कपूर से वशीकरण करने का उपाय

कपूर से वशीकरण करने का उपाय


कपूर से वशीकरण करने का उपाय, दोस्तों आज हम आपको कपूर की टिकिया से वशीकरण मंत्र और कपूर से होने वाले वशीकरण टोटके के बारे मे बतायेगे। इसे कपूर द्वारा स्त्री वशीकरण भी कर सकते है

कपूर की टिकिया से वशीकरण करने के उपाय

बहुत से लोग पृथ्वी के जीवन पर ग्रहों के प्रभाव को स्वीकार करते हैं लेकिन वे ज्योतिषियों द्वारा सुझाए गए ज्योतिषीय उपायों पर संदेह करते हैं। किसी परिस्थिति में कब और क्या उपाय निर्धारित किए जाने चाहिए, यह एक व्यक्तिपरक विचार है।

कई साल पहले, आउटलुक मैगज़ीन ने रत्नों व वस्तुओं के उपयोग पर एक लेख प्रकाशित किया था, जिसमे यह बताया गया था कि कैसे घर में उपयोग कि जाने वाली वस्तुओं के उपयोग के माध्यम से आप अपने जीवन में होने वाली घटनाओ को नियंत्रित कर सकते हैं| घरेलू वस्तुओं के इन समूह में से एक हैं ‘कपूर की टिकिया’ जिसका वृहत उपयोग मुख्यतौर पर हिन्दू परिवार भगवान के आरती के दौरान करते हैं|

कपूर से वशीकरण करने का उपाय

कपूर एक ऐसा पदार्थ है जो कई गुणों से भरपूर है|पूजा की थाली से लेकर केमिस्ट्री के लैब तक कपूर आपको मिल जाएगा| हवा में खुला छोड़ दिया जाए तो उड़ जाएगा और आग के नजदीक यह स्वत: जल उठेगा| कपूर में औषधीय गुण भी बहुत होते हैं| इन सभी गुणो के अलावा कपूर का विशेष ज्योतिष महत्व भी हैं|

कपूर के माध्यम से वशीकरण का लाभ यह है कि आप परिवार के अंदर या बाहर किसी भी व्यक्ति के मन को प्रभावित कर सकते हैं जैसे: बेटा, बेटी, प्रेमी, भाई या कोई रिश्तेदार।
इस प्रक्रिया के लिए शुक्ल पक्ष में किसी भी रविवार का चुनाव करें और 4 कपूर लें और इसे जिस किसी को आप वशीभूत करना चाहते हैं,उसके सिर के ऊपर से सात बार उसार ले| इसके बाद इसका चूर्ण बना लें और इसे चाय या किसी भी पेय के साथ मिलाएं और संबन्धित व्यक्ति को खिला दे| आपको जल्दी ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
कपूर का चमत्कारी उपाय आपको नौकरी पाने में भी मदद कर सकता है और आपको अपने पेशेवर जीवन में चमत्कारी परिणाम दे सकता है।
कपूर को रोज आरती की थाली में जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता हैं| घर की वास्तुदशा भी अच्छी बनी रहती हैं|
कपूर की खुशबू वातावरण में फैलने से आपको अच्छा स्वास्थ्य लाभ का फायदा मिलता हैं|
कपूर की टिकिया से वशीकरण मंत्र
कपूर की टिकिया से वशीकरण मंत्र, वशीकरण का प्रभाव ऐसा होता है कि जो भी व्यक्ति आपके संपर्क में आता है, वह आपके बारे में अच्छी धारणा प्राप्त करता है और आपके पक्ष में निर्णय लेने के लिए आपसे प्रभावित होता है। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप किसी पर भी वशीकरण कर सकते हैं। आप उन चीजों का उपयोग करते हैं, जो हमारे दैनिक जीवन में आम उपयोग में हैं।

हरी इलायची, लौंग, हल्दी, नमक नारियल इत्यादि जैसी चीजें इन सभी वस्तुओं में से हम कपूर के बारे में चर्चा करेंगे जिसका उपयोग आप वशीकरण टोटके के रूप में कर सकते हैं।जैसा कि हमने वशीकरण तकनीकों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कपूर के संभावित गुणों के बारे में बात की है, इससे बहुत प्रसिद्ध “शाबर वशीकरण मंत्र” के बारे में चर्चा की जा सकती है, जिसमे कपूर का उपयोग वशीकरण की प्रक्रिया में किया जाता है।

मंत्र- 1. “ॐ जाल की योगिनी, पातिरुल का नाम,जिस पर भेजू तिस पर लाग

सुताइए सच ना बैठे सच, फिर फ़िर देइकेहि हमरा बहुत

मेरी बंधी जो छूटे, बहुत बाबा नाहरसिंह की जाता छूटे||

मंत्र- 2. “ॐ क्री मोहिनी योगिनी देवी मम अमुक (नाम) मैं वशमना स्वाहा|”

प्रक्रिया: कपूर के चार टुकड़े करें और इसे किसी भी पत्ते पर रगड़ें। फिर इसे अपने पुजा घर में पानी से भरे एक कटोरे में डाल कर रख दें| अपनी क्षमता के अनुसार उपयुक्त मंत्र का सात या सात से अधिक बार जप करें। इसे पानी के स्थान से बाहर निकालने के बाद इन कपूरों को सावधानी से नीचे रखें और अगरबत्ती और धुप से पूजा करें। एक बार पूजा हो जाने के बाद उन्हें वांछित व्यक्ति के नाम का संकल्प लेकर जला दे

|यह प्रक्रिया न केवल लोगों को बल्कि बड़े पैमाने पर चीजों को आकर्षित करने के लिए वशीकरण का सबसे सफल और प्रभावी तरीका है।वशीकरण की इस प्रक्रिया की मदद से आप अपने आसपास ऐसी ऊर्जा या कंपन पैदा कर सकते हैं जिससे आप संबन्धित व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं|इस प्रक्रिया के उपरांत आप उस व्यक्ति को हमेशा के लिए अपना गुलाम बना लेंगे|

कपूर द्वारा स्त्री वशीकरण

कपूर द्वारा स्त्री वशीकरण, कपूर में कई वशीकरण गुण हैं। यदि किसी भी वशीकरण के लिए कपूर का उपयोग किया जाता है तो आप बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं जो प्रकृति में प्रभावी हैं। हालांकि, व्यक्ति को इसके इस्तेमाल के तरीकों के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए।

यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो अपनी पत्नी से तंग आ चुके हैं और उनके साथ अपने संबंधों को सामंजस्य बनाना चाहते हैं।कपूर के द्वारा बहुत ही तेज वशीकरण किया जाता हैं, जिसका परिणाम लंबे समय तक के लिए स्थायी होता हैं| इस प्रक्रिया का वर्णन कुछ इस प्रकार से हैं:-

मंत्र- “ॐ नमो काला कलुवा ,काली रात, निश की पुतली, माझी रात|

काला कलुवा, घाट बाट, सोती जो जगाय लाओ|

बैठी जो उठाय लाओ, खड़ी जो जगाय लाओ|

मोहिनी योगिनी चल, अमुकी के तन में चटपटी लगाऊँ जिया ले तोड़|”

प्रक्रिया:- यदि आप अपनी प्रेमिका या पत्नी के साथ गहराई से प्यार करते हैं और वो आपको पीछे छोड़ कर चली जाती है,तब आप इस प्रभावी टोटका का उपयोग कर सकते हैं| इसके लिए आपको तीन कपूर की आवश्यकता होगी| इन कपूरों को आप उपयुक्त मंत्र के 1008 बार जप के साथ सिद्ध का ले|मंत्र को सिद्ध करने के लिए कम से कम तीन दिनों तक इसका नियमित जप अवश्य करे, तभी यह प्रभावकारी होगा|

तत्पश्चात इस सिद्ध किए हुए कपूर को भगवान की आरती की थाली में प्रेमिका अथवा पत्नी के नाम का संकल्प लेते हुए जलाए और इससे भगवान की आरती करे| वशीकरण की यह प्रक्रिया इतना प्रभावकारी हैं कि आपकी प्रेमिका/पत्नी बिना किसी ना-नुकुर के आपके पास वापस लौट आएगी|

कपूर से होने वाले वशीकरण टोटके

कपूर से होने वाले वशीकरण टोटके, वशीकरण एक ऐसी प्रक्रिया हैं,जिसके माध्यम से हम किसी के दिलो दिमाग पर कब्जा कर के उससे अपने हित में कुछ भी करवा सकते हैं|कपूर से होने वाले वशीकरण के बारे में हमने ऊपर लेख में जाना हैं| अब हम कपूर के माध्यम से किए जाने वाले वशीकरण टोटकों की चर्चा करेंगे|

यदि आपके जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा हो,तो आप अपने भाग्य को वशीभूत करने का प्रयास करें इसके लिए सुबह नहाने के पनि में दो बूंद कपूर के तेल को डाले और इस पानी से स्नान करे| इससे आपका भाग्य चमकने लगेगा और आपकी किस्मत पर आपका नियंत्रण बना रहेगा|
यदि आपको लगता हैं कि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास हैं,या आपको ऐसा महसूस होता हैं कि किसी ने आपके घर को बुरी नजर लगा दिया हैं,तो ऐसी स्थिति में आप रोज सुबह शाम कपूर को हवन के साथ जला कर इसके धुआँ को पूरे घर में फैलाये| कपूर के महक से आपके घर कि नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकाल जाएगी और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा|
यदि आप किसी ऐसे रिश्तेदार से छुटकारा पाना चाहते हैं जो आपके जीवन में लगातार समस्याएं पैदा कर रहा है, तो कपूर द्वारा किया गया वशीकरण आपको उन रिश्तेदारों को आपके जीवन से बाहर भेजने के लिए अच्छे परिणाम दे सकता है।
यदि आपको लगता हैं कि आपका सौभाग्य खराब हैं,तो इसके लिए तीन कपूर को थोड़े से साबूदाने के साथ रोज पूजा की आरती में जलाए| इस टोटके के करने के एक महीने के अंदर आपका भाग्य आपके पक्ष में होने लगेगा|
व्यक्ति वह सब कुछ आजमाता है जो उसकी समझ में आता है और इससे उनकी समस्या समाप्त भी हो जाती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति व्यवसाय की सफलता के लिए रास्ते में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए कपूर के द्वारा वशीकरण तकनीक का उपयोग कर सकता है। यह प्रक्रिया लोगों की बुरी नज़र से बचाती हैं, साथ ही रिश्ते को बहाल करने में मदद करता है और परिवार और दोस्तों के साथ रिश्ते को मजबूत करता है।

