प्रभाव से होने वाले दोष के लिए रक्तदान करें। बिना जोड़ का चांदी का छल्ला पहन लें। एक और अच्छा मंत्र है “ॐ ठः ठः ठः ठः स्त्री का नाम वशमा स्वाहा: ह्रीं क्लीं श्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा:” इस मंत्र को रविवार के दिन ११००० बार उच्चारित करने से सिद्ध होता है।

२५० ग्राम जाऊ का आता पीस कर रोटी बनाएं, उसे फिर एक तरफ धीमी-धीमी आंच पर सेंकें, ध्यान रहे की सिर्फ एक तरफ ही रोटी सेकें, दोसरी तरफ कच्चा छोड़ दें, उस कच्ची तरफ सिन्दूर का तिलक लगाएं और मीठा और दही रखें, इस तरह रखें की रोटी पूरी तरह ढक जाये।

अब इस रोटी को “ॐ ठः ठः ठः ठः स्त्री का नाम वशमा स्वाहा: ह्रीं क्लीं श्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा:” १०८ बार कह के दो में तोड़ कर काले कुत्ते को खिला दें, आपने जिस स्त्री के लिए ये किया है वह अवश्य ही प्रभावित होकर आपकी ओर खिंची चली आएगी।

इस तरह मैंने आपके समक्ष कई नुस्खे, टोटके, मंत्र और यन्त्र रखें हैं, मेरी आशा यह नहीं की आप इसका दुरूपयोग करें और किसी को परेशान करें बल्कि, अगर किसी परिस्थिति में विचलित हैं और उपाय ढूंढ रहे हैं तो मैं आपकी मदद कर पाऊं।

अघोरी बाबा वशीकरण मंत्र तांत्रिक साधना

अघोरी बाबा वशीकरण मंत्र तांत्रिक साधना updated 2023

अघोरी बाबा वशीकरण मंत्र तांत्रिक साधना- इससे पहले की हम अघोरी वशीकरण के उपाय आपको बताए, कुछ रोशीनी इनसे जुड़े तथ्यों पर डालते है। दरअसल अघोरपंथ का मार्ग अपना चुके साधक या यू कहे की अघोरपंथी साधक को ही हम अघोरी कहते है। जिनकी साधना करने का अपना तरीका व विधि होती है। उनके बारे मे हम आपको ये भी बताते है की वो सिर्फ गाये का मांस छोड़कर हर किसी दूसरी चीज़ का भक्षण करते है। इनकी साधना करने का तरीका सबसे अलग होता है। अघोरियों की पूरी दुनिया ही आम लोगों के लिए काफी रहस्यमयी होती है। जिससे जानने की इच्छा आम लोगों मे काफी होती है। यही नहीं अघोरी लोगों अपनी साधना को करने के लिए शमशान को उचित मानते है। शमशान जहां आम लोगों जाने से भी संकोच करते है। इनका मानना है की शमशान मे साधना करने से इन्हे जल्द परिणाम मिलते है और ये लोग इसी जगह वास करना भी पसंद करते है।

अघोरी बाबा वशीकरण मंत्र तांत्रिक साधना

भगवान शिव को अघोरपंथ की प्रेणना के रूप मे माना जाता है क्यूकी उन्होने ही खुद अघोरपंत को प्रतिपादित किया था। हम अघोरियों की स्थिति देख कई बार विचलित होते है या बेहद अजीब खयाल दिमाग मे घूमने लगते है। वो लोग अपने शरीर पर चिता की भस्म से लेप करते है, जो एक आम आदमी के लिए अजीब बात है। चिता भस्म के लेप के अलावा चिताग्नि पर भोजन बनाने से लेकर नर मुंडों की माला पहने भी इन्हे देखा जा सकता है। श्‍मशान साधना, शिव साधना व शव साधना- ये तीन ऐसी साधना है जिनहे ये अघोरी आम तौर पर करते है। जोकि अक्सर तारापीठ के श्‍मशान, कामाख्या पीठ के श्‍मशान, त्र्यम्‍बकेश्वर और उज्जैन के चक्रतीर्थ के श्‍मशान में किया जाता है।