पति पत्नी के रिश्ते को मजबूत करने के उपाय

पति पत्नी के रिश्ते को मजबूत करने के उपाय


पति पत्नी के रिश्ते को मजबूत करने के उपाय, पति-पत्नी के रिश्ते में रूठना-मनाना आम बात है। ऐसा उनके बीच रोजमर्रे की सामान्य शिकायतों के बढ़ने के कारण होता है। दांपत्य जीवन में इस स्थिति के बनने पर कई बार एक के रूठने पर दूसरा उसे मनाता है।

हालांकि कभी-कभी हालात नाजुक मोड़ पर आ जाते हैं। उनके बीच के वैचारिक मतभेद आए दिन लड़ाई-झगड़े में बदल जाते हैं और नौबत तालक या संबंध-विच्छेद तक आ जाती है। वे आपसी समझ से इस समस्या का हल नहीं निकाल पाते हैं

पति पत्नी के रिश्ते को मजबूत करने के उपाय

लेकिन ज्योतीषीय उपाय, वैदिक पूजा-पाठ, मंत्र-तंत्र की साधनाएं या फिर टोने-टोटके से इसका निदान किया जा सकता है। आपसी अनबन को दूर करने के कुछ प्रचलित उपाय इस तरह के हैं-

कपूर और सिंदूर का टोटकाः पति-पत्नी के बीच अनबन की स्थिति में बिगड़ते रिश्ते को कपूर की एक टिकिया और सिंदूर की पुड़िया से सुधारा जा सकता है। जब एक-दूसरे के बीच बोलचाल बंद हो जाए तब पति को चाहिए कि रात को सोने से पहले अपनी पत्नी के तकिए के नीचे कपूर की एक टिकिया चुपके से रख दे। इसी तरह से पत्नी को चाहिए कि वह अपने पति की नजर बचाकर उसके तकिए के नीचे सिंदूर की एक पुडिया रख दे। अगले दिन सुबह उठकर पति दैनिक पूजा के दरम्यान कपूर को जला डाले। जबकि पत्नी सिंदूर की पुडिया मां भगवती को अर्पित कर दे। दोनों ऐसा एक सप्ताह तक नियमित करना चाहिए। इससे उनके बीच रिश्ते की कड़वाहट दूर हो जाती है।
सिंदूर के साथ किए जाने वाले दूसरे टोटके में रात को सोने से पहले रविवार को अपने पति के तकिए के नीचे सिंदूर रख दें। सुबह सिंदूर का आधा भाग घर में गिरा दें बचा हुआ आधा सिंदूर अपनी मांग में भर लें। इसी तरह से रविवार की रात, पति के गद्दे के नीचे थोड़ा सा सिंदूर बिखेर दें और सुबह उसी सिंदूर से अपनी मांग भर लें। उस रात सहवास करने की कोशिश भी करें।
मौन ब्रतः पति-पत्नी के बीच बात-बात पर होने वाले रोज-रोज के झगड़ को दूर करने के लिए मौन व्रत धारण का उपाय किया जाना चाहिए। इसके लिए पति या पत्नी बुधवार का दिन चुनें और प्रातः स्नान आदि के बाद मंदिर जाएं। भगवान गणेश की पूजा करें। लड्डू का भेंट चढ़ाएं। देवी भगवती की आराधना करें और वैवाहिक जीवन के सुख वापसी की कामना करते हुए एक दिन का मौन व्रत लें। शाम को मौन व्रत तोड़ते हुए गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। प्रसाद के तौर पर पति या पत्नी एक-दूसरे को लड्डू भेंट करें।
मंत्र जापः इसे पति या पत्नी दोनों में से कोई भी कर सकते हैं। इसके जरिए एक तरह से अनबन की गलती को सुधारा जाता है। यदि पत्नी को लगे कि पति के कारण ही रिश्ते में कड़वाहट आ गई है तो वह एक छोटा-सा मंत्र जाप करें। शनिवार की रात दस बजे के बाद सोने से पहले एक सादे कागज पर लाल स्याही या सिंदूर से पति का नाम लिखंे। मंत्र ऊँ हनुमंते नमः का 121 बार जाप करें। कागज को मोड़कर घर के किसी कोने में रख दंे। अगले दिन सुबह उसे जला दें। ऐसा लगातार एक सप्ताह तक करने से आपसी कलह खत्म हो जाएगा। यही प्रयोग पति भी अपनी पत्नी के लिए किया जा सकता है।
देवी दुर्गा की पूजाः पति-पत्नी के बीच प्रेम बना रहे इसकी कामना देवी दुर्गा की नियमित पूजा से की जाती है। इसी तरह से उनके बीच अनबन को भी दिए गए मां दुर्गा वशीकरण मंत्र के 108 बार जाप कर दूर किया जा सकता है। इस जाप को मां दुर्गा की तस्वीर के सामने रखकर लगातार 9 दिनों तक रोज किया जाना चाहिए। इसका असर चार-पांच रोज में ही दिख जाता है।
मंत्र है- ज्ञानिनामपि चेतांसि, देवी भगवती ह्री सा। बलादाकृष्य मोहाय, महामाया प्रयच्श्ति।।
महामृत्युंजय मंत्रः पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेदों के कारण झगड़ा काफी हद तक बढ़ जाने की स्थिति में शुक्रवार के दिन महामृत्युंजय जाप करना चाहिए। दोनों की सहमति से एक साथ किए जाने वाले जाप के बाद एक टोटका भी किया जाता है। इस उपाय के लिए एक मिट्टी के बर्तन में सवा किलो मशरूम भर लें। इसे अपने घर के पूजा-स्थल पर अपने सामने रखें। पति-पत्नी दोनों तीन-तीन माला महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इसके पश्चात् मशरूम के पात्र को मंदिर में जाकर मां भगवती को स्पर्श के बाद पिपल के पेड़ की जड के पास रख दें। इस उपाय से निश्चित तौर पर दांपत्य सुख में वृद्धि होगी।
शिव-पार्वती की पूजाः दांपत्य में खटास आने की स्थिति में शिव-पार्वती की आराधना अवश्य करनी चाहिए। हालांकि उनकी पूजा से समस्त पारिवारिक जीवन के सुख में वृद्धि होती है, क्योंकि भगवान शिव और माता पार्वती को एक सुखी दांपत्य का प्रतीक माना गया हैं।
रसीली मिठाईः शुक्रवार के दिन पति-पत्नी दोनों भगवान विष्णु और मां लक्ष्मीजी को सफेद रस वाली मिठाई का भोग लगाएं और प्रसाद के तौर पर ग्रहण करें।
घी का दीपकः इस प्रयोग को पति द्वारा उस स्थिति में किया जाना चाहिए जब नाराज पत्नी मुंह फुलाए बैठी हो। पति गुरुवार के दिन पीपल के पेड़ के पास घी का दीपक जलाएं। दूसरा दीपक आधी रात को चैराहे पर रख आएं। अगली सुबह पत्नी को मिठाई खाने के लिए दें।
शिव मंत्रः दांपत्य जीवन में आई दरार को भगवान शिव मंत्र जाप से बंद किया जा सकता है। भगवान शिव के दिए गए मंत्र से पति-पत्नी के बीची किसी खास मुद्दे को लेकर चला आ रहा वैचारिक मतभेद को खत्म किया जा सकता है। इस वजह से होने वाली लड़ाई को भी बंद किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले स्नान कर भगवान शिव के मंदिर जाएं और वहां शिवलिंग का जलाभिषेक करें। फिर निम्न मंत्र का 108 बार जाप करे।
मंत्र है- ऊं नमः समभवाय च मयो भवाय च नमः,

शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च!!

अक्ष्यो नौ मधुसंकाशे अनीक नौ समंजन,

अंतः कृणुष्व मां ह्रदि मन इन्नो सहासति!!

सोने की चूड़ियांःः दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए पति को नियमित तौर पर हर रात किशमिश वाले दूध का सेवन करना चाहिए और पत्नी को हमेशा सोने की चूड़ियां पहननी चाहिए।
नमक का पानी औरत अगर घर में प्रतिदिन नमक के पानी का पोंछा लगाए तब घर की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं और पति-पत्नी के बीच का कलह भी शांत हो जाता है।
पानी और गुड़ः पानी गुड़ डालकर प्रतिदिन सूर्य देव को अर्पित करने दांपत्य जीवन में मिठास घुलती है।

भूत भगाने के उपाय मंत्र

भूत भगाने के उपाय मंत्र


भूत भगाने के उपाय मंत्र, इंसान के जीवन में आने वाली विभिन्न समस्याओं में एक किस्म की समस्या भूत-प्रेत, चुडैल, जिन्न या दूसरी अदृश्य ताकतों के दुष्प्रभाव भी है। यह सदियों से लोगों को भयभीत करती हुई हैरत में डालती आई हैं।

इसकी चपेट में कोई भी आ सकता है, लेकिन सामान्य तौर पर युवक, कुंवारी युवतियां, किशोर, नव विवाहिताएं, गर्भवती औरतें और बच्चें इससी चपेट में आ जाते हैं। अजीबो-गरीब हरकतों और बाॅडी लैंग्वेज में आए अचानक बदलावों से पहचाने जाते हैं।

भूत भगाने के उपाय मंत्र

इसे सामान्य बोलचाल की भाषा में ऊपरी हवा का असर कहते हैं। ये एकतरह से पैशाचिक शक्तियां होती हैं, जो हमारी सकारात्मक ऊर्जा को नकारत्मक बनाकर पीड़ित को शक्तिहीन बनाने का प्रयत्न करती हैं।

कई बार देखा जाता है कि अचानक खुले में शौच आदि के लिए जाने वाला व्यक्ति के आते ही तबीयत बिगड़ जाती है। उसपर दबाएं बेअसर हो जाती हैं। इनसे बचने के उपाय हो न हों, लेकिन ज्योतिष विज्ञान, वैदिक अनुष्ठान, तंत्र-मंत्र की साधनाएं और टोने-टोटके से भूत भगाने के कई उपाए बताए गए हैं।

भूत भगाने का हरण मंत्र
इसके प्रयोग से व्यक्ति चाहे जिस भी तरह की प्रेत-बाधा की चपेट में हो उसे छुटकारा मिलती है। नीचे दिया गया यह मंत्र कठिन होने के साथ ही लंबा भी है। जबकि इसके विधिवत अनुष्ठान के दौरान विधिवत जाप करने से इसका असर अचूक होता है। स्फटिक की माला से 108 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

इस दौरान कोई रूकावट नहीं आनी चाहिए। इसके द्वारा पीने के साफ पानी का को अभिमंत्रित किया जाता है। बाद में उसमें से एक तिहाई पीड़ित को पिला दिया जाता है और बाकी पानी से पूरे घर में छींटे मारें जाते हैं, जिनसे समस्त ऊपरी बाधा से मुक्ति मिल जाती है। मंत्र इस प्रकार है-

ऊँ ऐं हीं श्रीं हीं हूं हैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय

भूत-प्रेत पिशाच-शाकिनी-डाकिनी यक्षणी-पूतना-मारी-महामारी,

यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिकम क्षणेन हन हन भंजय भंजय मारय मारय

शिक्षय शिक्षय महामारेश्रवर रूद्रावतार हुं फट स्वाहा।

दस हजार बार मंत्र जाप

ऊपर दिए गए लंबे मंत्र की तरह यह भी लंबा है, लेकिन उच्चारण में सरल है। वह इस प्रकार है-

तेल नीर, तेल पसार चैरासी सहस्र डाकिनीर छेल,

एते लरेभार मुइ तेल पडिया देय अमुकार (नाम)

अंगे अमुकार (नाम) भार आडदन शूले यक्ष्या-यक्षिणी,

दैत्या-दैत्यानी, भूता-भूतिनी, दानव-दानिवी, नीशा चैरा शुचि-मुखा

गारुड तलनम वार भाषइ, लाडि भोजाइ आमि पिशाचि अमुकार (नाम)

अंगेया, काल जटार माथा खा ह्रीं फट स्वाहा।

सिद्धि गुरुर चरण राडिर कालिकार आज्ञा।

इसके जाप में सात या 11 दिन का समय लग सकता है। सर्वप्रथम किसी शुभ मुहूर्त में मंत्र जाप साधना की शुरूआत करनी चाहिए। कुल जाप संख्या 10 हजार को उसके अनुरूप विभाजित कर लेना चाहिए। साधना के समय सामान्य पूजन सामग्री के साथ एक कटोरी में सरसो तेल भी रखें।

साधना के अंतिम दिन लेकर 11 बार इसी मंत्र का जाप के साथ फूँक मारें। इस तरह से यह तेल अभिमंत्रित हो जाएगा। इसकी कुछ बूंदें पीड़ित के ऊपर छिड़क दें या फिर उसके सिर में मल दें। बचे तेल को संभाल कर रखें और प्रतिदिन पीडित व्यक्ति के स्नान के बाद पहले वही तेल 11 दिनों तक प्रयोग में लाएं।

हनुमत मंत्र –

प्रेत बाधा दूर करने से लेकर उसे भगाए रखने के लिए हनुमत मत्रं का एक छोटा हिस्सा भी बहुत उपयोगी साबित होता है। वह है-ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय! इस हनुमान मंत्र का पांच बार जाप करने से भूत कभी भी निकट नहीं आ सकता है।

कुछ टोटके से उपाय– भूत भागने के कुछ सामान्य टोटके भी काफी कारगर होते हैं। इससे पहले भूत के प्रकार और असर का पता लगाना जरूरी होता है।

भूत या प्रेत बाधा दूर करने के लिए सबसे पहले शुक्ल पक्ष में किसी भी शनिवार की रात को पीपल की जड़ को अपने यहां आने के लिए आमंत्रित करें। उसके अगले रोज रविवार की आधी रात को निर्वस्त्र स्नान करें। धुले हुए कपडे पहनें। धूप दीप दिखाकर जड़ की पूजा करें। फिर उसे पीड़ित व्यक्ति के औरत होने पर उसकी बायीं या पुरुष होने की स्थिति में उसकी दायीं भुजा में ताबीज की तरह बांध दें। बांधने के लिए काले डोरे का प्रयोग करें। बांधते समय गायत्री मंत्र का 11 बार जाप करें। बहुत ही लोकप्रिय मंत्र है- ऊँ भुर्भव स्व तत्स वितुर्रवरेण्यं भर्गो देवस्य धी मही धीयो यो न प्रचोदयात स्वाहा!!
यह वैसे पीडित पर किया जा सकता है, जो बार-बार प्रेत बाधा का शिकार हो जता है। टोटका घोड़े के खुर की नख से करें। उसे अश्विनी नक्षत्र में किसी भी मंगलवार को घर लाएं। उसे पीडित के सामने आग में जलाकर धुनी दें। इससे इस से भूत-प्रेत की बाधा दूर होती है। इस दौरान हनुमान चालिसा का पाठ 11 बार जाप करें।
मंगलवार या शनिवार के दिन काले धतूरे की जड़ पीड़ित व्यक्ति के दाहिनी बांह पर बांध दें। यदि वह स्त्री है तो धतूरे की जड़ उसकी बाईं बांह पर बांधे। इस दौरान ग्यारह बार हनुमान चालिसा का पाठ अवश्य पढें।
उड़द की दाल से से शनिवार के दिन दही बडे बनाएं। उन्हें विषम संख्या में लेकर पीड़ित के ऊपर से उसार दें। बाद में उसे शाम या सुबह के समय काले कुत्ते को खिला दें। ध्यान रखें वह काला कुत्ता पालतू नहीं और किसी शनिमंदिर के आसपास भटकता हुआ मिल जाए।
भूत भगाने का बहुत ही आसान तरीका है। सवा मीटर लाल कपड़ा, चाँदी का एक रुपया, एक किग्रा चावल तथा एक किग्रा तिल किसी बर्तन में रखकर पीड़ित के ऊपर से उसार दें। बर्तन को किसी नदी के किनारे रख दें। इसका असर अगले रोज से दिख जाएगा।
इस टोटके के प्रयोग से नवविवाहिता या गर्भवती औरत के भूत-प्रेत की बाधा दूर की जाती है। चांदी की छोटी सी गुड़िया बनवाएं। उसे जौहरी के यहां से सोमवार के रोज शाम तक घर ले आएं। अगले रोज मंगलवार की रात के समय एक किग्रा चावल, 250ग्राम चीनी, लाल कपड़ा तथा एक नारियल के साथ गुड़िया से पीड़ित के ऊपर से सात बार उसार दें। उसके बाद 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें। और फिर सभी वस्तुएं रात के समय श्मशान में रख आएं।
भूत की चपेट में आए व्यक्ति के गले में गायत्री मंत्र के 10हजार बार जाप से सिद्ध रूद्राक्ष या ऊँ का लाॅकेट गले में पहना दें। सिर पर चंदन केसर का तिलक लगाएं। इन्हें घर के दरवाजे पर भी लटकाया जा सकता है।

प्रेमी को अपने वश में करने के अचूक उपाय

प्रेमी को अपने वश में करने के अचूक उपाय


प्रेमी को अपने वश में करने के अचूक उपाय, दो प्रेमियों के दिल में बेइंतहा मोहब्बत का जगृत होना सहज और स्वाभाविक है। इसे महज स्त्री और पुरुष के बीच आकर्षण नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह जन्म-जन्मांतर का नैसर्गिक प्रेम है। दो विचारों का मिलन है।

वैसे इसे आज के दौर में कायम रखने और दूसरों की नजर से बचाना आसान नहीं है। कई बार प्रेमियों के बीच ही आपसी मनमुटाआ उत्पन्न हो जाता है। वे एक-दूसरे को मना नहीं पाते हैं या फिर किसी गलतफहमी के शिकार हो जाते हैं। यह कहें कि उनके बीच आपसी सम्मोहन कम हो जाता या फिर एकदम से खत्म हो जाता है।

प्रेमी को अपने वश में करने के अचूक उपाय

इसके लिए वशीकरण के बताए गए उपायों को अपनाना चाहिए। ये उपाय वैदिक मंत्रों, देवी-देवताओं के पूजापाठ, तांत्रिक साधनों, मंत्र जाप के विभिन्न अनुष्ठानों के अतिरिक्त सरल टोटके से संभव हो सकते हैं। यहां दिए गए उपायों से प्रेमी को अपने वश में किया जा सकता है।

कुछ टोटकेः

यहां दिए गए कुछ टोटके बहुत आसानी से प्रयोग में लाए ला सकते हैं। इसके लिए किसी तरह के विशेष अनुष्ठान या साधना की जरूरत नहीं होती है। इन्हें प्रेमी के ऊपर प्रयोग कर उसे अपने वश में किया जा सकता है।

इलायचीः हर घर की रसोई में उपलब्ध विशेष खुशबू और स्वाद में खास किस्म की पहचान रखने वाली छोटी इलायची का वशीकरण में ठीक उसी तरह लंबे समय तक प्रभावी रहता है, जिस तरह से इसके जीभ पर रखने पर काफी समय तक मुंह का यादगार स्वाद बन जाता है।

प्रेमी के रूठने या किसी दूसरी लड़की के मोहजाल में फंसने की स्थिति में शुक्रवार की रात को सोने से पहले तीन इलायची लें अैर उसे अपने शरीर के दिल, दोनों बंद आंखे ललाट के बिंदी लगाए जाने वाले हिस्से पर स्पर्शकर उसे साड़ी, दुपट्टा या फिर रूमाल के एक कोने मंे बंाध कर सुरक्षित रख लें।

अगले दिन शनिवार की सुबह नहाधोकर प्रेमी से मिलने जाने की योजना बनाएं। उसे प्रसन्न करने के लिए खीर पकाएं और उसमें सुरक्षित रखे इलायची को दरदरा पीसकर मिला दें।

इस खीर को खाने के बाद प्रेमी न केवल खीर की तारीफ करेगा, बल्कि उसमें पड़े इलायची की भी चर्चा करते हुए आपकी सुंदरता का भी गुणगान करेगा। इस उपाय गुप्त रखकर किया जाना चाहिए और जबतक प्रेमी से मुलाकात नहीं हो जाए ईश्वर से कामना करते रहनी चाहिए।

पीपल के पत्तेः अमावस्या के दिन पीपल के दो सूखे पत्ते तोड़कर लाएं। ध्यान रहे वे जमीन गिरे नहीं होने चाहिए, बल्कि गिरने वाले पीले हांे। एक पर अपने प्रेमी का नाम काजल से और दूसरे पर सिंदूर से लिख दें। काजल से लिखे नाम वाले पत्ते को वहीं पीपल के वृक्ष के नीचे उलटा कर किसी पत्थर से दबा दें। सिंदूर लिखे नाम वाले पत्ते को अपने घर की छत पर उलटा कर रख दें।