अघोरियों के बारे मे इतनी सारी बातों बताने के अलावा, हम आपको अघोरी बाबा वशीकरण मंत्र, अघोर वशीकरण साधना व अघोरी तांत्रिक विद्या से जुड़ी कुछ अन्य बाते भी बताते है। सबसे पहले अगर अघोर वशीकरण साधना की बात की जाये तो देखा गया है की लोग अक्सर उस चीज़ को अपने वश मे करने की कोशिश करते है, जिनसे वो बहुत प्रेम करते है, ये रिश्ता कोई भी हो सकता है। इसके अलावा कोई खास चीज़ जिसे आप दिलो-जान से पाना चाहते हो, पर उसपर आपका कोई नियंत्रण नहीं होता। तब कई बार इंसान वशीकरण विद्या का सहारा लेता है। चलिये तो हम आपको एक ऐसा ही मंत्र बताते है – ।। ॐ नमो आदेश भैरवाय,काली के पुत आवे आवे चिंते चिंताये,कार्य सिद्ध् करावे,दुहाइ काली माइ की ।। 21 बार इस मंत्र का जाप करने से पहले जरूरी है की आप एक नया काले मट्टी का बना मटका ले और उसमे शमशान की बभुती डाल दे। बभुत के ऊपर कपुर की टिकिया रख दे। फिर मंत्र जाप के बाद उस मटके मे काली मिर्ची के कुछ दाने व लौंग डाल दे। इसके बाद जिसको वश मे करना है, एक सफ़ेद कागज़ पर उसका नाम काली स्याही से लिख दे। फिर काले कपड़े से मटके के मुह को बंद कर दे और मटके के सामने मिठे तेल का दीया जलाकर वशिकरण मंत्र का 11 माला जाप करे। फिर मटके को शमशान मे एक गड्डा खोदकर दबा दे। माला रुद्राक्ष या काले हकिक की इस्तेमाल करे और आपका आसन काले रंग का हो। दक्षिण दिशा मे ये होना चाहीये, जिसे आप अमवस्या के दिन ही करे। ऐसा करने से आप किसी पर भी वशीकरण कर सकते है।

हम आपको एक और अघोरी मंत्र बताते है, जोकि है – “आडू देश से चला अघोरी , हाथ लिये मुर्दे की झोली , खड़ा होए बुलाय लाव , सोता हो जागे लाव , तुझे अपने गुरु अपनों की दुहाई ,, बाबा मनसा राम की दुहाई । इस मंत्र का जाप आप मंगलवार या शनिवार मे से किसी भी दिन कर सकते है। कृष्णपक्ष को रात के समय काले या लाल रंग का आसान बिछाकर उसपर बैठकर नित्य ही 11 माला का जप करे। अपने सामने एक मिट्टी के कुलहड़ में देसी शराब , श्वेत फूलो की माला , मिठाई -नमकीन आदि रख ले और गूगल की धुप और कडुवे तेल का गिरी हुए बत्ती का दीपक जलाए। जब मंत्र जाप पूरा हो जाये तब सारी सामग्री किसी चौराहे पर या पीपल के पेड के नीचे चुपचाप रख दे और हाथ-पैर धोकर सो जाये। वहा 7वे दिन मत जाए।

इसके बाद वहा किसी अघोरी की आत्मा आकार सामग्री न देने का कारण पूछेगी। यहा ना आपको घबराने की जरूरत है ना जवाब देने की। बस पिछले दिन की बची सामग्री उन्हे दे दे। ना कोई सवाल करे-ना कोई जवाब दे। अब जप के पश्चात् की सामग्री को फिर से चौराहे पर या पीपल के पेड के नीचे रख आये। इस साधना को 11 दिनों तक करने के बाद, 11वे दिन अघोरी की आत्मा आएगी और सौम्य भाषा में आपसे बात करेगी। यही आत्मा साधक की इच्छा को पूर्ण करती है। आप जब भी किसी कुल्हड़ में देसी शराब और नमकीन -मिठाई को अघोरी के नाम से अर्पित करते है तब तो सामने आकार साधक की समस्या का हल निकालती है।

एक दूसरा वशीकरण मंत्र है शिवे वश्ये हुं वश्ये अमुक वश्ये हुं वश्ये शिवे वश्ये वश्य्मे वश्य्मे फट! – इस मंत्र को स्टील या लोहे की थाली पर काजल से उंगली के माध्यम से लिख दिया जाता है। फिर थाली मे उस इंसान के किसी वस्त्र का एक टुकड़ा रखकर, सिंदूर से उस इंसान का नाम टुकड़े पर लिख दिया जाता है। फिर उस व्यक्ति की तस्वीर को भगवान शिव की तस्वीर के सामने रख कर, 51 बार ऊपर बताए मंत्र का जाप करना होता है। जोकि रुद्राक्ष या काली हकीक की माला से होता है। मंत्र मे आप अमुक शब्द की जगह उस व्यक्ति का नाम उच्चारित करे। ऐसा करने से आप उसे अपने वश मे कर पाएंगे।
ऊपर बताई गई बाते, तमाम मंत्र व वशीकरण साधना के अलावा भी कुछ और ऐसी बाते अघोरियों के जीवन से जुड़ी है, जिनहे यकीनन आप जानना चाहेंगे। ये तो हम सब ने ही देखा होगा की अधिकतर ये अघोरी लोग अपनी एक अलग दुनिया मे रहते है। ऊपरी स्वभाव से अघोरी चाहे जीतने विचित्र लगे या कितने भी कठोर दिखे, माना जाता है की अंदर से ये लोग दूसरों व देश-समाज के लिए कल्याणकरी सोच रखते है। ये भी मान्यता है की अगर ये किसी इंसान पर मेहरबान हो जाये तो अपनी सिद्धि से किसिका कल्याण करते हुए सुभ फल भी देते है।