उसे भी पत्थर से दबा दें। अगले पूर्णमासी तक यानी कि 16 दिनों के इंतजार के बाद प्रतिदिन पीपल के वृ़क्ष के पास जाएं और प्रेमी को अपने वश में करने के लिए प्रार्थन करें। जल डालें। ऐसा कुछ दिन करने के बाद ही आपको प्रेमी का आपके प्रति सम्मोहन बनने की अनुभूति होगी। उसके बाद दोनों पत्ते को साफ जगह पर गड्ढ़ा खोदकर दबा दें।

लाल धागाः हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार हैं कच्चे लाल धागे में गजब का आकर्षण होता है। उसका व्यक्ति के जीवन पर किसी न किसी रूप में निश्चित पड़ता है। खासकर प्रेम-संबंध को इसके जरिए मजबूती दी जा सकती है। मंगलवार के दिन करीब आधा मीटर लाल धागा लें और उसमें सात गांठ लगाएं। उसके बाद सुबह सूर्योदय से पहले स्नानआदि से निपटकर पूजास्थल पर बैठ जाएं।

हाथ में धागा लेकर ओम हीं नमः मंत्र का 500 बार जाप करें। इस जाप को आने वाले शुक्रवार तक यानी चार दिनों में जाप की संख्या को विभाजित कर लें, जो 125 जाप होगा। अंतिम दिन लाल धागे को कलाई में बांध लें। उसके बाद इसका असर कमाल का तब दिखेगा जब आप प्रेमी से मिलेंगीं। प्रेमी का समर्पित हावभाव और आपके प्रति सम्मान आदर आपको अभिभूत कर देगा।

उसके मुंह से तहे दिल से आपकी तारीफ निकलेगी। उस दिन संभव है आपकी कोई मनपसंद वस्तु उपहार में मिले, जिसकी आपने कामना की हो। वह आपकी खोई हुई वस्तु भी हो सकती है।

साथ भोजनः प्रेमी को वश में करने के लिए साथ में किया गया भोजन भी अचूक असर देता है। इससे दोनों की पसंद मेल-मिलाप होता है और वैचारिक आदान-प्रदान दिल की गहराई तक असर करती है।

इसलिए जब भी डेटिंग के दौरान साथ डिनर या लंच का मौका मिला चुपके से अपनी प्लेट का कुछ भोजन प्रेमी की प्लेट मंे डाल दें। या फिर प्रेमी की प्लेट का कोई व्यंजन अपनी प्लेट में रख लें। परंतु हां, यह दिखावे की तरह नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे स्वाभाविक तौर पर अपनाया जाना चाहिए।

चंदन का तिलकः सूर्यग्रहण के समय तैयार किया गया तिलक का वशीकरण के लिए प्रयोग करने से अचूक असर होता है। सूर्यग्रहण के दिन सहदेई की जड़ के साथ सफेद चंदन को घिसकर मिश्रण बना लें।

उसे घर के पूजास्थल पर रख दें। प्रेमी से मिलने जाने के दिन बिंदी के बदले में उस मिश्रण का तिलक लगाएं। जैसे ही प्रेमी की नजर उसपर जाएगी वैसे ही उसपर तिलक का जादूई असर होगा। संभव है उसके मुंह से निकले पहले शब्द उसी तिलक की तारीफ के हों।

आकृति या तस्वीरः हर व्यक्ति को अपनी तस्वीर या आकृति से बहुत प्रेम होता है। प्रेमी को सम्मोहित करने के लिए इसका प्रयोग करें। शनिवार के दिन अपने प्रेमी की कोई सुंदर सी तस्वीर बनाएं। या फिर उसकी कैमरे में ली हुई तस्वीरों में अच्छी तस्वीर चुनकर उसकी बड़े आकार मंे प्रिंट निकलवा लें।

उसकी फ्रेंमिंग भी करवाएं। उसपर अपने हाथ से प्रेमी का नाम सुंदर अक्षरों में लिख दें। फिर उसे प्रेमी को भेंट करें। इस तस्वीर का जबरदस्त असर होगा। प्रेमी उसकी तारीफ किए बगैर रह ही नहीं सकता है। उसे वह अपने कमरे की दीवार पर अवश्य सजाना चाहेगा।

भेंट की हुई तस्वीर और आपके द्वारा हाथ से लिखे नाम के खूबसूरत अक्षरों से उसका वशीकरण होना निश्चित है। वह जितनी बार उस तस्वीर को निहारेगा, तब उसे आपकी याद ताजा होगी और आपके प्रति सम्मोहित महसूस करेगा।

भृंगराज से वशीकरण

भृंगराज से वशीकरण


भृंगराज से वशीरकण, भृंगराज का पौधा औषधीय गुणों से भरा हुआ है। इसके उपयोग के बारे मंे महिलाएं काफी अच्छी तरह से जानती हैं। चाहे इसे केश चमकाने और काला करने के लिए किया जाए, या फिर उसे माथे पर तिलक लगाकर किसी वशीकरण किया Postजाए

इसमें बेहद प्रभावशाली गुण पाए जाते हैं। रात को सोने से पहले यदि इसकी ताजा पत्तियों के रस से सिर में मालिश की जाए तो इससे बाल न केवल काले बन जाते हैं, बल्कि उसमें किसी को भी वशीभूत करने की अद्भुत क्षमता आ जाती है।

भृंगराज से वशीरकण

भृंगराज संस्कृत नाम है, लेकिन इसे कई नामों से जाना जाता है। हिंदी में इसे समान्य बालचाल की भाषा में भंगेरा, भंगरैया , भांगरा या मार्कव कहलाता है। यह गाढ़े हरे रंग का होता है। स्वाद में कडावाहट होती है। इसकी जड़ और पत्ते को मुंह मंे रखना भी किसी साधना से कम नहीं होत है।

यही कारण है कि इसका उपयोग वशीकरण की साधना के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग स्वतंत्र रूप से करेने आतिरिक्त दूसरे के साथ मिलाकर भी किया जाता है। इसके सहयोगी जड़ी बूटियें में अपामार्ग महत्वपूर्ण बताया गया है। अपामार्ग की जड़ को यदि पुष्य नक्षत्र में लाया जाए और उसके भृंगराज के पत्ते या जड़ को मिलाकर पीस लिया जाए तो इस तरह तैयार पेस्ट वशीकरण टोटके के काम आ सकता है।

इस प्रयोग को स्त्री या पुरुष कोई भी विपरीत लिंग के व्यक्ति के लिए कर सकते हैं। वैसे इस तिलक के जरिए किसी महत्वपूर्ण मीटिंग में सामने वाले को प्रभावित किया जा सकता है। इसके तिलक लगाने से धनागमन की संभावना बढ़ती है और अटका हुआ पैसा भी मिल जाता है।

कुछ टोटकेः

प्रेमी या पति को वश में करने के लिए भुंगराज की जड़ से वशीरकण के कुछ सरल टोटके दिए गए हैं, जिनके साधारण प्रयोग से अचूक असर होता है।

यदि ऐसा महसूस हो कि प्रेमी या पति किसी और लड़की के प्रति आसक्त हो गया हो, या फिर आपके प्रति उसका आकर्षण कम होने लगा हो तो भृंगराज की जड़ को अपने मुंह में रखकर उसके पास जाएं। कुछ समय में ही पाएंगे कि कल तक रूखेपन से बातें करने वाला प्रेमी या पति प्यार से बातें करने लगा है। ऐसा लगातार एक सप्ताह तक करने से प्रेमी हमेशा के लिए वशीभूत हो जाएगा।
भृंगराज के साथ गोरोचन और गोखरू की जड़ को मिलाकर पीस लें। उस मिश्रण को एक छोटी डिब्बी में रख लें। बिंदी लगाने से पहले उस जगर पर मिश्रण की लेप करें। यह स्नान के बाद करें। उसके बाद उस स्थान पर बिंदी लगाएं और दूसरे की अकर्षित हो चुके प्रेमी या पति के सामने जाएं। ज्योंही उसकी नजर आपकी बिंदी पर जाएगी और आपके बिंदू के नीचे फैले हुए लेप के बारे में पूछेगा तो समझें उसपर मिश्रण के लेप का असर हो चुका है।
भृंगराज के रस में गोरोचन, मैंसील और सिंग्रल को घिसने से एक मिश्रण बनाएं। उसे अपने बाएं हाथ पर जिस लड़की को वश में करना है उसका नाम लिखें। हाथ आग में तपाएं। इस दौरान 11 बार निम्न मंत्र का जाप भी करें। ऐसा करने पर उस लड़की का वशीकरण अवश्य होगा। मत्र हैः- ऊँ भृंगराज महाचेतनी सर्वे चैतन्य शक्ति ह्रीं कलीम श्रौं श्रीम श्रः हूँ प्रेमिका का नाम शीग्रह मोहये मोहये स्व स्वाहा
विभिन्न रोगों के उपचारों में काम आने वाला तथा तनाव से मुक्ति दिलाने वाला बहुत ही चर्चित नाम भृंगराज तेल भी है। इसका इस्तेमाल भी वशीकरण के लिए किया जा सकता है।
भृंगराज में अपामार्ग, लालवंती और सहदेवी की जड़ को मिलाकर पीसने से बने मिश्रण का तिलक लगाने से एकसाथ कई लोगों को आकर्षित किया जाता है। इसका उपयोग जनसभाओं में कर जनसमूह का सार्वजनिक वशीकरण हो जाता है।
शुभ दिन देखकर भृंगराज के टहनी के साथ अपामार्ग, लाजवंती और सहदेवी मूल को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें। इस तरह से बने पेस्ट का उपयोग वशीकरण के लिए करें। जिस किसी व्यक्ति का वशीकरण करना है उसके सामने इसका तिलक लगाकर जाएं। तिलक पर ज्योंही उसकी नजर जाएगी आपके वश में आए बगैर नहीं रह सकता है। चाहे कैसा भी विरोधी या आपमें खमियां निकालने वाला क्यों न हो तिलके प्रभाव में आकर आपकी किसी न किसी रूप में तारीफ अवश्य करेगा। वह तारीफ आपके पहनावे, व्यक्तित्व चेहरे की चमक, आपकी कोई खास उपलब्धि या फिर आपके उपहार की हो सकती है।
भृंगराज के रस में गुंजा के फल को मिलाकर उसे पहले तिल के तल के पकाएं। उसके बाद उसे छानकर प्राप्त होने वाला खास गंध के तेल की मालिश से वशीकरण के टोटके किए जाते हैं। जिस किसी का वशीकरण करना है उसके सामने उस तेल को ललाट पर लगाकर जाएं। उसकी चमक सामने वलो को पलक झपकते ही वशीभूत कर देगी।
तांत्रिक साधना

भृंगराज के पत्तेे से रस में अगर चमत्कारी औषधीय गुण पाए जाते हैं, तो उसकी जड़ को तंत्र-साधना से अभिमंत्रित कर मनोवांछित वशीकरण के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है। अभिमंत्रित जड़ से ने केवल स्त्री या पुरुष, बल्कि पशु या मवेशी तक वशी में आ जाता है। सिद्ध किया जाने वाला मंत्र इस प्रकार हैः-

ऊँ नमः महा यक्षिणी, वशमानय यं यं यं यं यं यं यं फट स्वाहाः !!

प्रयोग विधिः इस मंत्र से भृंगराज की जड़ को सिद्ध करने के लिए सफेद परिधान पहनें, जो धुले हुए हैं। यदि नया हो तो और भी अच्छा होगा। भृंगराज पौधे का फूल सफेद होता है, इसलिए श्वेत वस्त्र का उपयोग किया जाना चाहिए। साधना के एक दिन पहले भृंगराज का जड़ लकर रख लें।

साधना के उपयुक्त समय सूर्योदय से पूर्व होना चाहिए। घर के ईशान कोण की दिशा में अपना मुंह कर असन पर बैठें। प्रयोग सिद्ध होने पर जल लेकर जड़ को अभिमंत्रित करने के लिए 108 बार मंत्र का जाप करें और हर बार दाएं हाथ से उसपर जल छिड़कंे। इस तरह से अभिमंत्रित जड़ के छोटे से टुकड़े को मुंह में लेकर वशीकरण का प्रयोग किया जाता है।

दूसरा मंत्रः ऊँ पिंगलायै नमः

इस मंत्र का विधिवत अनुष्ठान के दौरान कुल 1188 बार जाप किया जाना चाहिए। इसके लिए सूर्योदय के समय सुनहला परिधान धारण करना चाहिए। वैसे भगवा रंग के कपड़े भी पहने जा सकते हैं।

आम के पत्ते से वशीकरण

आम के पत्ते से वशीकरण


आम के पत्ते से वशीकरण, आम के पत्ते का उपयोग वैदिक पूजा-पाठ के लिए बहुत ही शुभ माना गया है, जबकि इसका वशीकरण के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। तांत्रिक साधना हो या फिर दूसरे तरह के अनुष्ठान उनमें पीपल, तुलसी, पान आदि के पत्तों की तरह ही आम का पत्ता अचुक प्रभाव देता है। इस बारे में कुछ विशेष उपाय इस प्रकार हैंः-

आम के पत्ते से वशीकरण

सहवास के वास्ते वशीकरणः कई बार स्त्री की यौनकांक्षा में अरूचि पैदा हो जाती है। दंापत्य जीवन में सुख की कमी आने का यह एक कारण बन सकता है। इसके लिए पत्नी की इच्छा के बगैर सहवास का आनंद एकतरफा होता है। इसलिए पत्नी में इसकी इच्छा जागृत करने के लिए आम के पत्ते का प्रयोग कर वशीकरण किया जाता है।

दो आम के साबूत पत्ते लें, जिसमें डंठल भी लगा हो। एक पत्ते पर पत्नी का नाम लिख लें और दूसरे पर नीचे दिए गए मंत्र लिखें। दोनों पत्तों को जोड़कर काले धागे से बांध दें। उसे काले धागे से ही गले में लटका लें और पत्नी के सामने जाएं या फिर उसकी तस्वीर देखें। मंत्र का तीन या पांच बार जाप भी करें। ऐसा करने पर पत्नी आपको देखते ही वशीभूत हो जाएगी। मंत्र इस प्रकार हैः-स़्त्री नमी विशि का्रांति हामी कुरु कुरु संभोगरी मणि मणि स्वः!!

सात आम के पत्तेः वशीकरण के लिए आम के सात पत्तों का यंत्र बनाएं। उसपर मंत्र प्रयोग करें। स्त्री या पुरुष को अपने वश में करने के लिए अपनाया जाने वाला प्रयोग बहुत ही अचूक असर करता है। यह यंत्र बंगाली वशीकरण यंत्र से जाना जाता है। इसके लिए अमावस्या के दिन आम के सात पत्ते तोड़ लाएं,

जो साबुत हों और कहीं से भी कटे-फटे नहीं हों। उनपर लाल स्याही या सिंदूर को पानी से गीला कर वशीकरण किए जाने वाले व्यक्ति का नाम लिखें। पत्तों को मोड़कर लाल धागे से माला की शक्ल दें। उसके बाद सफेद कागज पर 12 घरों का यंत्र बनाएं। उन घरों में ऊपरी खाने से शुरू करते हुए बाएं से दायीं ओर चलकर एक से आगे के अंक लिख दें।

यंत्र के नीचे वशीकरण किए जाने वाले व्यक्ति का नाम और मंत्र लिखें। इस तरह से वशीकरण यंत्र बन जाएगा। उसे सामने रखकर नीचे दिए गए मंत्र का 102 जाप करें। जाप के समय सरसों के तेल का दीपक जलाकर रखें। जाप खत्म होने के बाद कपूर के कुछ दानों के साथ यंत्र का जला डालें। बचे राख को हाथ में लें और व्यक्ति के होने की दिशा में दो फूंक मारकर राख को उड़ा दें। यह एक तरह से गुप्त रूप से किया जाने वाला टोटका है। जाप मंत्र हैः-

ऊँ वैश्य नमोः वन्य भवा काल क्लीं कुरुम प्श्यू देवों ह्रीं ह्रीं ह्रीं स्वः!!

प्रेमिका को सम्मोहित करनाः प्रेम में रूठना मनान तो चलता रहता है, लेकिन यदि प्रेमिका से मनमुटाव बढ़ जाए और उसका किसी दूसरे प्रति आसक्ति बढ़ जाए तब आम में पत्ते के साथ ऊपर बताए बंगाली तंत्र-मंत्र के टोटके को अपनाना चाहिए। इसी शुरूआत किसी भी माह के कृष्ण पक्ष की पहली तिथि से करते हुए दो चरणों में पूरा किया जाता है।

घर के किसी एकांत स्थान पर पूरब दिशा की ओर मुंह कर आसन लगाएं। अपने सामने रखे सरसो तेल का एक दीपक या चंदन की सुगंध वाली अगरबत्ती जलाएं। उसके बाद नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जाप करें। मंत्र में अमुक शब्द के आगे प्रेमिका नाम लें। जाप मंत्र है-

काली चिड़िया चिंग चिंग बोले, काली बनकर जाए!

अमुक को वश मंे करवाए, ना करवाई तो यति हनुमंत की आन!!

दूूसरे चरण में प्रयोग में अष्टमी के दिन हवन-सामग्री के साथ 108 बार आहूति देकर पहले चरण के मंत्र के साथ हवन करें। हवन सामग्री में आम के सूख पत्ते का उपयोग अवश्य करें और अंत में बंगाली वशीकरण

यंत्र की भी आहूति दे दें। हवन के समय मिठाई और फल रखें। जाप पूरा होने के बाद खाने की किसी एक मिठाई या फल को हाथ में लेकर सात बार मंत्र का उच्चारण करें। अभिमंत्रित मिठाई या फल प्रेमिका को खिला दें। यह उपाय रूठकर मायके जा बैठी पत्नी को मनाने के लिए भी किया जाता है।

आम के पत्ते का यंत्रः वशीकरण के लिए आम के मात्र एक पत्ते के साथ आजमाया हुआ बहुत ही आसान उपाय है। शाम के समय सूर्यास्त से पहले आम का ताजा पत्ता तोड़ लाएं। जिसे वशीभूत करना चाहते हैं पत्ते पर लाल सिंदूर से उसका नाम लिखें और सदाबहार फूलों के साथ लपेट कर आम के वृक्ष या फूल के पौधे के नीचे जमीन में गाड़ दें। अगले रोज सुबह सूर्योदय से पहले उसे निकालें और गायत्री मंत्र के 108 जाप के साथ नदी के बहते पानी में प्रवाहित कर दें।

शनिवार का टोटकाः वैसे तो शनिवार के दिन कई तरह के टोटके किए जाते हैं, जिनमें विभिन्न वस्तुआंे और पत्ते का इस्तेमाल होता है। परंतु शनिवार के दिन आम के पत्ते से प्रेमिक या पत्नी का वशीकरण किया जा सकता है। अपनी लंबाई के बराबर लाल रेशम का धागा लें और उसे धोकर आम के एक सबूत पत्ते में पर लपेट दें।

उससे पहले पत्ते पर प्रेमिका या पत्नी का नाम लिख दें। यह काम प्रातः सूर्योदय से पहले करें और नदी के बहते पानी में उसे ऊँ नमः शिवाय जाप करते हुए प्रवाहित कर दें। इस प्रयोग सोमवार के दिन से शुरू कर लगातार सात दिनों तक करें। आठवें दिन इसका असर दिखेगा।

आम का पत्ता और शहदः प्रेमिका का मन मोहने के लिए आम के पत्ते को शहद में डूबोकर मंत्र जाप और हवन करने से वशीकरण का अचूक असर होता है। इससे पहले मिट्टी के कुल्हड़ में शहद भरकर रखें। उसमें कपूर, लौंग का महीन चूर्ण और पान का रस डाल दें। इसमें प्रेमिका के निवास स्थान की थोड़ी मिट्टी मिला दें।

संभव हो तो प्रेमिका के पसंद के फूल को भी पीसकर डाल दें। उसके बाद भैरवी चक्र बनाकर देवी त्रिपुर मोहिनी की धूप और दीप से पूजन करें। पास में कुल्हड़ को रखें और नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जाप करें। मंत्र हैः–

ऊँ नमः देवी त्रिपुर, वशम् वशम् कुरु कुरु स्वाहा!!

इस जाप को 21 दिनों तक करने के बाद उसी दिन हवन सामग्री के साथ हवन करें। हर बार मंत्र जाप के साथ आम के पत्ते से कुल्हड़ के शहद को हवनकुंड में डालें। यह सावधानी से किया जाने वाला हवन होगा। इसमें हवन की आग बुझनी नहीं चाहिए। यह प्रयोग बहुत प्रभावित करने वाला है।

लाल मिर्च से वशीकरण

लाल मिर्च से वशीकरण


लाल मिर्च से वशीकरण, दोस्तों आपका वशीकरण के दुनिया में हार्दिक स्वागत है ।अगर आप किसी भी व्यक्ति को वशीकरण करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको हिचकने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि हम जो भी वशीकरण के टोटके लेकर आते हैं वह सिर्फ और सिर्फ आपके लिए ही होता है। दोस्तों आज हम जिस वशीकरण के टोटके के बारे में बताने जा रहे हैं आपको यह टोटका लाल मिर्च से संबंधित है।

लाल मिर्च से वशीकरण
लाल मिर्च से वशीकरण
जी हां दोस्तों आपको घबराने की जरूरत नहीं है हम आपको बता दें कि आज का हमारा टोटका लाल मिर्च पर आधारित है। शायद आप में से बहुत लोग नहीं जानते हैं कि लाल मिर्च के माध्यम से भी हम किसी को भी वशीभूत कर सकते हैं तो चलिए जानते हैं कि किस तरह लाल मिर्च का प्रयोग करके हम किसी भी व्यक्ति को वशीभूत कैसे करें?

दोस्तों ज्योतिष शास्त्र में लाल मिर्ची से भी वशीकरण किया जा सकता है। ऐसा ज्योतिष विद्या में उल्लेख किया हुआ है अगर आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा भरी पड़ी हुई है और आप उस नकारात्मक ऊर्जा को अपने घर से बाहर निकालना चाहते हैं तो आप लाल मिर्च के माध्यम से उस नकारात्मक ऊर्जा को बाहर कर सकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश करवा सकते हैं दोस्तों ।

आज हम लाल मिर्च से संबंधित कुछ ऐसा शक्तिशाली टोटका बताने जा रहे हैं जिसको आप अपने जीवन में अपना कर बहुत लाभ प्राप्त कर सकते हैं। दोस्तों अगर आप किसी व्यक्ति को अपने वश भूत करना चाहते हैं तो सबसे पहले एक लाल मिर्च लीजिए और उसमें सफेद स्याही से उसी व्यक्ति का नाम लिखिए जिस व्यक्ति को आप वशीभूत करना चाहते हैं।

मिर्च पर नाम लिखने के बाद आप उस मिर्ची को अपने दाहिने हाथ में लीजिए और इस मंत्र का जाप पूरे 37 बार कीजिए: –ऊं भरिवो वहिमारे लालमिरक्षो हुरू मुरू नुरू स्व:। इस मंत्र का 37 बार जाप करने के बाद आपको अपने दाहिने हाथ से लाल मिर्ची को बाहर निकाल कर उसे दो टुकड़ों में बांट देना है।

इस उपाय को करने के बाद आपको दो-तीन दिन के अंदर ही परिणाम मिलेगा जिस भी व्यक्ति को वशीभूत करना चाहते थे आप वह व्यक्ति आपसे वशीभूत हो जाएगा आप उस व्यक्ति को जो भी बात कहेंगे वह आप के अनुसार ही चलेगा।

हर व्यक्ति के जीवन में परेशानियां कभी भी बताकर नहीं आती है। वह बस चली आती है हम मानव का यह कार्य होता है कि वह अपने जीवन में आने वाली परेशानियों से डटकर लड़ाई करें और उन परेशानियों का उपाय निकाल कर उन परेशानियों से बचाव करें।

पहले के दिनों में इंसान के परेशानी का कोई ठोस किसी के भी पास नहीं था मगर आज जब से तंत्र विद्या ज्योतिष शास्त्र जैसी चीज़े विकसित हुई है तब से सारी परेशानियों का हल तंत्र शास्त्र में, ज्योतिष शास्त्र में उनके द्वारा अलग-अलग उपाय निकाल कर किया जाता है।

अगर आपके जीवन में भी बहुत सारी परेशानियां हैं और आप चाहते हैं कि तंत्र शास्त्र ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से उन उपायों का समाधान हो तो आप हमारे इस लेख को अच्छे से पढ़िए और हमारे द्वारा उपलब्ध कराएं गए टोटकों को अपने जीवन में जरूर अपनाएं।

आप जब भी कोई नया काम करने जाते है या कोई भी काम करने जाते हैं तो आपके उस काम में बाधा आती है और आप परेशान हो जाते हैं बाधाओं से तो हम आपको बता दे कि अब और आपको परेशानी नहीं होगी क्योंकि आज हम जो आपको उपाय बताने जा रहे हैं। इस उपाय को अगर आप अच्छे से करेंगे तो आपके जीवन में कोई भी बाधा कभी भी नहीं आएगी।

अगर आप लाल मिर्च के 21 दाने को किसी जलीय पात्र में डाल दें और उस पात्र से ही हर दिन 21 दिन तक लगातार सूर्य को सूर्योदय के समय अर्घ देते हैं और इस मंत्र का जाप करते हैं:-

ऊं तुष्टा नम:

जाप करते वक्त आप अपने प्रभु अपने ईश्वर, अपने आराध्य देव से प्रार्थना करते हैं कि हे प्रभु मेरे जीवन में आने वाली जितनी भी बाधा है उन सारी बाधाओं को आप दूर कीजिए ऐसे बोलने से आपके ईश्वर आप से संतुष्ट होंगे और आपके किसी भी कार्य में कोई भी बाधा कभी भी उत्पन्न नहीं होगी।

अगर आपके बच्चों को जल्दी नजर लग जाती हैं या आपके घर में कोई ऐसा व्यक्ति है जिस पर कोई नजर लगी हुई है तो आप एक काम कीजिए लाल मिर्च लीजिए और बच्चे पर या उस व्यक्ति पर 21 बार लाल मिर्च घुमाकर उस लाल मिर्च को किसी चूल्हे या गैस के ऊपर जला दीजिए।

अगर लाल मिर्च को जलाते वक्त कोई गंध नहीं आता है तो आप समझ जाइएगा कि आप पर किसी ने बहुत बुरा नजर डाला हुआ है। इस तरीके से उपाय करके आप अपने बच्चों को या घर के लोगों को बुरी नजरों से बचा सकते और अगर बुरी नजर लगी है तो उस नजर को आप कटवा सकते हैं।

यदि आप बहुत चिंतित रहते हैं और डिप्रेशन के शिकार व्यक्ति है तो हम आपको बता दें लाल मिर्च आपके डिप्रेशन को कम कर सकते हैं। आप सोच रहे होंगे कि लाल मिर्च भला कैसे डिप्रेशन को कम कर सकता है तो दोस्तों हम आपको बता दें कि अगर आप हर दिन लाल मिर्च के दानों को जल में मिलाकर उसी जल को दिन में किसी भी समय सूर्य को अर्पित करते हैं तो इससे आपकी डिप्रेशन की समस्या खत्म हो जाएगी और आप डिप्रेशन से मुक्त हो जाएंगे।

अगर आपका कोई कोर्ट केस काफी सालों से चल रहा है या फिर सरकारी दफ्तरों में आपकी कोई सुनवाई या कार्रवाई हो रही है और उससे आप राहत चाहते हैं तो आप किसी भी दिन अंक के दूध में लाल मिर्च के साथ पीली सरसों मिलाकर हवन कीजिए इससे आपका जो भी केस है उससे आपको राहत मिलेगी।

तो दोस्तों यह थे वे सारे आसान उपाय जिनको आप आसानी से अपने घर पर बैठकर कर सकते हैं और अपने सारे मुसीबतों से बाहर निकल सकते है। दोस्तों अगर आपको आज का हमारा यह उपाय पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें।

जल्दी शादी होने के उपाय

जल्दी शादी होने के उपाय


जल्दी शादी होने के उपाय, शुक्र ग्रह विवाह के लिए जिम्मेदार होता है। कहां जाता है कि जिस भी व्यक्ति का शुक्र ग्रह अच्छा होता है उन लोगों का दांपत्य जीवन खुशहाल रहता है। एक पुरुष के जन्मजात चार्ट में एक अच्छी तरह से रहने वाला शुक्र ग्रह उसे एक अच्छी पत्नी देता है। वहीं दूसरी ओर ग्रह बृहस्पति: यह ग्रह विवाह के लिए भी जिम्मेदार होते है। हंसमुख दांपत्य जीवन के लिए बृहस्पति स्त्री जातक की कुंडली में मुख्य भूमिका निभाता है।

लाभकारी ग्रह के चिन्ह में 7 वाँ स्वामी और शुक्र के अपने उच्चाटन या स्वयं के चिन्ह में या अपने उच्चाटन के चिन्ह में शीघ्र विवाह का संकेत देता है। 7 वें घर में सूर्य और 7 वें स्वामी शुक्र के साथ विवाह होता है जो जल्दी शादी भी कर देता है।

जल्दी शादी होने के उपाय

द्वितीय भाव में शुक्र और 11 वें घर में 7 वें स्वामी का भी शीघ्र विवाह होता है लग्नेश जैसे लग्न से केंद्र में शुक्र, और लग्न स्वामी शनि के राशि में है भी शीघ्र विवाह कराता है। लग्न से केंद्र में शुक्र और शुक्र से 7 वें में शनि भी शीघ्र विवाह कराता है। चंद्रमा से 7 वें में शुक्र और 7 वें में से शनि भी समय पर विवाह देता है।

दोस्तो आप सब सोच रहे होंगे कि हम आज विवाह के संपर्क में ही क्यों बात कर रहे हैं। ग्रहों का विवाह के साथ क्या संबंध हो सकता है तो दोस्तों हम आपको बता दें आज हम जल्दी विवाह होने के तरीके के बारे में आपके साथ चर्चा करने जा रहे कि किस तरह उपाय करके आप अपना विवाह जल्दी करवा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं उन उपायों के बारे में जिनको अपनाकर आप जल्दी विवाह कर सकते हैं।

जैसा कि हमने आपको पहले ही बता दिया है कि कौन सा ग्रह यानि कि शुक्र ग्रह जिसका मजबूत होता है उसी व्यक्ति को जीवन साथी भी अच्छा मिलता है और उस व्यक्ति का वैवाहिक जीवन हंसी हंसी खुशी- खुशी भी बित जाता है। अर्थात अगर आप जल्दी विवाह करना चाहते हैं तो उससे पहले आप अपनी जन्म कुंडली या किसी अच्छे पंडित से दिखा लीजिए अगर आप के नक्षत्र में शुक्र ग्रह मजबूत है तो आपका विवाह जल्द ही जल्दी निश्चित हो जाएगा।

अगर आपका शुक्र ग्रह खराब है और किसी कारणवश आप का विवाह रुका हुआ है जल्दी नहीं हो रहा है तो उसके लिए भी आप चिंता मत कीजिए क्योंकि आज हम उसी विषय पर ही तो चर्चा करने जा रहे हैं कि किस तरह उपाय करके आप अपना विवाह जल्दी करवा सकते हैं। आप बस हमारे द्वारा बताए गए उपायों को अच्छे से पढ़ ले समझे एवं अपने जीवन में अपनाएं।

अगर आप विवाह योग्य हो चुके हैं मगर आपका विवाह आपके कुंडली में राशि नक्षत्रों के वजह से रुका हुआ है और ठीक से संपन्न नहीं हो रहा है या टूट जा रहा है तब चिंता मत कीजिए आप प्रत्येक गुरुवार को जब भी नहाएं तब उस नहाने वाले पानी में चुटकी भर हल्दी डालकर नहा लीजिए।

कई बार बृहस्पति की दशा खराब में होने के वजह से भी शादी रुक जाता है अगर आप ऐसा करेंगे गुरुवार को तो इससे आपका बृहस्पति मजबूत होगा और आप का विवाह जल्दी संपन्न हो जाएगा।

आप जहां सोते हैं उसके सिरहाने आप किसी भी शुक्रवार के दिन 8 छुहारे खरीद कर लेकर आए बाजार से और उसे उबाल कर अपने सिरहाने के पास रख दीजिए और शनिवार जैसे ही हो वैसे आप सुबह उठ कर नहा धोकर उन छुवारों को किसी बहते हुए पानी में बहा दीजिए इससे जो आपका विवाह इतने दिनों से रुका हुआ था वह विवाह संपन्न होगा और जल्दी ही आपका विवाह हो जाएगा।

अगर आप स्त्री हैं और आप का विवाह नहीं हो रहा है तब चिंता मत कीजिए आपको किसी के भी विवाह के समय जाना है और जो भी दुल्हन है उसके हाथों से अपने हाथों में मेहंदी लगवाना है ऐसा करने से आप का विवाह जल्दी तय हो सकता है ऐसा बहुत से क्षेत्रों में बहुत से लोगों ने ऐसा उपाय करके लाभ हासिल किया है। क्या पता आप भी अगर यह उपाय करें तो आपका भी विवाह जल्दी हो सकता है इसलिए इस उपाय को अवश्य करके देखें।

बहुत से लोगों के राशि में सूर्य की दशा ठीक ना होने कारण के कारण भी विवाह अटका रहता है अगर आपके कुंडली में भी सूर्य भगवान के कारण, सूर्य ग्रह के कारण आप का विवाह अटका हुआ है तो आप चिंता मत कीजिए आप प्रातःकाल जल्दी उठ कर नहा धोकर सूर्य भगवान को जल का अर्घ दीजिए और ओम सूर्याय नमः मंत्र का उच्चारण करके 11 बार सूर्य भगवान के सामने खड़े होकर इस मंत्र का जाप कीजिए आपका विवाह अवश्य ही जल्दी हो जाएगा।

ऊं सोमेश्वराय नमः– अगर आप नारी हैं तो आप हर सोमवार को दूध वाला जल से भगवान शिव के ऊपर डालिए और इस मंत्र का जाप करते हुए मन ही मन भगवान शिव से प्रार्थना कीजिए कि हे शिव शंभू मेरा विवाह जल्दी से संपन्न हो जाएं।

आप महिला हो या पुरुष अगर आप शिव पार्वती जी की मूर्ति की स्थापना या चित्र की स्थापना अपने घर पर कर हर सोमवार को शिव-पार्वती का पूजन करते हैं उनका नाम जप इत्यादि करते हैं तो अवश्य ही आपका विवाह जल्दी संपन्न हो जाएगा और आपके घर परिवार वाले जो आपके विवाह को लेकर परेशान हैं उनकी परेशानियां दूर हो जाएगी क्योंकि आपका विवाह इस पूजन से जल्द से जल्द हो जाएगा।

अगर आपके ऊपर शनि देव का प्रभाव है जिस वजह से अब का विवाह नहीं हो रहा है तो आप चिंता मत कीजिए प्रत्येक शनिवार को तिल से भगवान शिव को नहलाएं। इससे शनि की दशा जो है वह खत्म हो जाएगी और आपका विवाह जल्दी हो जाएगा।

अगर आपके ऊपर राहु की दशा चल रही है जिसके कारण विवाह में रूकावटें आ रही है तो इसमें भी चिंता मत कीजिए आप हर शनिवार को बहते हुए पानी में नारियल बहा दीजिए इसे राहु का जो दशा है वो कट जाएगा और जल्दी हो जाएगा आपका विवाह। आशा करते हैं दोस्तों कि आपको आज का हमारा यह उपाय पसंद आएगा।

नारी वशीकरण मंत्र

नारी वशीकरण मंत्र


नारी वशीकरण मंत्र, नारी अपनी अद्भुत सुंदरता, भाव-भंगिमा, प्रेम की आतुरता, चंचलता और यौन-आकर्षण के लिए जानी और पहचानी जाती है, तो उसके पहेलीनुमा मनोविज्ञान और विचार को त्रिया चरित्र का नाम दिया गया है। यही कारण है कि किसी भी पुरुष के लिए नारी का वशीकरण आसान नहीं होता है। मनपसंद स्त्री को सम्मोहित करने और उसे वशीभूत बनाए रखने के लिए काफी प्रयास करने होते हैं।

नारी वशीकरण मंत्र

वैदिक और ज्योतिषीय उपाय से लेकर तंत्र-मंत्र साधना, जादू-टोना और टोटके के तरीके अपनाए जाते हैं। वशीकरण के कुछ विभिन्न तरीके इस प्रकार हैं, इसके विशेष गुरु के परामर्श और दिशा-निर्देश पर किया जाना चाहिए। क्योंकि वशीकरण साधना और मंत्र-जाप में काफी सावधानी बरतनी पड़ती है।

वैदिक या तांत्रिक अनुष्ठान अटल आत्मविश्वास और निर्भयता के साथ किए जाते हैं। वैसे नारी वशीकरण का प्रयोग उसके आचरण में बदलाव लाने और मन में प्रेम भाव जगृत करने के लिए किया जाना चाहिए। इसमें अनैतिक संबंध बनाने के लिए किया गया उपाय गलत और उलटा परिणाम दे सकता है।

नारी वशीकरण मंत्रः जिस किसी मनपसंद नारी को आप दिल से चाहते हैं, उसके वशीकरण के लिए निम्नलिखित मंत्र का ग्रहण काल में 11,000 जाप करना चाहिए। यह मंत्र रविवार, गुरुवार और मंगलवार के दिन करें। प्रातः स्नान आदि के बाद दैनिक पूजा के दौरान बायीं हथेली पर वशीकरण किए जाने वाली नारी और दाईं पर अपना नाम लिखकर जाप करें। तीन दिनों के अनुसार जाप संख्या को बांट लें। मंत्र हैः-ऊँ कामिनी रंजनि स्वाहा।

काजल से वशीकरणः स्त्री का वशीकरण काजल से भी किया जा सकता है, लेकिन उसे विशेष तरह से अपाके द्वारा बनाए जाने चाहिए। होली या दीपावली के दिन लाल एरंड के पेड़ की लकड़ी तोड़ लाएं। उसे शाम में जलाकर काजल बनाएं। उस काजल को मंगलवार या रविवार के दिन सूर्यास्त के बाद अपनी आंख में लगाएं और नीचे दिए गए मंत्र का 1100 बार जाप करें। मंत्र हैः-

ऊँ नमो कालभैरुं काली रात, काला चाला, आधी रात, काला रे तू मेरा वीर

प्रनारी ते राखे सीर, बेगी जा छाती पर ल्यात सूती होय तो जगाया ल्यात!

सात दिन की साधनाः नीचे दिए गए वैदिक मंत्र का ग्रहण काल में 10,000 बार जाप करने से स्त्री वशीभूत हो जाती है। ग्रहण काल के समय मन में स्त्री का ध्यान करते हुए अपने इष्टदेव को याद करें। साथ में एक लोटा पानी रखें। नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें। इस दौरान बीच-बीच में पानी भी पीते रहें। ऐसा कर आप पानी को मंत्र से अभिमंत्रित कर लेंगे।

उसके बाद सुबह कुल्ला कर उसी लोटे में ताजा पानी भरें। अभिमंत्रित मंत्र का 11 बार जाप के बाद पूरा पानी पी जाएं। इस प्रक्रिया को सात दिनों तक करें। आप देखेंगे कि आपके सात दिनों की साधना जबरदस्त रंग दिखाएगी और स्त्री आपके सम्मोहन में आ जाएगी। मंत्र हैः- ऊँ नमः क्षिप्र कामिनी अमुकीं में वशमानय स्वाहा!!

शाबर वशीकरण मंत्रः मनचाही स्त्री के वशीकरण के लिए नीचे दिए गए शाबर मंत्र का उपयोग भी महत्वपूर्ण तरीका है। इसके लिए मंत्र को कंठस्थ करें उसके जरिए मुट्ठी भर मिट्टी अभिमंत्रित करें। प्रयोग विधि बहुत ही सरल है। शाम के समय सूर्यास्त के ठीक बाद दाएं हाथ में मिट्टी रखें और घर के किसी एकांत में पूर्व दिशा की ओर मुंह कर बैठ जाएं। मंत्र का एक बार जाप करें और फिर मिट्टी पर फूंक मारें।

इस तरह से कुल 21 बार जाप करें। इसके लिए आत्मविश्वास की जरूरत होती है। अभिमंत्रित मंत्र का प्रयोग करने के लिए उसे किसी पुड़िया में संभाल कर रख लें। जब भी मनपसंद स्त्री आपके पास आए आप चुपके से पुड़िया में रखे अभिमंत्रित मिट्टी का एक चुटकी उसके सिर पर डाल दें और उसपर अपना विश्वास पूर्ण अधिकार जताएं। जाप का मंत्र हैः-

काला कलुआ चैंसठ वीर, ताल भागी तोर!

जहां को भेजूं वहीं को जाए, मांस-मज्जा को शब्द बन जाए!!

अपना मारा आप दिखाए!!!

चलत वाण मारूं, उलट मूठ मारूं!

मार कलुआ, मार, तेरी आस पर चार चैमुखी दीया!

मार वादी की छाती पर।

इतना काम मेरा न करे तो तुझे, माता का दूध हराम!

नमक और शाबर मंत्रः आंचलिक भाषा में उच्चारण में सरल शाबर मंत्र अचूक प्रभाव देता है। इससे पहले घर में उपलब्ध साधारण सामन पर प्रयोग कर अभिमंत्रित कर लिया जाता है, फिर उसका प्रयोग वशीकरण में होता है। यहां नीचे दिए गए मंत्र जाप और प्रयोग से केवल स्त्री का ही वशीकरण किया जाता है।

तांत्रिक या शाबर मंत्र प्रयोग के आध्यात्मिक गुरु के अनुसार इसके लिए गुरुवार की संध्या का समय उपयुक्त है। घर के किसी एकांत स्थान पर आसन लगाएं। मुंह पूरब की ओर रखें। अपने साथ छोटी सी ढक्कन वाली डिब्बी में नमक रखें। नमक की डिब्बी को बगैर ढक्कन के दाएं हाथ की हथेली पर रखें और नीचे दिए गए शाबर मंत्र का 21 बार उच्चारण के साथ जाप करें।

हर जाप के बाद डिब्बी के नमक पर फूंक मारें। उसके बाद डिब्बी को बंद कर नमक को सुरक्षित रख लें। इस प्रक्रिया को गुरुवार से लगतार पांचवें गुरुवार तक करें। यानी कि मंत्र जाप कुल 29 दिनों तक किया जाना है। प्रतिदिन का जाप स्थान और समय में बदलाव नहीं करें और अनियमितता नहीं होने दें। जाप मंत्र हैः-

ऊँ भगवती भग भाग दायिनी अमुक(यहां वशीकरण की जाने वाली स्त्री का नाम उच्चारित करें।) ममः वश्यं कुरु कुरु स्वाहा!!

पूरी तरह से अभिमंत्रित नमक स्त्री को खिला दें। ऐसा करते ही उस स्त्री के साथ बातचीत में आपके प्रति घुलनशीलता बढ़ेगी और वह धीरे-धीर वशीभूत होने लगेगी।

अविवाहित लड़की का वशीकरणः प्रेम संबंध में मधुरता लाने या रूठी प्रेमिका को मनाने के लिए कन्या वशीकरण मंत्र का प्रयोग किया जा सकता है। वे मंत्र हैंः-

ऊँ नमः कामाक्षी देवी(लड़की का नाम) नारी में वशं कुरु कुरु स्वाहाः!!
ऊँ नमो काली भैरव निशि राती काल आया आधा,
रात चलती कतार बांधे तू बावन बार पर नारी से राखे!

गीर मन पकरी वाको लावे सोवति का जगाय लावे,

बैठी को उठाय लावे फुरो मंत्र इश्वरो वाचा!!

ऊँ नमो अघोरे ही अघोरे हुं घोर घोरतरे सर्व सर्वे,
नमस्ते रूपे हः ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे विच्चे!

नवाक्षर चंडीमात्रेण निमंत्रयेत्तव बलिपुर्वकम््!!

इनमें किसी एक मंत्र का जाप कम से कम 21 बार और अधिक से अधिक 108 बार प्रातः अपनी सुविधा के अनुसार किया जा सकता है। इसकी शुरूआत से पहले मन में लड़की का सात बार नाम लिया जाना चाहिए।

अमरबेल से वशीकरण

अमरबेल से वशीकरण


अमरबेल से वशीकरण, क्या आपने कभी इससे पहले इस नाम को सुना है आज हम अमरबेल से वशीकरण के बारे में आपको बताने जा रहे हैं दोस्तों।

आप में से बहुत लोगों के लिए यह नाम नया है क्योंकि अमरबेल के बारे में बहुत सारे लोगों को अच्छी तरीके से कोई जानकारी नहीं है तो हम अमरबेल से वशीकरण के बारे में जानने से पहले अमरबेल के बारे में कुछ बातें जानते हैं।

दोस्तों अमरबेल नाम से आप लोग अपरिचित है लेकिन जब हम आपको इसके बारे में बताएंगे कि यह कहां मिलता है एवं यह कैसे दिखता है तो आपको हैरानी होगी क्योंकि यह हमारे आसपास ही देखने को मिलता है।

अमरबेल से वशीकरण

अमरबेल एक लता है जो अक्सर बबूल के पेड़ पर,पीपल के पेड़ पर एक लते की तरह रहता है अमरबेल को आप शहरों में कम एवं गांवों में ज्यादा देखेंगे। यह अमरबेल वैसे बहुत ख़तरनाक लता है यह जिस भी पेड़ में चिपक जाता है वह पेड़ मर जाता है।

अमरबेल एक जड़ी बूटी है। लोग दवा बनाने के लिए जमीन के ऊपर के हिस्सों का उपयोग करते हैं। मूत्र पथ, तिल्ली और यकृत संबंधी विकारों के इलाज के लिए इसका उपयोग किया जाता है। अमरबेल का अपना कोई वजूद नहीं होता है यह दूसरों पर आश्रित एक लता है।

दोस्तों यह आपके स्वास्थ्य को ठीक रखने सकता है क्योंकि यह उपचार के क्षेत्र में बहुत लाभकारी सिद्ध हुआ है। अगर आपके शरीर में रक्त संचार कम होता है तो यह अमरबेल आपके शरीर के रक्त संचार को बढ़ा देगा। आइए जानते हैं कि कैसे आप अपने शरीर के हर अंग के ऊपर वशीकरण पा सकते हैं अपने रोगों को वशीभूत कर सकते हैं इस अमरबेल के माध्यम से।

जिन लोगों को पिंपल्स फोड़े फुंसी इत्यादि होते रहते हैं उनके शरीर में रक्त खराब होता है इस वजह से उनको चेहरे पर फोड़े फुंसी निकलते रहते हैं मगर अगर आप अमरबेल के ताजी फलियों को तुलसी के पत्ते के साथ चबा कर खा लेंगे या चूस लेंगे तो आपको फोड़े फुंसी से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा और आपका चेहरा बिल्कुल सुंदर दिखने लगेगा और आपके शरीर में रक्त का प्रभाव भी बढ़ जाएगा।

अगर आप 1 हफ्ते तक ऐसा लगातार करेंगे तो इससे आपका रक्त संचार अच्छी तरीके से होगा एवं हृदय से संबंधित रोग भी आपका दूर हो जाएगा और आपको भविष्य में कभी भी हार्टअटैक से संबंधित कोई भी समस्या नहीं होगी यानी कि आप जीवन भर के लिए सुरक्षित हो गए।

जिनको टॉयलेट के रास्ते में प्रॉब्लम होती है जिनको मूत्र से संबंधित बीमारियां है वह भी अमरबेल का प्रयोग करके अपने इस बीमारी को ठीक कर सकते हैं अगर आप अमर बेल के पत्ते का रस रोजाना पिएंगे तो आप का मूत्र से संबंधित सभी समस्याएं दूर हो जाएगी और इस तरीके से आप अपने मूत्र संबंधित रोग को भी वशीभूत कर सकते हैं अमरबेल के माध्यम से।

अगर आपके घर में कोई छोटा सा बच्चा है जो किसी भी चीज को याद नहीं रख पा रहा है या आप स्वयं किसी चीज को रख कर भूल जाते हैं यानी कि आपकी याददाश्त शक्ति कमजोर है तो अमरबेल आपके याद शक्ति को मजबूत करता है इस तरह से आप अपने याद शक्ति को भी वशीभूत कर सकते हैं अमरबेल के माध्यम से।

अगर आप अमरबेल के फूलों से गुलकंद बनाकर रोजाना खाते हैं तो इससे आपके याद शक्ति मजबूत होगी एवं बढ़ेगी यहां तक कि आप एक बार जो चीज को देख लेंगे पढ़ लेंगे समझ लेंगे उस बात को आप कभी भी जिंदगी में नहीं भूलेंगे।

आप में से बहुत से लोग अपने दांतों के पीलेपन को लेकर घबराए हुए रहते हैं आप लोग समाज में जाने से पहले हंसने से भी डरते हैं एवं छुपकर हंसते हैं और अपने दांतो को देखते हैं मगर अमरबेल के माध्यम से आपकी यह समस्याएं भी दूर हो जाएगी और आप अपने दांतों के पीलेपन को भी वशीभूत कर सकते हैं तो चलिए जानते कि किस तरह अमरबेल के माध्यम से आप अपने दांतों के पीलेपन को बिल्कुल सफेद करके हीरे जैसा चमचमा सकते हैं।

आप अपने दांतों के पीलेपन को हमेशा हमेशा के दूर करने के लिए अमरबेल के पत्तों के रस के साथ सादा नमक मिलाकर उसे अपने दांतो पर रोजाना लगाइए इससे आपके दातों का पीलापन धीरे-धीरे दूर हो जाएगा और आपके दांत बिल्कुल सफेद हो जाएगा ।

जो महिला एवं पुरुष अपने चेहरे को लेकर थोड़ा सेंसेटिव रहते हैं और बात-बात पर डॉक्टर के पास या पार्लर में दौड़ते अपने चेहरे की सुंदरता को निखारने के लिए तो हम आपको बता दे अमरबेल के माध्यम से भी अपने चेहरे को निखार सकते हैं आप और सुंदर बना सकते हैं।

अमरबेल से दूध टाइप का कुछ निकलता है उस दूध को अगर आप अपने चेहरे पर हर 2 दिन 3 दिन या हफ्ते में एक बार लगा सकते हैं तो आपके चेहरे पर अलग सा निखार आएगा अलग से सुंदरता आएगी। यह सुंदरता बिल्कुल प्राकृतिक होगी इसके लिए आपको ना ही किसी क्रीम का इस्तेमाल करना है और न किसी पाउडर का यह नेचुरल तरीके से आपके चेहरे को निखार देगा।

आप में से बहुत लोगों को चोट लगते हैं वह चोट सूखने में बहुत समय लग जाता है अगर आप अमरबेल का पूरे जड़ का काढ़ा बना लेते हैं और उस काढ़े को अपने गांव पर या चोट पर छिड़का देते हैं तो आपका घाव एक-दो दिन के अंदर सूख जाएगा एवं पकेगा भी नहीं जिन लोगों के घाव चोट पक जाते हैं उन लोगों के लिए यह अमर बेल का चूर्ण बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

आज के इस युग में हर घर में कोई ना कोई जोड़ों के रोग से पीड़ित है अगर आपके घर में भी कोई ऐसा है जो जोड़ों के दर्द से घुटनों के दर्द से पीड़ित है तो आप उनके लिए अमरबेल के पूरे एक जड़ से एक पेस्ट बना दीजिए और पेस्ट को लगा दीजिए जिनको घुटनों में प्रॉब्लम है दिक्कत है ऐसा करने से घुटनों का दर्द दूर हो जाता है और दोबारा कभी भी दर्द नहीं होगा। आप कुशल रहे।